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पीएचसी के निर्माणाधीन भवन में घटिया सामग्री देख भड़के डीएम, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने के आदेश

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2021 12:11 AM IST
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low quality construction of chc building
गजरौला (अमरोहा)। गांव कुदैना चक में निर्मित सामुदायिक शौचालय में घटिया निर्माण सामग्री लगे देख डीएम उमेश मिश्र का पारा चढ़ गया। उन्होंने एडीओ पर विभागीय कार्रवाई और जिला पंचायत राज अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। वहीं रखेड़ा में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में रेत और सीमेंट का अनुपात कम देख गहरी नाराजगी व्यक्त कर ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने के आदेश दिए।
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शनिवार को डीएम उमेश मिश्र ने ब्लाक के गांव कुदैना चक पहुंचकर वहां निर्मित सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण किया। प्रयोग की गई निर्माण सामग्री में सीमेंट और बालू का अनुपात बहुत कम था। हाथ से पकड़ने पर ही दीवार की चिनाई में लगा सीमेंट और बालू निकल रहा था। दरवाजे में बहुत ही पतली चादर के प्रयोग किये गए थे। साथ ही टाइल्स बहुत ही निम्न गुणवत्ता की मिली। इस पर डीएम ने कड़ा संज्ञान लेते हुए एमडीएम धनौरा और एई पीडब्ल्यूडी को संयुक्त जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा है कि धन का दुरुपयोग पाए जाने पर संबंधित से वसूली की जाएगी। उन्होंने सहायक खंड विकास अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई तथा जिला पंचायत राज अधिकारी से स्पष्टीकरण कॉल करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने बच्चों से स्कूल में स्वेटर मिलने की जानकारी भी ली। बाद में गांव रखेड़ा में एक करोड़ 38 लाख की लागत से बन रहे पीएचसी के भवन के निरीक्षण को जा पहुंचे। यहां भी बालू और सीमेंट का अनुपात देखकर भड़क गए। अधिशासी अभियंता, ठेकेदार एवं कार्यदायी संस्था पर नाराजगी व्यक्त की। दीवार पर की गई चिनाई की गुणवत्ता परखने के लिए लकड़ी के टुकड़े से कुरेदा तो प्लास्टर निकल रहा था। यह देख डीएम ने कहा कि लापरवाही की सभी हदें पार की गई हैं। दोषियों को बख्शा नही जाएगा। धन की एक-एक पाई पाई वसूल की जाएगी। कहा कि भवन में एक वर्ष तक भी सही सलामत से चलने की क्षमता नहीं है। नीचे की दीवार और बीच के बीच में कोई सपोर्ट नहीं किया गया है। 15 फीट बीम के बीच में ना कोई खंभा है और न दीवार में ही बीम को सपोर्ट किया गया है। कमरे में जो बीम प्रयोग की गई है वह नीचे धंस गई है और छत नीचे आ गई है। सहायक अभियंता सशमीत कटियार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद के आयुक्त को पत्र लिखने के लिए निर्देश दिया।
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