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बजट जारी फिर भी बल्लियों से दौड़ रहा करंट
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औरैया। शहर के कई मोहल्लों में विद्युत पोल लगाने और जर्जर लाइन बदलने के लिए तीन माह पहले जिला विद्युत विकास निधि से बजट जारी हो चुका है। इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
शहर के मोहल्ला रजानगर, गायत्री नगर, भीखमपुर-दयालपुर, सैनिक कालोनी, प्रेमानंद आश्रम, गल्ला मंडी के पीछे बनारसीदास समेत छह मोहल्लों में आज भी बिना खंभों के बल्लियों के सहारे लाइन खींच कर लोग बिजली जला रहे हैं। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। जर्जर बिजली लाइनों के बदलने, टूटे पोल बदलने, बल्लियों की जगह पोल लगाने व क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाए जाने की लगातार उठ रही मांग पर तीन माह पहले जिला बिजली विकास निधि से बजट की स्वीकृति मिली थी। इस काम को करने के लिए मेसर्स सुयस इंपैक्ट को टेंडर भी दिया गया है।
जिसमें मात्र गायत्री नगर में ही खंभे व तार बदलने का काम किया जा सका। जबकि शेष अन्य मोहल्लों में अभी तक काम शुरू नहीं किया जा सका है। इस संबंध में काम करा रही संस्था के ठेकेदार ने बताया कि एग्रीमेंट के अनुसार उन्हें 180 दिन में काम पूरा करना था, लेकिन 90 दिन की समय सीमा पूरा होने के बाद भी सामान न मिलने के कारण अधिकारियों को लिखित रुप से काम करने में असमर्थता जता दी है।
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गल्ला मंडी के पीछे रहने वाले पंचम लाल ने बताया कि 10 सालों से वह मोहल्ले में रह रहे हैं। कनेक्शन लेने के दौरान बिजली अधिकारी बहुत ही अच्छे से बात करते हैं। लेकिन आज तक पोल नहीं लगाए गए। जब भी शिकायत करता हूं तो बस जल्दी ही पोल लगवाने का आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता है।
बनारसीदास पश्चिमी निवासी आशा ने बताया कि बिजली अधिकारियों ने पांच साल में 15 बार मोहल्ले में व्याप्त बिजली समस्या को लेकर सर्वे किया होगा। लेकिन समस्या आज तक दूर नहीं हो सकी। सिर्फ लीकर पीटने के लिए बिजली अधिकारी आते हैं और उपभोक्ताओं को बेवकूफ बनाकर चले जाते हैं।
वर्जन
सामान के लिए बजट दे दिया गया है। इसके बाद भी स्टोर से सामान नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए अब एक्सईएन स्टोर ही कुछ बता सकते हैं। -दिनेश कुमार दोहरे अधीक्षण अभियंता
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शहर के मोहल्ला रजानगर, गायत्री नगर, भीखमपुर-दयालपुर, सैनिक कालोनी, प्रेमानंद आश्रम, गल्ला मंडी के पीछे बनारसीदास समेत छह मोहल्लों में आज भी बिना खंभों के बल्लियों के सहारे लाइन खींच कर लोग बिजली जला रहे हैं। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। जर्जर बिजली लाइनों के बदलने, टूटे पोल बदलने, बल्लियों की जगह पोल लगाने व क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाए जाने की लगातार उठ रही मांग पर तीन माह पहले जिला बिजली विकास निधि से बजट की स्वीकृति मिली थी। इस काम को करने के लिए मेसर्स सुयस इंपैक्ट को टेंडर भी दिया गया है।
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जिसमें मात्र गायत्री नगर में ही खंभे व तार बदलने का काम किया जा सका। जबकि शेष अन्य मोहल्लों में अभी तक काम शुरू नहीं किया जा सका है। इस संबंध में काम करा रही संस्था के ठेकेदार ने बताया कि एग्रीमेंट के अनुसार उन्हें 180 दिन में काम पूरा करना था, लेकिन 90 दिन की समय सीमा पूरा होने के बाद भी सामान न मिलने के कारण अधिकारियों को लिखित रुप से काम करने में असमर्थता जता दी है।
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गल्ला मंडी के पीछे रहने वाले पंचम लाल ने बताया कि 10 सालों से वह मोहल्ले में रह रहे हैं। कनेक्शन लेने के दौरान बिजली अधिकारी बहुत ही अच्छे से बात करते हैं। लेकिन आज तक पोल नहीं लगाए गए। जब भी शिकायत करता हूं तो बस जल्दी ही पोल लगवाने का आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता है।
बनारसीदास पश्चिमी निवासी आशा ने बताया कि बिजली अधिकारियों ने पांच साल में 15 बार मोहल्ले में व्याप्त बिजली समस्या को लेकर सर्वे किया होगा। लेकिन समस्या आज तक दूर नहीं हो सकी। सिर्फ लीकर पीटने के लिए बिजली अधिकारी आते हैं और उपभोक्ताओं को बेवकूफ बनाकर चले जाते हैं।
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सामान के लिए बजट दे दिया गया है। इसके बाद भी स्टोर से सामान नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए अब एक्सईएन स्टोर ही कुछ बता सकते हैं। -दिनेश कुमार दोहरे अधीक्षण अभियंता