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गर्मी से बढ़े डायरिया के मरीज
अमर उजाला, औरैया
Updated Wed, 07 Jun 2017 12:01 AM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया के मरीज।
- फोटो : amar ujala
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भीषण गर्मी से डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। हालत यह है कि जिला अस्पताल में बेड हाउस फुल पर पहुंच गए है। सबसे अधिक बच्चे डायरिया की चपेट में हैं जिन्हें भर्ती किया जा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सात सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीज गर्मी के वजह से हुई बीमारी से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं।
मंगलवार के दिन जिला अस्पताल में डायरिया से बच्चे ही नहीं बड़े भी वार्ड में आए जिन्हें ग्लूकोस की बोतलें लगाई र्गइं। अस्पताल में सुबह से ही मरीजों का तांता लग रहा है। अधिकतर मरीज गर्मी की वजह से हुई बीमारियों से ग्रसित थे। बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। डाक्टराें ने बताया कि भीषण गर्मी का विपरीत असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जीपी चौधरी ने बताया कि मंगलवार को 250 मरीजों को देखा। उन्होंने कहा कि लोग गर्मी से बचाव करें। गर्मी से व्याकुल होने पर लापरवाही न करें बल्कि डाक्टरों को दिखाएं। डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि उन्होंने 12 बजे तक 150 मरीजों को देखा है जिनमें गर्मीजनित बीमारियों के ही मरीज उनके पास आए। कई मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती करना पड़ा जिनका उपचार चल रहा है। डा. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि पानी का कम सेवन करना डायरिया को बुलावा देना है। उल्टी-दस्त होने पर तरल पदार्थ की मात्रा शरीर में अधिक होनी चाहिए।
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मंगलवार के दिन जिला अस्पताल में डायरिया से बच्चे ही नहीं बड़े भी वार्ड में आए जिन्हें ग्लूकोस की बोतलें लगाई र्गइं। अस्पताल में सुबह से ही मरीजों का तांता लग रहा है। अधिकतर मरीज गर्मी की वजह से हुई बीमारियों से ग्रसित थे। बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। डाक्टराें ने बताया कि भीषण गर्मी का विपरीत असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जीपी चौधरी ने बताया कि मंगलवार को 250 मरीजों को देखा। उन्होंने कहा कि लोग गर्मी से बचाव करें। गर्मी से व्याकुल होने पर लापरवाही न करें बल्कि डाक्टरों को दिखाएं। डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि उन्होंने 12 बजे तक 150 मरीजों को देखा है जिनमें गर्मीजनित बीमारियों के ही मरीज उनके पास आए। कई मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती करना पड़ा जिनका उपचार चल रहा है। डा. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि पानी का कम सेवन करना डायरिया को बुलावा देना है। उल्टी-दस्त होने पर तरल पदार्थ की मात्रा शरीर में अधिक होनी चाहिए।
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