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चैत्र नवरात्र आज से, सूर्योदय संग करें कलश स्थापना
ब्यूरो अमर उजाला /अमरोहा।
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:02 AM IST
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चैत्र नवरात्र आज (रविवार) से शुरू हो रहे हैं। सूर्योदय के साथ श्रद्धालु अपने घरों व मंदिरों में घट स्थापना कर सकते हैं। इस बार नवरात्र रविवार से प्रारंभ होकर रविवार को ही समाप्त होंगे। 25 मार्च को अष्टमी और श्रीरामनवमी एक साथ मनाई जाएगी। श्रद्धालु नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे।
पुरोहितों के अनुसार कलश स्थापना का मुहूर्त सूर्योदय के साथ ही शुरू होगा जो दोपहर तक रहेगा। शुभ मुहूर्त को लेकर पंडितों ने कहा कि शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 36 मिनट से लेकर 7 बज कर 56 मिनट तक है। राहु काल शाम साढ़े 4 बजे से 6 बजे तक रहेेगा। पुराेहितों का मानना है कि घट स्थापना दोपहर तक होगी इसलिए राहु काल का कोई महत्व नहीं है। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की जाएगी। इसके बाद मां के ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंद माता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री मां स्वरूप की आराधना की जाएगी। भक्तों ने पूजन के लिए नारियल, चुनरी, कपूर, पान, हवन सामग्री, फल फूल आदि खरीदे । वहीं प्रशासन ने मंदिरों के आस पास सफाई रखने के निर्देश दिए हैं।
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पुरोहितों के अनुसार कलश स्थापना का मुहूर्त सूर्योदय के साथ ही शुरू होगा जो दोपहर तक रहेगा। शुभ मुहूर्त को लेकर पंडितों ने कहा कि शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 36 मिनट से लेकर 7 बज कर 56 मिनट तक है। राहु काल शाम साढ़े 4 बजे से 6 बजे तक रहेेगा। पुराेहितों का मानना है कि घट स्थापना दोपहर तक होगी इसलिए राहु काल का कोई महत्व नहीं है। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना की जाएगी। इसके बाद मां के ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंद माता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री मां स्वरूप की आराधना की जाएगी। भक्तों ने पूजन के लिए नारियल, चुनरी, कपूर, पान, हवन सामग्री, फल फूल आदि खरीदे । वहीं प्रशासन ने मंदिरों के आस पास सफाई रखने के निर्देश दिए हैं।
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