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Amroha News: अब मुगलकालीन किले की बदलेगी सूरत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jan 2025 12:08 AM IST
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Now the appearance of the Mughal era fort will change
सौंधन (संभल)।
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अब तहसील के गांव सौंधन में स्थित मुगलकाल के किले की सूरत बदली जाएगी। शनिवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने किले की स्थिति का जायजा लिया तो तमाम गंदगी और अतिक्रमण दिखाई दिया। डीएम ने बताया कि यह किला एएसआई द्वारा संरक्षित इमारत है। इसलिए एएसआई को पत्र लिखकर इसकी जर्जर स्थिति को सुधार कराने का आग्रह किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। जिससे प्राचीन इमारत सुरक्षित हो सके।
बताते हैं कि मुगल बादशाह शाहजहां की सल्तनत में संभल व मुरादाबाद के गवर्नर रहे रुस्तम खान दक्खनी ने संभल जिले के सौंधन में इस किले का निर्माण कराया था। यह किला स्थापत्य कला की खूबसूरती और तत्कालीन दौर की यादगार निशानियों में से एक है। किले का निर्माण 1645 ईसवी में होने का उल्लेख एएसआई के रिकार्ड में दर्ज है।। किले के निकट ही एक मस्जिद भी बनवाई थी। देखरेख के अभाव में किले की हालत तो जर्जर होती जा रही है। ग्रामीणों ने भी अतिक्रमण किया हुआ है।
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डीएम ने बताया कि सौंधन गांव में बना किला बेहतरीन नक्काशी का नमूना है। इसकी देखभाल होनी जरूरी है। इसलिए एएसआई को पत्र भेजकर देखभाल व मरम्मत के लिए आग्रह किया जाएगा। डीएम ने बताया कि किले के नजदीक ही एक कुआं है जो प्राचीन बताया जा रहा है। उसकी भी सफाई कराई जाएगी।
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तुर्क और संभल पुस्तक में किया गया है सौंधन किले का जिक्र

संभल के लेखक एम उस्मान द्वारा लिखी गई किताब तुर्क और संभल में सौंधन किले का जिक्र किया गया है। किताब में लिखे इतिहास के मुताबिक शहजादा खुर्रम को जब दक्षिण की मुहिम पर रवाना किया तो शहजादे के साथ मुकर्रब खान दक्खनी को भी भेजा। मुकर्रब खान ने दक्षिण और कंधार की लड़ाइयों में जबरदस्त कारनामे अंजाम दिए। जब शहजादा खुर्रम, बादशाह शाहजहां के लकब से तख्तशीन हुआ तो उसने मुकर्रब खान को फीरोज जंगबहादुर रुस्तम खान का खिताब देकर 1632-33 में संभल का गवर्नर बना दिया था। शाहजहां की सल्तनत की ओर से रुस्तम खान दक्खनी 25 वर्ष तक संभल व मुरादाबाद के गवर्नर रहे थे। 1634 ई में कठेरियों के सरगना राजा रामसुख ने तराई इलाके में बगावत कर दी तो कुमायूं के राजा ने शाहजहां से सहायता मांगी थी। शाहजहां ने रुस्तम खान दक्खनी को बगावत कुचलने के लिए भेजा था। युद्ध में राजासुख मारा गया। उसके बाद रुस्तम खान ने राजा रामसुख के किले चौपला पर कब्जा कर लिया था।


डीएम ने वीडियो कॉल कर एएसआई को दिखाई किले की स्थिति
सौंधन गांव के प्राचीन किले की बदहाली को देखकर डीएम खफा नजर आए। उन्होंने मौके से ही एएसआई के किसी अधिकारी को वीडियो कॉल कर स्थिति को दिखाया और सुधार के लिए कहा। इसके अलावा बताया कि संरक्षित इमारत के आसपास तमाम निर्माण किए जा रहे हैं जो नहीं होने चाहिए। इस पर ध्यान क्यों नहीं रखा जा रहा है। हलका लेखपाल पर भी नाराजगी जताई। प्राचीन किले के नजदीक बनी मस्जिद पर पहुंचकर भी जानकारी ली। यह मस्जिद भी प्राचीन किले के दौर की ही बनी है। इस पर बेहतरीन नक्काशी मुगलकाल की गवाही देती है।
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