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अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
ब्यूरो अमर उजाला/गजरौला।
Updated Wed, 16 May 2018 02:09 AM IST
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गजरौला बृजघाट में गंगा घाट पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
सूर्य निकलने से पहले ही पतित पावनी में गंगा स्नान शुरू हो गया। अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद पूजा अर्चना कर दान आदि भी दिया। श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव को अर्घ्य देकर मंगल कामना की।
मंगलवार को ब्रजघाट और तिगरी में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। आधी रात से ही श्रद्धालु गंगा घाट पर पहुंचने शुरू हो गए थे। दिन निकलने तक काफी लोग स्नान कर लौटने भी लगे। जैसे जैसे सूरज चढ़ता गया गंगा घाटों पर भीड़ बढ़ने लगी। दोपहर तक स्नान करने का सिलसिला चलता रहा। स्नान कर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर मां गंगा के प्रति अपनी आस्था जताई। वहीं कुछ लोगों ने विधि विधान के साथ भी पूजन कराया।
स्नान करने वालों में बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और युवा भी शामिल रहे। माना जाता है कि पूर्णिमा और अमावस्या पर गंगा स्नान करने से पुण्य मिलता है। अमावस्या पर स्नान कर श्रद्घालुओं ने मंगल कामना की। वहीं सूर्यदेव भगवान को अर्घ्य दिया। ब्रजघाट और तिगरी में अमावस्या पर आस्था का संगम देखने को मिला। स्नान के चलते घाटों पर मेले जैसे माहौल रहा। बच्चों के खिलौने, खान पीने आदि की दुकानें भी घाट पर लगी रही। दोपहर होने तक हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। वहीं काफी लोग गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार के लिए भी रवाना हुए।
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मंगलवार को ब्रजघाट और तिगरी में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। आधी रात से ही श्रद्धालु गंगा घाट पर पहुंचने शुरू हो गए थे। दिन निकलने तक काफी लोग स्नान कर लौटने भी लगे। जैसे जैसे सूरज चढ़ता गया गंगा घाटों पर भीड़ बढ़ने लगी। दोपहर तक स्नान करने का सिलसिला चलता रहा। स्नान कर श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर मां गंगा के प्रति अपनी आस्था जताई। वहीं कुछ लोगों ने विधि विधान के साथ भी पूजन कराया।
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स्नान करने वालों में बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और युवा भी शामिल रहे। माना जाता है कि पूर्णिमा और अमावस्या पर गंगा स्नान करने से पुण्य मिलता है। अमावस्या पर स्नान कर श्रद्घालुओं ने मंगल कामना की। वहीं सूर्यदेव भगवान को अर्घ्य दिया। ब्रजघाट और तिगरी में अमावस्या पर आस्था का संगम देखने को मिला। स्नान के चलते घाटों पर मेले जैसे माहौल रहा। बच्चों के खिलौने, खान पीने आदि की दुकानें भी घाट पर लगी रही। दोपहर होने तक हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। वहीं काफी लोग गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार के लिए भी रवाना हुए।
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