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सायरन की आवाज सुनते ही मेट्रो टनल और बंकरों में छिप जाते हैं विद्यार्थी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 01:08 AM IST
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Students hide in metro tunnels and bunkers as soon as they hear sirens
यूक्रेन में फंसे अमरोहा के छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को 20 से अधिक छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। यूक्रेन में फंसे छात्र बेबस और लाचार हैं, तो वहीं हजारों किलोमीटर दूर बैठे उनके परिजन। यूक्रेन में फंसी जोया निवासी एमबीबीएस की छात्रा अंशिका ने फोन पर बताया कि वीन्नित्स्या यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 1500 से अधिक भारतीय छात्र यहां फंसे हुए हैं। रात-दिन बम धमाके, गोलीबारी और सायरनों की आवाज सुनाई पड़ रही है।
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तमाम बच्चे दहशत में हैं। दिन में चार-चार बार सायरन बज रहा है। सायरन के बचते ही छात्र मेट्रो टनल और बंकरों में अंडर ग्राउंड स्थानों की तरफ दौड़कर छिप जाते हैं। खाने-पीने का सामान खत्म होता जा रहा है। ऑनलाइन क्लास पूरी तरह नहीं हो पा रही हैं। सड़के सुनसान है। शुक्रवार को विन्नित्स्या से 30 किलोमीटर दूर मिलिट्री बेस पर धमाका हुआ है। अंशिका के मुताबिक रूसी सेना यूक्रेन के मिलिट्री बेसों को टारगेट कर रही है। यहां फंसे छात्र अपना सामान पैकिंग कर बैठे हुए हैं। किसी भी हालत में यहां से निकलने की कोशिश में हैं। अंशिका ने बताया कि शुक्रवार को बॉर्डर के पास चेरनिव्त्सी शहर में फंसे भारतीयों को निकाला गया है। इसके लिए बस लगाई गई है। यह इलाका वीन्नित्स्या से करीब 300 किलोमीटर दूर है। यूक्रेन में फंसी छात्रा की घबराहट भरी आवाज सुनकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां का मंजर खौफनाक हैै।
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डिडौली क्षेत्र के गांव पायती कलां निवासी सलमान खान भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। वह भी वीन्नित्स्या मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि फिलहाल वीन्नित्स्या क्षेत्र में हालात सामान्य है। लेकिन उसके आसपास की स्थिति बेहद खराब है। सड़कें सुनसान पड़ी है। किसी को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं हैं। यूनिवर्सिटी की तरफ से क्लास में ऑनलाइन चल रही है। उनके साथ मुरादाबाद और अमरोहा के करीब 10 बच्चे फंसे हुए है। सभी दहशतजदा है। किसी भी कीमत पर स्वदेश लौटना चाहते हैं। केवल चार दिन के खाने-पीने का सामान बचा हुआ है। यूनिवर्सिटी हॉस्टल के मैस में भरपेट खाना नहीं मिल रहा है। पहले दिन में दो बार खाना मिलता था, अब चौबीस घंटे में एक बार मिल रहा है। उसमें भी केवल दो से तीन रोटियां दी जा रही हैं। रात दिन आसमान में उड़ते सेनाओं के हेलिकॉप्टर की गूंज और बम धमाकों की आवाज सुनाई पड़ती हैं। यहां खौफनाक मंजर बना हुआ है। भारत सरकार के जल्द से जल्द छात्रों को सकुशल बाहर निकाले।
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