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Amroha News: शिया-सुन्नी बवाल मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना
Thu, 14 May 2026 01:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 14 May 2026 01:33 AM IST
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अमरोहा। नौगावां सादात में 37 साल पहले टेंपो स्टैंड विवाद को लेकर शिया-सुन्नी मसलक के बीच भड़की हिंसा से जुड़े पुराने मामले की बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक आरोपी की मृत्यु से संबंधित रिपोर्ट तलब करते हुए मामले की अगली तारीख 23 मई निर्धारित कर दी।
यह मामला 17 अगस्त 1989 का है, जब कस्बा नौगावां सादात में टेंपो स्टैंड के स्थानांतरण को लेकर शिया और सुन्नी समुदाय के बीच तनाव अचानक हिंसा में बदल गया था। बताया जाता है कि विवादित टेंपो स्टैंड को मोहल्ला नई बस्ती से हटाकर मोहल्ला बुध बाजार में स्थानांतरित किए जाने के बाद विरोध तेज हो गया था, जिसके चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे।
उसी दिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया था, लेकिन थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और माहौल और बिगड़ गया। देखते ही देखते नारेबाजी, पथराव और मारपीट शुरू हो गई।
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हालात बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद भीड़ ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ कर दी और पुलिस टीम से एक दरोगा का सर्विस रिवॉल्वर भी छीन लिया गया।
स्थिति और बिगड़ने पर किसी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस और पीएसी जवानों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। इस दौरान गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी।
घटना के बाद कस्बे में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा था। मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज कर तत्कालीन चेयरमैन समेत करीब 65 लोगों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। समय के साथ इस मुकदमे में नामजद कई आरोपियों की मृत्यु भी हो चुकी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ट ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 मई की तारीख तय की है। मामले में आगे की कार्रवाई अब अगली सुनवाई पर निर्भर करेगी।
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यह मामला 17 अगस्त 1989 का है, जब कस्बा नौगावां सादात में टेंपो स्टैंड के स्थानांतरण को लेकर शिया और सुन्नी समुदाय के बीच तनाव अचानक हिंसा में बदल गया था। बताया जाता है कि विवादित टेंपो स्टैंड को मोहल्ला नई बस्ती से हटाकर मोहल्ला बुध बाजार में स्थानांतरित किए जाने के बाद विरोध तेज हो गया था, जिसके चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे।
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उसी दिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया था, लेकिन थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और माहौल और बिगड़ गया। देखते ही देखते नारेबाजी, पथराव और मारपीट शुरू हो गई।
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हालात बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद भीड़ ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ कर दी और पुलिस टीम से एक दरोगा का सर्विस रिवॉल्वर भी छीन लिया गया।
स्थिति और बिगड़ने पर किसी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस और पीएसी जवानों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। इस दौरान गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी।
घटना के बाद कस्बे में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा था। मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज कर तत्कालीन चेयरमैन समेत करीब 65 लोगों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। समय के साथ इस मुकदमे में नामजद कई आरोपियों की मृत्यु भी हो चुकी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ट ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 मई की तारीख तय की है। मामले में आगे की कार्रवाई अब अगली सुनवाई पर निर्भर करेगी।