{"_id":"684f2fa59ef1f765fa043dda","slug":"many-people-from-naugaon-are-stranded-in-iran-their-families-are-worried-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-141903-2025-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: ईरान में फंसे नौगांवा के कई लोग, परिजन चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: ईरान में फंसे नौगांवा के कई लोग, परिजन चिंतित
Mon, 16 Jun 2025 02:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 16 Jun 2025 02:10 AM IST
विज्ञापन
नौगांवा सादात (अमरोहा)।
ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच ईरान में फंसे स्थानीय लोगों के परिजनों को उनकी चिंता सताने लगी है। ज्यारत के अलावा दीनी तालीम और मेडिकल शिक्षा के लिए नौगांवा सादात के काफी लोग फिलहाल ईरान में हैं।
उनकी सुरक्षा को लेकर परिजन फ्रिकमंद है। वह लगातार संपर्क में रहकर उनकी वापस का इंतजार कर रहे हैं। अमरोहा जनपद से बड़ी संख्या में लोग दूसरे देशों में पढ़ाई व अन्य कामों के लिए जाते रहे हैं। ईरान देश शिया समुदाय की दीनी तालीम का बड़ा केंद्र भी माना जाता है। नौगांवा के कई परिवारों के लोग भी फिलहाल ईरान में हैं। इजराइल व ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच उन परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। यहां के साकी तेहरान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा दानियाल, शमून, सहरिश व मिस्बाह भी वहां एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए गए हुए हैं।
विज्ञापन
ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच ईरान में फंसे स्थानीय लोगों के परिजनों को उनकी चिंता सताने लगी है। ज्यारत के अलावा दीनी तालीम और मेडिकल शिक्षा के लिए नौगांवा सादात के काफी लोग फिलहाल ईरान में हैं।
उनकी सुरक्षा को लेकर परिजन फ्रिकमंद है। वह लगातार संपर्क में रहकर उनकी वापस का इंतजार कर रहे हैं। अमरोहा जनपद से बड़ी संख्या में लोग दूसरे देशों में पढ़ाई व अन्य कामों के लिए जाते रहे हैं। ईरान देश शिया समुदाय की दीनी तालीम का बड़ा केंद्र भी माना जाता है। नौगांवा के कई परिवारों के लोग भी फिलहाल ईरान में हैं। इजराइल व ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच उन परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। यहां के साकी तेहरान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा दानियाल, शमून, सहरिश व मिस्बाह भी वहां एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए गए हुए हैं।
विज्ञापन