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अस्पताल से महिला को बच्चा ही नहीं मिला
औरैया
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:17 AM IST
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डीएम से शिकायत करने पहुंचा पीड़िता का पति।
- फोटो : अमर उजाला
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सौ बेड अस्पताल में एंबुलेंस न मिलने से नवजात की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। पीड़ित दंपति का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने मृत बच्चा पैदा होने की सूचना दी थी। बच्चा न तो दिया और न ही दिखाया था। पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
फफूंद क्षेत्र के नौली में रहने वाले श्याम प्रकाश की पत्नी सीतू को सोमवार को प्रसव पीड़ा पर आशा सौ शैय्या अस्पताल लेकर आई थी। सीतू से बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा गया। सीतू को एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई। पति सीतू को कड़ी धूप में लिए घूमता रहा। प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। अमर उजाला ने इस मामले को मुद्दा बनाया था। इस पर डीएम ने जांच बैठा दी।
गुरुवार को श्याम प्रकाश डीएम कार्यालय पहुंचे। इन्होंने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि सौ शैय्या अस्पताल में प्रसव के लिए एएनएम ने रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। वह एंबुलेंस चालक से गिड़गिड़ाता रहा। किसी का दिल नहीं पसीजा। वह पत्नी को लेकर धूप में टेंपो से दस किलोमीटर गया। इसके बाद अल्ट्रासाउंड कराया।
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प्रसव के बाद मृत बच्चा होने की जानकारी दी गई। सीएमएस से नवजात का शव मांगा था। इस पर उन्होंने हड़काकर भगा दिया। उन्होंने कहा था, बच्चा मरा हुआ था। उसे फेंक दिया। इसके बाद एक डाक्टर ने धमकाकर सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। कर्मचारी एंबुलेंस से घर भेज गए। पीड़ित ने बताया कि उसने और पत्नी ने बच्चे को देखा तक नहीं। पीड़ित ने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
सीएमओ के हवाले है जांच
डीएम के.बालाजी ने सीएमओ डा.गिरीश कुमार मिश्रा को जांच सौंपी है। सीएमओ के मुताबिक सघन जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच पीड़िता को एंबुलेंस न मिलने, स्ट्रेचर का अभाव, अधिकारी व कर्मचारियों की मौजूदगी पर फोकस है।
नया खुलासा चौंकाने वाला
श्याम प्रकाश के नवजात की लाश हवाले न करने का खुलासा चौंकाने वाला है। यह अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही के साथ ही यहां चल रहीं साजिशों की ओर भी इशारा कर रहा है। सूत्रों की मानें तो ठीक से जांच होने पर कई की गर्दनें नप सकती हैं।
छुट्टी पर थे उस दिन:सीएमएस
सीएमएस राजीव रस्तोगी ने बताया कि घटना के दिन वह छुट्टी पर थे। दूसरे दिन दंपति मिले थे। तब इस बारे में कोई शिकायत नहीं की। इसके बाद भी जांच कराई जाएगी।
डीएम ने मांगी रिपोर्ट
डीएम के बालाजी ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच टीम गठित की जा रही है। टीम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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फफूंद क्षेत्र के नौली में रहने वाले श्याम प्रकाश की पत्नी सीतू को सोमवार को प्रसव पीड़ा पर आशा सौ शैय्या अस्पताल लेकर आई थी। सीतू से बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा गया। सीतू को एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई। पति सीतू को कड़ी धूप में लिए घूमता रहा। प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। अमर उजाला ने इस मामले को मुद्दा बनाया था। इस पर डीएम ने जांच बैठा दी।
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गुरुवार को श्याम प्रकाश डीएम कार्यालय पहुंचे। इन्होंने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि सौ शैय्या अस्पताल में प्रसव के लिए एएनएम ने रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। वह एंबुलेंस चालक से गिड़गिड़ाता रहा। किसी का दिल नहीं पसीजा। वह पत्नी को लेकर धूप में टेंपो से दस किलोमीटर गया। इसके बाद अल्ट्रासाउंड कराया।
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प्रसव के बाद मृत बच्चा होने की जानकारी दी गई। सीएमएस से नवजात का शव मांगा था। इस पर उन्होंने हड़काकर भगा दिया। उन्होंने कहा था, बच्चा मरा हुआ था। उसे फेंक दिया। इसके बाद एक डाक्टर ने धमकाकर सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। कर्मचारी एंबुलेंस से घर भेज गए। पीड़ित ने बताया कि उसने और पत्नी ने बच्चे को देखा तक नहीं। पीड़ित ने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
सीएमओ के हवाले है जांच
डीएम के.बालाजी ने सीएमओ डा.गिरीश कुमार मिश्रा को जांच सौंपी है। सीएमओ के मुताबिक सघन जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच पीड़िता को एंबुलेंस न मिलने, स्ट्रेचर का अभाव, अधिकारी व कर्मचारियों की मौजूदगी पर फोकस है।
नया खुलासा चौंकाने वाला
श्याम प्रकाश के नवजात की लाश हवाले न करने का खुलासा चौंकाने वाला है। यह अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही के साथ ही यहां चल रहीं साजिशों की ओर भी इशारा कर रहा है। सूत्रों की मानें तो ठीक से जांच होने पर कई की गर्दनें नप सकती हैं।
छुट्टी पर थे उस दिन:सीएमएस
सीएमएस राजीव रस्तोगी ने बताया कि घटना के दिन वह छुट्टी पर थे। दूसरे दिन दंपति मिले थे। तब इस बारे में कोई शिकायत नहीं की। इसके बाद भी जांच कराई जाएगी।
डीएम ने मांगी रिपोर्ट
डीएम के बालाजी ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच टीम गठित की जा रही है। टीम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।