बिजली बिल और जुर्माने की रकम जमा करने को लेकर भाकियू टिकैत गुट व बिजली विभाग के अधिकारी आमने सामने आ गए हैं। भाकियू ने जहां विद्युत वितरण खंड प्रथम पर धरने का एलान किया है तो वहीं बिजली अधिकारियों ने जबरन मौके पर भेजे जाने पर सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है।
अधिशासी अभियंता (विद्युत) ने डीएम बीके त्रिपाठी को दिए पत्र में कहा है कि भाकियू टिकैत गुट के युवा जिला उपाध्यक्ष ने एक्सईएन प्रेमपाल सिंह के साथ नगलिया के किसान श्याम सिंह के बिजली बिल भुगतान, जुर्माने को कम करने के लिए दबाव बनाया। इन्कार करने पर कहा है कि जनपद में नौकरी करनी है तो किसान यूनियन के अनुसार काम करना पड़ेगा। नियम कायदे हमें मत समझाओ। इससे बिजली अधिकारी व कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा है कि भाकियू की किसी भी बैठक में जन समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्हें अकेला न भेजा जाए। अगर ऐसा हुआ तो वे कलक्ट्रेट परिसर में सामूहिक आत्मदाह को विवश होंगे। भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि नगलिया के किसान श्याम सिंह का नलकूप का वैध कनेक्शन है। अधिकारियों ने कागजों में उनकी बिजली आपूर्ति काट दी। चेकिंग के दौरान उनपर बिजली चोरी डालकर भारी भरकम जुर्माना जमा कराने को कहा गया है। इसी को लेकर वार्ता हुई थी। भाकियू की ओर से बुधवार को विद्युत वितरण खंड प्रथम पर धरना आयोजित किया जा रहा है। जिसमें बिजली अधिकारियों को बुलाने की मांग की गई है। चेकिंग के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए।
मेरे संज्ञान में आया है संगठन के कुछ लोगों ने अधिकारियों-कर्मचारियों को धमकी दी है। व्यक्तिगत कामों के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बिजली अधिकारी कर्मचारी किसानों की सेवा के लिए हैं, लेकिन संगठन के नाम पर व्यक्तिगत काम के लिए दबाव बनाना ठीक नहीं है।- संजीव सिंह राजवंशी, अधीक्षण अभियंता