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सेवाभारती के विभागाध्यक्ष का निधन, देहदान किया
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मृतक रामशरण का फाइल फोटो।
- फोटो : JPNAGAR
अमरोहा। आरएसएस के सेवाभारती के विभागाध्यक्ष रहे और सेवानिवृत्त शिक्षक राम शरण की हृदयगति रुकने से सोमवार की सुबह निधन हो गया। इसके बाद शुभचिंतक शौक की लहर दौड़ गई। मृत्यु से पूर्व उन्होंने देहदान की घोषणा की थी। इच्छा का सम्मान करते हुए उनके पुत्रों ने पार्थिव शरीर को टीएमयू के मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया। उनकी अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जब तब सूरज चांद रहेगा रामशरण अरोड़ा आपका नाम रहेगा जैसे नारों से शहर गूंज उठा।
शहर जेएस हिंदू इंटर कालेज में विज्ञान शिक्षक राम शरण अरोड़ा ने वर्ष 2000 में सेवानिवृत्ति के बाद जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। वह एनसीसी में मेजर भी रहे और अनुशासित जीवन को जीया। छात्र और युवाओं को अनुशासन में रहते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मधुर मुस्कान उनकी पहचान थी। वह आरएसएस के सेवा भारती के विभागाध्यक्ष भी रह चुके हैं। समाज सेवा के कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
अपना संपूर्ण शरीर मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया था। साथ ही पत्नी कांता अरोड़ा ने भी पति से प्रेरणा लेते हुए मृत्योपरांत अपनी देह भी मेडिकल कॉलेज को दान करने का एलान किया है।
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उनके दो बेटे और एक बेटी है। बड़े बेटे अजातशत्रु पंजाब के संगरूर की विश्वविद्यालय में प्रोफेसर है, जबकि छोटे बेटे विशाल मित्र अरोड़ा नोएडा में इंजीनियर है, वहीं बेटी अनामिका भी शादीशुदा हैं। सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब उनका हृदय गति रुकने से निधन हो गया। जैसे ही उनकी मृत्यु की जानकारी परिजनों व शुभचिंतकों शौक की लहर दौड़ गई। उनके बेटे ने माता की सहमति से उनके शरीर को देर शाम गमगीन माहौल में टीएमयू मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द कर दिया। शहर में निकली शव यात्रा में जब तक सूरज चांद रहेगा रामशरण अरोड़ा आपका नाम रहेगा के नारे फिजा में गूंज उठे।
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शहर जेएस हिंदू इंटर कालेज में विज्ञान शिक्षक राम शरण अरोड़ा ने वर्ष 2000 में सेवानिवृत्ति के बाद जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। वह एनसीसी में मेजर भी रहे और अनुशासित जीवन को जीया। छात्र और युवाओं को अनुशासन में रहते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मधुर मुस्कान उनकी पहचान थी। वह आरएसएस के सेवा भारती के विभागाध्यक्ष भी रह चुके हैं। समाज सेवा के कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
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अपना संपूर्ण शरीर मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया था। साथ ही पत्नी कांता अरोड़ा ने भी पति से प्रेरणा लेते हुए मृत्योपरांत अपनी देह भी मेडिकल कॉलेज को दान करने का एलान किया है।
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उनके दो बेटे और एक बेटी है। बड़े बेटे अजातशत्रु पंजाब के संगरूर की विश्वविद्यालय में प्रोफेसर है, जबकि छोटे बेटे विशाल मित्र अरोड़ा नोएडा में इंजीनियर है, वहीं बेटी अनामिका भी शादीशुदा हैं। सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब उनका हृदय गति रुकने से निधन हो गया। जैसे ही उनकी मृत्यु की जानकारी परिजनों व शुभचिंतकों शौक की लहर दौड़ गई। उनके बेटे ने माता की सहमति से उनके शरीर को देर शाम गमगीन माहौल में टीएमयू मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द कर दिया। शहर में निकली शव यात्रा में जब तक सूरज चांद रहेगा रामशरण अरोड़ा आपका नाम रहेगा के नारे फिजा में गूंज उठे।