{"_id":"5f25b66a8ebc3e9f68417569","slug":"murder-in-amroha-dhanaura-news-mbd357818393","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी पीने घर में घुसे मानसिक रूप से कमजोर युवक को चोर समझ कर पीटकर मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी पीने घर में घुसे मानसिक रूप से कमजोर युवक को चोर समझ कर पीटकर मार डाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बछरायूं/रजबपुर(अमरोहा)। बछरायूं थाना क्षेत्र के एक गांव में पानी पीने के लिए घर में घुसे मानसिक रूप से कमजोर युवक को ग्रामीणों ने चोर समझ कर पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बीते गुरुवार से अपने घर से लापता था। मृतक के भाई ने गांव के दो सगे भाइयों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। घटना के बाद आरोपी गांव से फरार हैं। घटना की जानकारी होने पर थाना पुलिस ने गांव पहुंच कर घटना के बारे में जानकारी की।
थाना रजबपुर के गांव हीरा सिंह बलदाना निवासी जितेंद्र (35) पुत्र रामनिवास मानसिक रूप से कमजोर था। बीते गुरुवार को गांव से लापता हो गया था। परिजन उसकी तलाश करते हुए घूम रहे थे। जितेंद्र किसी तरह थाना क्षेत्र के गांव मौहम्मदपुुर पट्टी पहुंच गया। यहां उसके रिश्तेदार ध्यान सिंह रहते हैं। बताया जाता है कि शुक्रवार की देर रात किसी समय जितेंद्र पानी पीने के लिए एक ग्रामीण के घर में घुस गया। वह नल पर पानी पी रहा था। अचानक ग्रामीण की आंख खुल गई। उसने चोर समझ कर शोर मचा दिया। शोर की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीण भी मौके पर आ गए। आरोप है कि ग्रामीणों ने उससे पूछताछ की लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाया। इससे पहले जितेंद्र पड़ोसी ग्रामीण के घर में भी पानी पीने के लिए उसके नल पर गया था। जितेंद्र के कोई जवाब नहीं देने पर ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उसकी पिटाई के बाद ग्रामीण उसे गांव के बाहर डाल आए। सवेरे को ग्रामीणों को एक युवक के घायल हालत में पड़ा होने की जानकारी हुई। मृतक का रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गया। उसने जितेंद्र को पहचान लिया और उसे अपने घर लिवा लाया। सूचना मिलने पर जितेंद्र के परिजन भी गांव आ गए और उसे उपचार के लिए धनौरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह गांव पहुंचे और गांव वालों से घटना की जानकारी की। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मृतक के भाई गजेंद्र सिंह की ओर से गांव निवासी दो सगे भाइयों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
यदि समय पर उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच जाती
बछरायूं। यदि ग्रामीण समझदारी से काम लेते को जितेंद्र की जान बच सकती थी। बताया जाता है कि जितेंद्र मानसिक रूप से कमजोर है। यदि गांव वाले उसे पकड़ कर पुलिस को सूचना कर देते तो उसकी जान नहीं जाती। ग्रामीणों ने पिटाई के बाद उसे गांव के बाहर फेंक दिया। यदि समय रहते उसे चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो भी उसकी जान बच सकती थी। सवेरे को सात बजे मृतक के रिश्तेदार ध्यान सिंह को उसके बारे में जानकारी मिल गई थी। लेकिन जितेंद्र के परिजनों का इंतजार करने में समय निकल गया। वह लगभग नौ बजे गांव पहुंचे और धनौरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। यदि रिश्तेदार ही समय पर उसे किसी डाक्टर के पास ले जाते तो उसकी जान बच सकती थी।
विज्ञापन
ग्रामीण जानकारी देने से बचते रहे
बछरायूं। जितेंद्र की मौत होने की जानकारी मिलते ही आरोपी गांव से फरार हो गए। आरोपियों के घर पर उनकी बहन ही मौजूद थी जबकि परिवार के पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। घटना के बारे में जानकारी करने के लिए कई गांव वालों से बात करनी चाही तो सभी ने सवेरे को घटना की जानकारी होने की बात कह कर कन्नी काट ली। जिन दो घरों में जितेंद्र पानी पानी के लिए घुसा था। दोनों घरों के पुरुष सदस्य फरार थे। प्रभारी निरीक्षक ने कई गांव वालों से पूछताछ की लेकिन सभी ने जानकारी होने से इंकार कर दिया।
मेरा भाई जितेंद्र गुरुवार की दोपहर घर से अचानक कहीं चला गया था। उसकी तलाश की गई, लेकिन, वह नहीं मिला। शनिवार की उसके मोहम्मदपुर पट्टी में पड़े होने की सूचना मिली। उसे बुरी तरह पीटा गया था। जब हम वहां पहुंचे तो वह गंभीर रूप से घायल था। उसके शरीर पर चोटों के निशान है। उसे धनौरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने उसके मृत घोषित कर दिया। मोहम्मदपुर पट्टी के दो लोगों की उसकी पिटाई की थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई है।
- गजेंद्र सिंह, मृतक का भाई
- परिजनों ने मोहम्मदपुर पट्टी के दो लोगों पर पिटाई करने का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ विपिन ताडा, एसपी अमरोहा
विज्ञापन
थाना रजबपुर के गांव हीरा सिंह बलदाना निवासी जितेंद्र (35) पुत्र रामनिवास मानसिक रूप से कमजोर था। बीते गुरुवार को गांव से लापता हो गया था। परिजन उसकी तलाश करते हुए घूम रहे थे। जितेंद्र किसी तरह थाना क्षेत्र के गांव मौहम्मदपुुर पट्टी पहुंच गया। यहां उसके रिश्तेदार ध्यान सिंह रहते हैं। बताया जाता है कि शुक्रवार की देर रात किसी समय जितेंद्र पानी पीने के लिए एक ग्रामीण के घर में घुस गया। वह नल पर पानी पी रहा था। अचानक ग्रामीण की आंख खुल गई। उसने चोर समझ कर शोर मचा दिया। शोर की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीण भी मौके पर आ गए। आरोप है कि ग्रामीणों ने उससे पूछताछ की लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाया। इससे पहले जितेंद्र पड़ोसी ग्रामीण के घर में भी पानी पीने के लिए उसके नल पर गया था। जितेंद्र के कोई जवाब नहीं देने पर ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उसकी पिटाई के बाद ग्रामीण उसे गांव के बाहर डाल आए। सवेरे को ग्रामीणों को एक युवक के घायल हालत में पड़ा होने की जानकारी हुई। मृतक का रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गया। उसने जितेंद्र को पहचान लिया और उसे अपने घर लिवा लाया। सूचना मिलने पर जितेंद्र के परिजन भी गांव आ गए और उसे उपचार के लिए धनौरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह गांव पहुंचे और गांव वालों से घटना की जानकारी की। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मृतक के भाई गजेंद्र सिंह की ओर से गांव निवासी दो सगे भाइयों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
विज्ञापन
यदि समय पर उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच जाती
बछरायूं। यदि ग्रामीण समझदारी से काम लेते को जितेंद्र की जान बच सकती थी। बताया जाता है कि जितेंद्र मानसिक रूप से कमजोर है। यदि गांव वाले उसे पकड़ कर पुलिस को सूचना कर देते तो उसकी जान नहीं जाती। ग्रामीणों ने पिटाई के बाद उसे गांव के बाहर फेंक दिया। यदि समय रहते उसे चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो भी उसकी जान बच सकती थी। सवेरे को सात बजे मृतक के रिश्तेदार ध्यान सिंह को उसके बारे में जानकारी मिल गई थी। लेकिन जितेंद्र के परिजनों का इंतजार करने में समय निकल गया। वह लगभग नौ बजे गांव पहुंचे और धनौरा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। यदि रिश्तेदार ही समय पर उसे किसी डाक्टर के पास ले जाते तो उसकी जान बच सकती थी।
विज्ञापन
ग्रामीण जानकारी देने से बचते रहे
बछरायूं। जितेंद्र की मौत होने की जानकारी मिलते ही आरोपी गांव से फरार हो गए। आरोपियों के घर पर उनकी बहन ही मौजूद थी जबकि परिवार के पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। घटना के बारे में जानकारी करने के लिए कई गांव वालों से बात करनी चाही तो सभी ने सवेरे को घटना की जानकारी होने की बात कह कर कन्नी काट ली। जिन दो घरों में जितेंद्र पानी पानी के लिए घुसा था। दोनों घरों के पुरुष सदस्य फरार थे। प्रभारी निरीक्षक ने कई गांव वालों से पूछताछ की लेकिन सभी ने जानकारी होने से इंकार कर दिया।
मेरा भाई जितेंद्र गुरुवार की दोपहर घर से अचानक कहीं चला गया था। उसकी तलाश की गई, लेकिन, वह नहीं मिला। शनिवार की उसके मोहम्मदपुर पट्टी में पड़े होने की सूचना मिली। उसे बुरी तरह पीटा गया था। जब हम वहां पहुंचे तो वह गंभीर रूप से घायल था। उसके शरीर पर चोटों के निशान है। उसे धनौरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने उसके मृत घोषित कर दिया। मोहम्मदपुर पट्टी के दो लोगों की उसकी पिटाई की थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई है।
- गजेंद्र सिंह, मृतक का भाई
- परिजनों ने मोहम्मदपुर पट्टी के दो लोगों पर पिटाई करने का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ विपिन ताडा, एसपी अमरोहा