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चचेरा भाई ही निकला कातिल
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:46 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिरिया भट्टा के पास बीस दिन पहले गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने एक हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मृतक सियाराम की हत्या उसके चचेरे भाईयों ने की थी। सियाराम की हत्या के पीछे प्रधानी के चुनाव में चचेरे भाइयों की दी गई धमकी का बदला लेने का मामला स्पष्ट हुआ है। पुलिस ने शेष दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
सीओ सिटी सुभाष अत्री ने बताया कि विगत 28 दिसंबर 2015 को सियाराम राजपूत पुत्र श्रीराम निवासी करौंदा की ग्राम बिरिया भट्टा के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के भतीजे ने सियाराम के साले धर्मेंद्र व जितेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान जब घटनास्थल का बीटीएस लिया गया। चश्मदीद गवाह होम सिंह का सत्यापन मंडी से करते हुए उसके मोबाइल की सीडीआर के माध्यम से तलाश की गई।
उसने बताया कि 28 दिसंबर को वह और सियाराम मंडी से बाजरा बेचकर घर जा रहे थे। होमसिंह ने बताया कि बिरिया भट्टा के पास पिंकू उर्फ अमरेंद्र राजपूत पुत्र गया प्रसाद निवासी करौंदा मिले। उन्होंने ट्रैक्टर रुकवा कर सियाराम से रुपये मांगे। जैसे ही सियाराम रुपये देने लगा तो सियाराम के चचेरे भाई सीटू व रीतेश ने उसके सिर में गोली मार दी। गोली मारने के बाद सीटू व रीतेश मौके से फरार हो गए।
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जबकि पिंकू उर्फ अमरेंद्र ने होम सिंह को जबरन बाइक में बैठा लिया और 10 किलो मीटर दूर छोड़ दिया। चश्मदीद गवाह के बयान के बाद पुलिस ने अभियुक्त पिंकू उर्फ अमरेंद्र पुत्र गया प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिंकू ने बताया कि मृतक सियाराम ने प्रधानी के चुनाव के दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोपी ने बताया कि उक्त मृतक ने उसके चाचा की हत्या की थी। इसका बदला लेने के लिए सीटू, रीतेश व उसने सियाराम की हत्या किए जाने की योजना बनाई और 28 दिसंबर को गोली मारकर अपने चाचा की हत्या का बदला ले लिया।
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सीओ सिटी सुभाष अत्री ने बताया कि विगत 28 दिसंबर 2015 को सियाराम राजपूत पुत्र श्रीराम निवासी करौंदा की ग्राम बिरिया भट्टा के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक के भतीजे ने सियाराम के साले धर्मेंद्र व जितेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान जब घटनास्थल का बीटीएस लिया गया। चश्मदीद गवाह होम सिंह का सत्यापन मंडी से करते हुए उसके मोबाइल की सीडीआर के माध्यम से तलाश की गई।
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उसने बताया कि 28 दिसंबर को वह और सियाराम मंडी से बाजरा बेचकर घर जा रहे थे। होमसिंह ने बताया कि बिरिया भट्टा के पास पिंकू उर्फ अमरेंद्र राजपूत पुत्र गया प्रसाद निवासी करौंदा मिले। उन्होंने ट्रैक्टर रुकवा कर सियाराम से रुपये मांगे। जैसे ही सियाराम रुपये देने लगा तो सियाराम के चचेरे भाई सीटू व रीतेश ने उसके सिर में गोली मार दी। गोली मारने के बाद सीटू व रीतेश मौके से फरार हो गए।
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जबकि पिंकू उर्फ अमरेंद्र ने होम सिंह को जबरन बाइक में बैठा लिया और 10 किलो मीटर दूर छोड़ दिया। चश्मदीद गवाह के बयान के बाद पुलिस ने अभियुक्त पिंकू उर्फ अमरेंद्र पुत्र गया प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिंकू ने बताया कि मृतक सियाराम ने प्रधानी के चुनाव के दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोपी ने बताया कि उक्त मृतक ने उसके चाचा की हत्या की थी। इसका बदला लेने के लिए सीटू, रीतेश व उसने सियाराम की हत्या किए जाने की योजना बनाई और 28 दिसंबर को गोली मारकर अपने चाचा की हत्या का बदला ले लिया।