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Amroha News: 484 मेडिकल स्टोरों की जांच में मिली गडबड़ी, अब तक 23 के लाइसेंस निरस्त
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अमरोहा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मेडिकल स्टोरों के खिलाफ जांच अभियान जारी है। अब तक 484 थोक विक्रेता मेडिकल स्टोरों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद 36 मेडिकल स्टोर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं, नोटिस का जवाब नहीं देने वाले 23 संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जुलाई और अगस्त में जिलेभर में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण और सत्यापन किया। इस दौरान कई ऐसे मेडिकल स्टोर भी सामने आए, जो बंद पड़े थे, लेकिन उनके नाम पर दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित गतिविधियां दर्ज होने की जानकारी सामने आई। विभाग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इससे पहले भी विभाग की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
औषधि निरीक्षक रुचि बंसल ने बताया कि जिलेभर में मेडिकल स्टोरों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया गया था। इसमें 484 थोक विक्रेता मेडिकल स्टोरों का सत्यापन किया गया। अनियमितता मिलने पर 36 संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब नहीं देने वाले मंगलवार को 14 मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। सोमवार को 9 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
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कार्रवाई की जद में रमाला मेडिकल सेंटर, साई मेडिकल स्टोर, एमआर मेडिकल स्टोर, चौधरी मेडिकल स्टोर, मां अंबे मेडिकोज, आजाद मेडिकल स्टोर, भारत मेडिकल स्टोर, अली मेडिल स्टोर, एपेक्स फार्मास्यूटिकल, अपोलो मेडिकल स्टोर, अरनब मेडिकल हॉल, अरसी दवा एजेंसी और आर्यन मेडिकल स्टोर हैं। जिनके लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की खरीद-बिक्री और मेडिकल स्टोर के संचालन में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जुलाई और अगस्त में जिलेभर में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण और सत्यापन किया। इस दौरान कई ऐसे मेडिकल स्टोर भी सामने आए, जो बंद पड़े थे, लेकिन उनके नाम पर दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित गतिविधियां दर्ज होने की जानकारी सामने आई। विभाग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इससे पहले भी विभाग की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
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औषधि निरीक्षक रुचि बंसल ने बताया कि जिलेभर में मेडिकल स्टोरों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया गया था। इसमें 484 थोक विक्रेता मेडिकल स्टोरों का सत्यापन किया गया। अनियमितता मिलने पर 36 संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब नहीं देने वाले मंगलवार को 14 मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। सोमवार को 9 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
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कार्रवाई की जद में रमाला मेडिकल सेंटर, साई मेडिकल स्टोर, एमआर मेडिकल स्टोर, चौधरी मेडिकल स्टोर, मां अंबे मेडिकोज, आजाद मेडिकल स्टोर, भारत मेडिकल स्टोर, अली मेडिल स्टोर, एपेक्स फार्मास्यूटिकल, अपोलो मेडिकल स्टोर, अरनब मेडिकल हॉल, अरसी दवा एजेंसी और आर्यन मेडिकल स्टोर हैं। जिनके लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की खरीद-बिक्री और मेडिकल स्टोर के संचालन में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।