मंडी धनौरा (अमरोहा)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने आरोप लगाते हुए कहा है कि किसान वर्तमान सरकार के एजेंडे से बाहर हो गया है। सरकार खेती व किसान को बर्बाद करना चाहती है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र बनाना चाहती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर सरकार की किसान विरोधी नीतियों को मुकाबला करें। वह निकटवर्ती गांव धनौरी खुर्द में भाकियू की महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।
भाकियू नेता ने कहा कि सरकार कांट्रेक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देना चाहती है। इससे किसान व खेती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाकियू इसका जमकर विरोध करेगी। उन्होंने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे पर किसानों से अपील की कि वे गन्ने की पैदावार कम कर दें। कहा कि जब गन्ने की पैदावार कम होगी तो चीनी मिल मालिकों के दिमाग ठिकाने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पांच विदेशी कंपनियों को लाइसेंस देकर देश में दूध की बिक्री की अनुमति देने जा रही है। ये कंपनियां 25 रुपये लीटर दूध बेचेंगी। ऐसी स्थिति में किसान कहां जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बहुुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे शीतल पेयों का बहिष्कार करें और दूध-दही का सेवन करें। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश की विदेेशी मुद्रा बचेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। इससे पहले राकेश टिकैत का जनपद की सीमा पर जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, डूंगर सिंह, बिजेंद्र शर्मा, उम्मेद सिंह, सौवीर सिंह, दिनेश प्रधान, दानवीर सिंह, सतेंद्र सिंह, नरेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, मनोज चौधरी, नौ सिंह, शिवकुमार त्यागी, सतीश चौधरी आदि मौजूद थे।