{"_id":"62573382a61851524f03f659","slug":"six-lakhs-cheated-in-the-name-of-getting-the-job-of-clerk-in-railway-jpnagar-news-mbd424684020","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख हड़पे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख हड़पे
विज्ञापन
डिडौली (अमरोहा)। रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपियों ने युवक से छह लाख रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर उसके होश उड़ गए। रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और रुपए देने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने मामले की शिकायत डिडौली कोतवाली में दी। पुलिस ने गजरौला के दो युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के सिनौरा जलालाबाद गांव में हुकमसिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे सुरेश कुमार ने वर्ष 2010 में बीए पास किया था। हुकमसिंह का गजरौला थानाक्षेत्र के बलदाना निवासी नरोत्तम सिंह और पृथी सिंह से जान-पहचान के चलते घर में आना-जाना था। आरोप है कि दोनों ने सुरेश कुमार से रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलाने की बात कही। इसके एवज में दस लाख रुपये दिलाने की मांग की। जिसमें छह लाख रुपये पहले और चार लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देना तय हुआ। सुरेश ने दोनों की बात पर विश्वास करकर 6 दिसंबर 2019 को पिता हुकम सिंह और रिश्तेदार धनराज सिंह की मौजूदगी में 4 लाख रुपये नकद दे दिए।
इसके बाद अलग-अलग खातों में अलग-अलग तारीख में 189500 रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह दोनों के पास 589500 रुपये पहुंच गए, लेकिन काफी समय तक नौकरी नहीं लगी। पूछने पर दोनों टालमटोल करते थे। इस बीच सुरेश कुमार को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने कोतवाली पहुंच कर आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसओ सुनील मलिक ने बताया कि नरोत्तम और पृथी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के सिनौरा जलालाबाद गांव में हुकमसिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे सुरेश कुमार ने वर्ष 2010 में बीए पास किया था। हुकमसिंह का गजरौला थानाक्षेत्र के बलदाना निवासी नरोत्तम सिंह और पृथी सिंह से जान-पहचान के चलते घर में आना-जाना था। आरोप है कि दोनों ने सुरेश कुमार से रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलाने की बात कही। इसके एवज में दस लाख रुपये दिलाने की मांग की। जिसमें छह लाख रुपये पहले और चार लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देना तय हुआ। सुरेश ने दोनों की बात पर विश्वास करकर 6 दिसंबर 2019 को पिता हुकम सिंह और रिश्तेदार धनराज सिंह की मौजूदगी में 4 लाख रुपये नकद दे दिए।
विज्ञापन
इसके बाद अलग-अलग खातों में अलग-अलग तारीख में 189500 रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह दोनों के पास 589500 रुपये पहुंच गए, लेकिन काफी समय तक नौकरी नहीं लगी। पूछने पर दोनों टालमटोल करते थे। इस बीच सुरेश कुमार को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने कोतवाली पहुंच कर आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसओ सुनील मलिक ने बताया कि नरोत्तम और पृथी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन