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बड़ी कठिन है डगर उरई राठ मार्ग की
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:13 AM IST
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मुहम्मदाबाद। उरई से मुहाना तक के 21 किलोमीटर मार्ग का इस समय बुरा हाल है। पूरे मार्ग पर इतने गड्ढे हो गए है कि लोगों को निकलना मुश्किल है। गहरे हो चुके गड्ढों में गिरकर कई लोग चुटहिल हो चुके हैं। जिससे उरई से लेकर मुहाना तक के सफर को हादसों का सफर माना जाता है। इसकी वजह बनी है सड़क के बड़े-बड़े गड्ढे, जिन पर चलते वक्त जरा सी चूक वाहन सवार को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी है।
उरई राठ मार्ग जिले का महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग से राठ, पनवाड़ी, महोबा व खजुराहो का रास्ता जाता है। यह मार्ग जालौन को हमीरपुर की सीमा से होकर मध्यप्रदेश से भी जोड़ता है। इस मार्ग में 21 किलोमीटर का हिस्सा जालौन जनपद की सीमा में आता है, लेकिन इस समय यह मार्ग बेहद दुर्दशा का शिकार है। बरसात के मौसम में इसकी दशा और भी खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं।
हालत यह है कि इन गड्ढों में पानी भर गया है। लोगों को निकलने में मुसीबत हो रही है। क्षेत्रीय गांव मुहम्मदाबाद के पूर्व प्रधान बालस्वरुप राजपूत, कुसमिलिया के प्रदीप, प्रेमनारायण, चरन सिंह, बृजेश, अरविंद, प्रेम अतरौलिया आदि का कहना है कि यह मार्ग सालों से खराब पड़ा है। सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में इसकी शुरुआत कराई थी।
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लेकिन यह मार्ग सिर्फ एक तरफ ही आधा अधूरा बनाया जा सका। सपा सरकार के जाने के बाद इस मार्ग पर काम ठप है। अब बरसात के मौसम में बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। यहां पर बड़े-बड़े गड्ढे है। स्थिति यह है कि समझ में नहीं आता है कि किस तरफ से निकले। कई बार जो लोग गड्ढों से निकलने का जोखिम उठाते भी है तो बाइक फिसलकर गिर जाती है और वे घायल हो जाते है।
लोगों ने इस अधूरे मार्ग को जल्द पूरा करने की मांग की है। अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार कहते हैं कि अभी हाल में बरसात के चलते जो बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है, उन्हें पानी बंद होते ही दुरुस्त करा दिया जाएगा। इसके अलावा इस 21 किलोमीटर मार्ग के लिए फंड मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
गुस्साए लोगों ने की थी नारेबाजी
29 जुलाई को मुहाना स्टैंड के पास जर्जर सड़क पर जब एक टेंपो पलटते बचा तो आक्रोशित लोगों ने स्टैंड के पास की ही जर्जर सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी कर सड़क बनवाने की मांग की थी। फिर 30 जुलाई को मुहाना के ग्रामीणों ने बस स्टैंड के पास सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में गिट्टी मिट्टी डालकर श्रमदान किया था। इन खबरों के छपने के बाद जब इस सड़क पर जब एक बस पलटी तो उसके बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। 4 अगस्त को आनफानन में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क पर मिट्टी डालकर काम भी शुरू कराया लेकिन फिर काम ठप हो गया।
सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उरई से मुहाना तक जान जोखिम में डालकर निकलते हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
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उरई राठ मार्ग जिले का महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग से राठ, पनवाड़ी, महोबा व खजुराहो का रास्ता जाता है। यह मार्ग जालौन को हमीरपुर की सीमा से होकर मध्यप्रदेश से भी जोड़ता है। इस मार्ग में 21 किलोमीटर का हिस्सा जालौन जनपद की सीमा में आता है, लेकिन इस समय यह मार्ग बेहद दुर्दशा का शिकार है। बरसात के मौसम में इसकी दशा और भी खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं।
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हालत यह है कि इन गड्ढों में पानी भर गया है। लोगों को निकलने में मुसीबत हो रही है। क्षेत्रीय गांव मुहम्मदाबाद के पूर्व प्रधान बालस्वरुप राजपूत, कुसमिलिया के प्रदीप, प्रेमनारायण, चरन सिंह, बृजेश, अरविंद, प्रेम अतरौलिया आदि का कहना है कि यह मार्ग सालों से खराब पड़ा है। सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में इसकी शुरुआत कराई थी।
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लेकिन यह मार्ग सिर्फ एक तरफ ही आधा अधूरा बनाया जा सका। सपा सरकार के जाने के बाद इस मार्ग पर काम ठप है। अब बरसात के मौसम में बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। यहां पर बड़े-बड़े गड्ढे है। स्थिति यह है कि समझ में नहीं आता है कि किस तरफ से निकले। कई बार जो लोग गड्ढों से निकलने का जोखिम उठाते भी है तो बाइक फिसलकर गिर जाती है और वे घायल हो जाते है।
लोगों ने इस अधूरे मार्ग को जल्द पूरा करने की मांग की है। अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार कहते हैं कि अभी हाल में बरसात के चलते जो बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है, उन्हें पानी बंद होते ही दुरुस्त करा दिया जाएगा। इसके अलावा इस 21 किलोमीटर मार्ग के लिए फंड मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
गुस्साए लोगों ने की थी नारेबाजी
29 जुलाई को मुहाना स्टैंड के पास जर्जर सड़क पर जब एक टेंपो पलटते बचा तो आक्रोशित लोगों ने स्टैंड के पास की ही जर्जर सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी कर सड़क बनवाने की मांग की थी। फिर 30 जुलाई को मुहाना के ग्रामीणों ने बस स्टैंड के पास सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में गिट्टी मिट्टी डालकर श्रमदान किया था। इन खबरों के छपने के बाद जब इस सड़क पर जब एक बस पलटी तो उसके बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। 4 अगस्त को आनफानन में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क पर मिट्टी डालकर काम भी शुरू कराया लेकिन फिर काम ठप हो गया।
सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उरई से मुहाना तक जान जोखिम में डालकर निकलते हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो