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Amroha News: किसी ने सराहा तो किसी ने सिरे से नकारा
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अमरोहा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट पेश किया। इस बजट को किसी ने सराहा तो किसी ने निराशाजनक बताया। भाजपाइयों ने कहा कि यह देश को नई ऊंचाइयाें पर ले जाने वाला बजट है। भारत शक्तिशाली और समृद्ध बनेगा। रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आएगी। वहीं विपक्षी दलों ने बजट को निराशाजनक और खोखला बताया।
कांग्रेस, सपा व बसपा के नेताओं ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार, किसानों की कर्जमाफी जैसे मुद्दों पर कोई बात नहीं की है। सरकार ने सिर्फ आंकड़ेबाजी में खेल कर लोगों को बरगलाने का काम किया है। इस बजट से किसी का भी भला नहीं होने वाला है।
वहीं, किसानों की भी बजट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। किसान नेताओं ने खेती व किसानों के लिए किए गए प्रावधानों पर नाखुशी जताई। कहा कि खेती व किसान अब सरकार के एजेंडे में नहीं हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए आठवां वेतन आयोग लागू कर दिया गया है। किसानों की बदहाली दूर करने के लिए कोई कारगर कदम बजट में नहीं उठाया गया है। आज खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। युवा अब खेती को अपनाना नहीं चाहते हैं। नौकरीपेशा ने भी बजट को राहत देने वाला बताया।
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कांग्रेस, सपा व बसपा के नेताओं ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार, किसानों की कर्जमाफी जैसे मुद्दों पर कोई बात नहीं की है। सरकार ने सिर्फ आंकड़ेबाजी में खेल कर लोगों को बरगलाने का काम किया है। इस बजट से किसी का भी भला नहीं होने वाला है।
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वहीं, किसानों की भी बजट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। किसान नेताओं ने खेती व किसानों के लिए किए गए प्रावधानों पर नाखुशी जताई। कहा कि खेती व किसान अब सरकार के एजेंडे में नहीं हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए आठवां वेतन आयोग लागू कर दिया गया है। किसानों की बदहाली दूर करने के लिए कोई कारगर कदम बजट में नहीं उठाया गया है। आज खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। युवा अब खेती को अपनाना नहीं चाहते हैं। नौकरीपेशा ने भी बजट को राहत देने वाला बताया।
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