{"_id":"66aeadef041eb49a570ad724","slug":"ganga-water-level-decreased-villagers-breathed-a-sigh-of-relief-gajraula-news-c-284-1-smbd1015-123251-2024-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: तिगरी गंगा का जलस्तर कम, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: तिगरी गंगा का जलस्तर कम, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
विज्ञापन
गजरौला। बिजनौर बैराज से गंगा में 52411 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद गंगा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर कम हो गया। शनिवार को जल स्तर 200.10 मीटर दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पूर्व 200.30 मीटर दर्ज किया गया था। जलस्तर कम होने से टापू में बसे गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि चारा आदि लाने में दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।
शनिवार की सुबह तिगरी में जलस्तर 200.10 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में पानी कम होने से टापू में बसे दारानगर, शीशोवाली, भुड्डी वाली, जाटोंवाली, मंदिर वाली आदि गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि पानी कम हो जाने से निचले इलाके के खेतों में खड़ी हरे चारे, मक्का, सब्जी आदि की फसल नष्ट होने का डर सता रहा था। हालांकि उनकी परेशानी दूर नहीं हुई। शीशों वाली और ओसीता जगदेवपुर के ग्रामीणों को खेतों से चारा आदि लाने में खासी परेशानी सामने आ रही है। ग्रामीणों को गांव से खेतों की तरफ जा रहे मुख्य मार्ग पर पानी भरा होने के कारण उसे पार करना पड़ रहा है।
बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि गंगा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर कम हो गया है।
विज्ञापन
शनिवार की सुबह तिगरी में जलस्तर 200.10 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में पानी कम होने से टापू में बसे दारानगर, शीशोवाली, भुड्डी वाली, जाटोंवाली, मंदिर वाली आदि गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि पानी कम हो जाने से निचले इलाके के खेतों में खड़ी हरे चारे, मक्का, सब्जी आदि की फसल नष्ट होने का डर सता रहा था। हालांकि उनकी परेशानी दूर नहीं हुई। शीशों वाली और ओसीता जगदेवपुर के ग्रामीणों को खेतों से चारा आदि लाने में खासी परेशानी सामने आ रही है। ग्रामीणों को गांव से खेतों की तरफ जा रहे मुख्य मार्ग पर पानी भरा होने के कारण उसे पार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि गंगा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर कम हो गया है।