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Auraiya News: चटक धूप व धूल से आंखों में संक्रमण के मामले बढ़े
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बिधूना। चिलचिलाती धूप से आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार को बिधूना नेत्र अस्पताल में 25 के करीब मरीज पहुचें जिन्हें आंखों में जलन, पानी आदि की दिक्कत रही। इन दिनों पड़ रही चटक धूप का असर आंखों पर भी बुरा प्रभाव डाल रहा है।
बाहर उड़ने वाली धूल आंखों पर बुरा प्रभाव डाल रही है। ऐसे में गर्मी के दिनों में लोगों को अपनी आंखों का खास ख्याल रखना चाहिए। गर्मी में सबसे अधिक लोगों को आंखों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंखों में अच्छी क्वालिटी के चश्मा लगाना चाहिए। न कि कम कीमत के। कम कीमत के चश्मा आंखों के लिए हानिकारक है। क्योंकि कम कीमत के प्लास्टिक के शीशे होने से अल्ट्रावॉयलेट किरणें नहीं रोक पाते है। ऐसे में दिक्कत होने लगती हैं। इसके चलते इन दिनों मरीजों का आना कुछ ज्यादा बढ़ा है।
बिधूना के डॉ. राममनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय के अधिकारी डॉ. जयकिशन ने बताया कि इन दिनों सड़कों पर उड़ती धूल से अपनी आंखों को बचाकर रखना चाहिए। धूप के साथ गर्मी में आंखों के धूल आदि जाने से इसमें खुजली या जलन होने लगती है। आंखों का संक्रमण होने पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।
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ऐसे में आखों में होने परेशानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों पर वायरस के संक्रमण को आई फ्लू कहते हैं। यह गंदगी, गंदे पानी, गंदी उगलियों, मक्खियों, धूल-धुआं के जरिए तेजी से फैलता है। आई फ्लू होने पर आंखों से पानी जैसा द्रव्य निकलता है। आखों में दर्द और जलन होती है। पलकों में सूजन आ जाती है।
यह बीमारी भी आई फ्लू का ही एक रूप है। पीड़ित को तेज धूप और रोशनी चुभती है। इससे पीड़ित आंखों को पूरी तरह से नहीं खोल पाता। आंखों में दर्द और थकान रहती है। इसके बचाव के लिए आंखों को बार-बार हाथ से नहीं छूना चाहिए। इसके अलावा रगड़ने से भी बचना चाहिए। आंखों को छूने से पहले हाथों को धोना चाहिए।
तेज धूप में अल्ट्रावॉयलेट किरणें आंखों पर सीधे तौर से असर डालती है। धूप में जाते समय छाते का प्रयोग करें या धूप का चश्मा लगाएं। यह चश्मा दूसरे को नहीं पहनने दें। लेंस लगाने वाले व्यक्ति को भी धूप का चश्मा लगाना चाहिए। ताकि अल्ट्रावॉयलेट किरणें आंखों को नुकसान नहीं पहुंचा सकें।
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ऐसे करें आंखों का बचाव
- दिन में कई बार ठंडे पानी के छींटे मारने चाहिए। इसके अलावा आंखों को राहत देने के लिए खीरे के टुकड़े भी लगा सकते हैं। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए पूरी नींद लें और अच्छा भोजन करें। खाने में हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज आदि का प्रयोग करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि आप के शरीर की गंदगी बाहर निकले और शरीर में नमी बनी रहे। नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह पर आंखों ऐसी दवाएं डालें, जो आखों को ड्राई होने से रोके और संक्रमण न पैदा होने दें।
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बाहर उड़ने वाली धूल आंखों पर बुरा प्रभाव डाल रही है। ऐसे में गर्मी के दिनों में लोगों को अपनी आंखों का खास ख्याल रखना चाहिए। गर्मी में सबसे अधिक लोगों को आंखों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंखों में अच्छी क्वालिटी के चश्मा लगाना चाहिए। न कि कम कीमत के। कम कीमत के चश्मा आंखों के लिए हानिकारक है। क्योंकि कम कीमत के प्लास्टिक के शीशे होने से अल्ट्रावॉयलेट किरणें नहीं रोक पाते है। ऐसे में दिक्कत होने लगती हैं। इसके चलते इन दिनों मरीजों का आना कुछ ज्यादा बढ़ा है।
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बिधूना के डॉ. राममनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय के अधिकारी डॉ. जयकिशन ने बताया कि इन दिनों सड़कों पर उड़ती धूल से अपनी आंखों को बचाकर रखना चाहिए। धूप के साथ गर्मी में आंखों के धूल आदि जाने से इसमें खुजली या जलन होने लगती है। आंखों का संक्रमण होने पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।
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ऐसे में आखों में होने परेशानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखों पर वायरस के संक्रमण को आई फ्लू कहते हैं। यह गंदगी, गंदे पानी, गंदी उगलियों, मक्खियों, धूल-धुआं के जरिए तेजी से फैलता है। आई फ्लू होने पर आंखों से पानी जैसा द्रव्य निकलता है। आखों में दर्द और जलन होती है। पलकों में सूजन आ जाती है।
यह बीमारी भी आई फ्लू का ही एक रूप है। पीड़ित को तेज धूप और रोशनी चुभती है। इससे पीड़ित आंखों को पूरी तरह से नहीं खोल पाता। आंखों में दर्द और थकान रहती है। इसके बचाव के लिए आंखों को बार-बार हाथ से नहीं छूना चाहिए। इसके अलावा रगड़ने से भी बचना चाहिए। आंखों को छूने से पहले हाथों को धोना चाहिए।
तेज धूप में अल्ट्रावॉयलेट किरणें आंखों पर सीधे तौर से असर डालती है। धूप में जाते समय छाते का प्रयोग करें या धूप का चश्मा लगाएं। यह चश्मा दूसरे को नहीं पहनने दें। लेंस लगाने वाले व्यक्ति को भी धूप का चश्मा लगाना चाहिए। ताकि अल्ट्रावॉयलेट किरणें आंखों को नुकसान नहीं पहुंचा सकें।
ऐसे करें आंखों का बचाव
- दिन में कई बार ठंडे पानी के छींटे मारने चाहिए। इसके अलावा आंखों को राहत देने के लिए खीरे के टुकड़े भी लगा सकते हैं। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए पूरी नींद लें और अच्छा भोजन करें। खाने में हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज आदि का प्रयोग करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि आप के शरीर की गंदगी बाहर निकले और शरीर में नमी बनी रहे। नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह पर आंखों ऐसी दवाएं डालें, जो आखों को ड्राई होने से रोके और संक्रमण न पैदा होने दें।