चिटफंड कंपनी के चार निदेशकों ने एफडी के जरिये रकम दोगुनी करने के नाम पर नौगावां सादात थाना क्षेत्र निवासी व उसके मिलने वालों से दस लाख रुपये जमा करा लिए। बाद में एफडी का समय पूर्ण हो जाने पर रकम लौटाने का तकाजा करने पर गाली गलौज कर साफ इनकार कर दिया। उसे जान से मारने और परिवार को अगवा करने व एससी एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। थाना पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चारों निदेशकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांवड़ी निवासी रामपाल द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक एसजीबी इन्फ्राटेक एंड एग्रोलैंड लिमिटेड व एसजी बी आयुर्वेदा, 1 जैड एच इन कंपनियों के ऑफिस रेलवे क्रासिंग बसंत बिहार गजरौला व एमडीए कालोनी में स्थित हैं।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बाईखेड़ा निवासी राजपाल, अमरोहा के अहमद नगर निवासी संजीव, संभल के असमोली थाना क्षेत्र के ढकिया गालबपुर का पंचम सागर और गजरौला के लूट लखमिया निवासी अमित कंपनी के निदेशक हैं। इन कंपनियों की विभिन्न शाखा व ऑफिस अलग-अलग शहरों में हैं। इन कंपनियों का कार्य रियल में आरडीएफडी के माध्यम से ग्राहकों का पैसा इकट्ठा करना था। 2014 में रामपाल की मुलाकात कंपनी के निदेशक संजीव से हुई। संजीव ने कहा था कि हमने मिलकर एक कंपनी खोली है।
कंपनी के प्रचार प्रसार के बारे में बताया और रकम दोगुनी करने और आठ से 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलने की बात कही। उसकी बातों पर विश्वास कर रामपाल ने कंपनी में अपने मिलने वालों के दस लाख रुपये जमा किए। जिसकी एफडी पूर्ण होने पर रामपाल व उनके मिलने वालों ने पैसों का तकाजा किया। मगर संजीव सहित सभी निदेशकों ने टाल मटोल कर दी। गाली गलौज और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पैसे मांगने पर जान से मारने व परिवार सहित अगवा करने की धमकी दी। संजीव ने एससी एक्ट का झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दी। वह घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गया, लेकिन पुलिस ने अभियोग पंजीकृत नहीं किया। जिस पर उसने कोर्ट की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर थाना पुलिस ने कंपनी के चारों निदेशकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।