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गल्ला मंडी पर आचार संहिता का ‘कांटा’
Auraiya
Updated Tue, 11 Mar 2014 05:31 AM IST
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औरैया। कृषि उत्पादन गल्ला मंडी की खस्ताहाल सड़कें, गंदगी से पटी नालियां और ध्वस्त सुरक्षा इंतजाम अब आढ़तियों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। इससे निजात के लिए मंडी निदेशक के आठ माह पूर्व किए गए प्रस्ताव पर शासन की मोहर लगने के बाद भी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। मंडी सचिव का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया आचार संहिता के चलते लटक गई है। वहीं गल्ला मंडी को हाईटेक करने की योजना परवान न चढ़ने से आढ़तियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
आठ माह पूर्व प्रदेश की गल्ला मंडियों को हाईटेक करने को चलाए गए अभियान के तहत मंडी निदेशक अनूप सिंह ने दौरे के दौरान औरैया कृषि उत्पादन मंडी समिति को विशेष सुविधाओं से जोड़कर हाईटेक करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तय नक्शे को शामिल कर छप्पन करोड़ के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृति भी दे दी थी। लेकिन चार माह बाद भी औरैया गल्ला मंडी की हालत नहीं सुधरी। आढ़तियों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। इससे गल्ला मंडी परिषद की ढिलाई भी सामने आ रही है। लंबा अर्सा बीतने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया न किया जाना और मंडी आढ़तियों की परेशानी को दर किनार करने से तो ऐसा ही लगता है। दुकानों के बाहर भरा गंदा पानी, उससे उठती दुर्गंध और बजबजाती नालियां व खस्ताहाल सड़क आढ़तियों को रुलाने में लगी हैं। आढ़तियों का कहना है कि प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं मंडी सचिव पार्थ सारथी ने बताया कि शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया शुरू होनी थी लेकिन आचार संहिता लगने के कारण मामला अधर में लटक गया है।
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आठ माह पूर्व प्रदेश की गल्ला मंडियों को हाईटेक करने को चलाए गए अभियान के तहत मंडी निदेशक अनूप सिंह ने दौरे के दौरान औरैया कृषि उत्पादन मंडी समिति को विशेष सुविधाओं से जोड़कर हाईटेक करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तय नक्शे को शामिल कर छप्पन करोड़ के प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृति भी दे दी थी। लेकिन चार माह बाद भी औरैया गल्ला मंडी की हालत नहीं सुधरी। आढ़तियों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। इससे गल्ला मंडी परिषद की ढिलाई भी सामने आ रही है। लंबा अर्सा बीतने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया न किया जाना और मंडी आढ़तियों की परेशानी को दर किनार करने से तो ऐसा ही लगता है। दुकानों के बाहर भरा गंदा पानी, उससे उठती दुर्गंध और बजबजाती नालियां व खस्ताहाल सड़क आढ़तियों को रुलाने में लगी हैं। आढ़तियों का कहना है कि प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं मंडी सचिव पार्थ सारथी ने बताया कि शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया शुरू होनी थी लेकिन आचार संहिता लगने के कारण मामला अधर में लटक गया है।
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