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Amroha News: चेहल्लुम पर अजादारों ने किया जंजीरों का मातम
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अमरोहा। हजरत इमाम हुसैन के चेहल्लुम पर अजादारों ने जंजीर का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। अजाखानों से गमगीन माहौल में ताबूत भी बरामद हुए। फिजा में लब्बैक या हुसैन की सदाएं सुनाई दीं।
अंजुमन-ए-असगरी की ओर से सबसे पहले मोहल्ला बड़ा दरबार से ताबूत बरामद हुआ। जुलूस ने अपने निर्धारित रास्तों से होकर निकला। मातमी अंजुमन जुलूस में नौहा पढ़ती हुई चल रही थीं। दूसरा जुलूस सुबह आठ बजे बड़ा इमामबाड़ा मोहल्ला दानिशमंदान से निकला। ताजियों का जुलूस रेलवे लाइन पार सुबोध नगर स्थित कर्बला पहुंचा। वहीं, मोहल्ला मंडी चौब स्थित सिब्तैन मंजिल से ताजिए का जुलूस निकला, जो दरबार-ए-कलां होता हुआ सबसे पहले मोहल्ला छेवड़ा पहुंचा। यहां से छेवड़े के ताजिए के साथ कटरा गुलाम अली में आकर मुख्य जुलूस में शामिल हो गया।
सोमवार सुबह 11 बजे अजाखाना बगला से चेहल्लुम का मुख्य जुलूस बरामद हुआ। जुलूस में ताजिए निकालें गए। जुलूस कोट चौराहा, चाहगोरी, शफातपोता, कटरा, गुजरी, त्रिपोलिया, नौबतखाना, जाफरी, नवघेर करम अली खां, लकड़ा होता हुआ बिजनौर रोड स्थित कर्बला में जाकर संपन्न हुआ। यहां मरसिया पढ़ा गया। जुलूस में दूसरों मोहल्लों से लगभग 30 ताजिए शामिल थे।
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अंजुमने अब्बासिया की ओर से बाजार गुजरी और नौबतखाना में जंजीर का मातम किया। फिजा में या हुसैन या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। दीवान खाना मासूम हसन आले अहमद इंटर कॉलेज में सैयद सिब्ते सज्जाद और हसन इमाम ने छुन्नू लाल दिलगीर का मशहूर मरसिया...कैद से छूटकर जब सैय्यदे सज्जाद आए...पढ़ा। इनके अलावा मुदस्सिर अली खां आदि ने जुलूस में मर्सिया पढ़ा। काजीगली स्थित अजाखाना मुसम्मात छज्जी में ताजिया उठाया गया। पहले मर्सिया पढ़ा गया। जुलूस का संचालन अंजुमन रजाकाराने हुसैनी ने किया। इस दौरान रजाकारान के काईद गुलाम सज्जाद, जनरल सेक्रेटरी खुरशीद हैदर जैदी, नायब काईद इमदाद आब्दी, डॉ. चंदन नकवी, वसीम जैदी, मोहम्मद तकी मौजूद रहे।
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अंजुमन-ए-असगरी की ओर से सबसे पहले मोहल्ला बड़ा दरबार से ताबूत बरामद हुआ। जुलूस ने अपने निर्धारित रास्तों से होकर निकला। मातमी अंजुमन जुलूस में नौहा पढ़ती हुई चल रही थीं। दूसरा जुलूस सुबह आठ बजे बड़ा इमामबाड़ा मोहल्ला दानिशमंदान से निकला। ताजियों का जुलूस रेलवे लाइन पार सुबोध नगर स्थित कर्बला पहुंचा। वहीं, मोहल्ला मंडी चौब स्थित सिब्तैन मंजिल से ताजिए का जुलूस निकला, जो दरबार-ए-कलां होता हुआ सबसे पहले मोहल्ला छेवड़ा पहुंचा। यहां से छेवड़े के ताजिए के साथ कटरा गुलाम अली में आकर मुख्य जुलूस में शामिल हो गया।
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सोमवार सुबह 11 बजे अजाखाना बगला से चेहल्लुम का मुख्य जुलूस बरामद हुआ। जुलूस में ताजिए निकालें गए। जुलूस कोट चौराहा, चाहगोरी, शफातपोता, कटरा, गुजरी, त्रिपोलिया, नौबतखाना, जाफरी, नवघेर करम अली खां, लकड़ा होता हुआ बिजनौर रोड स्थित कर्बला में जाकर संपन्न हुआ। यहां मरसिया पढ़ा गया। जुलूस में दूसरों मोहल्लों से लगभग 30 ताजिए शामिल थे।
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अंजुमने अब्बासिया की ओर से बाजार गुजरी और नौबतखाना में जंजीर का मातम किया। फिजा में या हुसैन या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। दीवान खाना मासूम हसन आले अहमद इंटर कॉलेज में सैयद सिब्ते सज्जाद और हसन इमाम ने छुन्नू लाल दिलगीर का मशहूर मरसिया...कैद से छूटकर जब सैय्यदे सज्जाद आए...पढ़ा। इनके अलावा मुदस्सिर अली खां आदि ने जुलूस में मर्सिया पढ़ा। काजीगली स्थित अजाखाना मुसम्मात छज्जी में ताजिया उठाया गया। पहले मर्सिया पढ़ा गया। जुलूस का संचालन अंजुमन रजाकाराने हुसैनी ने किया। इस दौरान रजाकारान के काईद गुलाम सज्जाद, जनरल सेक्रेटरी खुरशीद हैदर जैदी, नायब काईद इमदाद आब्दी, डॉ. चंदन नकवी, वसीम जैदी, मोहम्मद तकी मौजूद रहे।