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Amroha News: निजी अस्पताल के कंपाउंडर की मौत में चार के खिलाफ हत्या का केस
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नौगांवा सादात। निजी अस्पताल के कंपाउंडर जामिन अब्बास की मौत के मामले में पुलिस ने चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। करीब दो महीने पहले क्रिकेट मैच में हुए झगड़े का बदला लेने के लिए हत्या करने का आरोप है। कंपाउंडर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे पर लटकने से मौत की पुष्टि हुई है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नौगांवा सादात कस्बा के रहने वाले अली हैदर का बेटा जामिन अब्बास कस्बे में ही एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर की नौकरी करता था। बृहस्पतिवार को वह अस्पताल नहीं आया था। दोपहर तीन बजे धनौरा रोड स्थित खेड़ी के मोड़ से जामिन अब्बास अचानक लापता हो गया। परिजनों ने जामिन अब्बास को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। परिजनों ने जामिन अब्बास के लापता होने की थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
मोबाइल की लोकेशन के आधार पर आसपास के खेतों में तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार की दोपहर जामिन का शव अपने घर से करीब तीस मीटर दूर सरकारी ट्यूबवेल के पास शीशम के पेड़ के सहारे फंदे पर लटकता मिला था। इस मामले में परिजनों ने 12 जून को बांसखेड़ी गांव में क्रिकेट मैच के दौरान हुए झगड़े का बदला लेने के लिए हम्माद, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद हसनैन व अन्य व्यक्ति पर जामिन अब्बास की हत्या करने का आरोप लगाया।
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सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में मृतक जामिन अब्बास के भाई अबुल हसन की तहरीर पर हम्माद, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद हसनैन और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे पर लटकने से जामिन अब्बास की मौत की पुष्टि हुई है। प्रकरण में हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
परिजनों ने यह भी लगाया आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि 12 जून को बांसखेड़ी में क्रिकेट मैच के दौरान हुए झगड़े के बाद जामिन अब्बास ने भी थाने में तहरीर दी थी, लेकिन उसकी तरफ से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने दूसरे पक्ष की तरफ से मारपीट व धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें जामिन अब्बास को भी आरोपी बनाया गया। इस मामले में जामिन अब्बास ने न्यायालय से अपनी जमानत करा ली थी। लेकिन, तभी से हम्माद, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद हसनैन और उनके गिरोह के कुछ लोग जामिन अब्बास की हत्या करने की लगातार कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि जिस अस्पताल में जामिन अब्बास नौकरी करता था, वहां भी उसकी हत्या करने की कोशिश की गई। आरोप लगाया कि एक अगस्त की दोपहर तीन बजे जामिन अब्बास मोहल्ला बड़ी इमली धनौरा रोड स्थित अपने घर से किसी कार्य से बस्ती जा रहा था। तब भी आरोपियों ने जामिन अब्बास का अपहरण कर लिया और बाद में बांसखेड़ी गांव के जंगल में ले गए। जहां जामिन अब्बास को बुरी तरह मारपीट करके घायल कर दिया। उसका गला काटा और उसके धारदार हथियार के उसके शरीर पर चोट पहुंच कर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को बांसखेड़ी गांव के जंगल में फंदे पर लटका दिया।
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नौगांवा सादात कस्बा के रहने वाले अली हैदर का बेटा जामिन अब्बास कस्बे में ही एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर की नौकरी करता था। बृहस्पतिवार को वह अस्पताल नहीं आया था। दोपहर तीन बजे धनौरा रोड स्थित खेड़ी के मोड़ से जामिन अब्बास अचानक लापता हो गया। परिजनों ने जामिन अब्बास को काफी तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। परिजनों ने जामिन अब्बास के लापता होने की थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
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मोबाइल की लोकेशन के आधार पर आसपास के खेतों में तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार की दोपहर जामिन का शव अपने घर से करीब तीस मीटर दूर सरकारी ट्यूबवेल के पास शीशम के पेड़ के सहारे फंदे पर लटकता मिला था। इस मामले में परिजनों ने 12 जून को बांसखेड़ी गांव में क्रिकेट मैच के दौरान हुए झगड़े का बदला लेने के लिए हम्माद, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद हसनैन व अन्य व्यक्ति पर जामिन अब्बास की हत्या करने का आरोप लगाया।
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सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में मृतक जामिन अब्बास के भाई अबुल हसन की तहरीर पर हम्माद, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद हसनैन और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे पर लटकने से जामिन अब्बास की मौत की पुष्टि हुई है। प्रकरण में हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
परिजनों ने यह भी लगाया आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि 12 जून को बांसखेड़ी में क्रिकेट मैच के दौरान हुए झगड़े के बाद जामिन अब्बास ने भी थाने में तहरीर दी थी, लेकिन उसकी तरफ से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने दूसरे पक्ष की तरफ से मारपीट व धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें जामिन अब्बास को भी आरोपी बनाया गया। इस मामले में जामिन अब्बास ने न्यायालय से अपनी जमानत करा ली थी। लेकिन, तभी से हम्माद, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद हसनैन और उनके गिरोह के कुछ लोग जामिन अब्बास की हत्या करने की लगातार कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि जिस अस्पताल में जामिन अब्बास नौकरी करता था, वहां भी उसकी हत्या करने की कोशिश की गई। आरोप लगाया कि एक अगस्त की दोपहर तीन बजे जामिन अब्बास मोहल्ला बड़ी इमली धनौरा रोड स्थित अपने घर से किसी कार्य से बस्ती जा रहा था। तब भी आरोपियों ने जामिन अब्बास का अपहरण कर लिया और बाद में बांसखेड़ी गांव के जंगल में ले गए। जहां जामिन अब्बास को बुरी तरह मारपीट करके घायल कर दिया। उसका गला काटा और उसके धारदार हथियार के उसके शरीर पर चोट पहुंच कर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को बांसखेड़ी गांव के जंगल में फंदे पर लटका दिया।