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Amroha News: अमरोहा के धातु व लकड़ी के उत्पाद भी ओडीओपी में शामिल, बढ़ेगी मांग
Mon, 12 May 2025 01:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 12 May 2025 01:45 AM IST
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अमरोहा। ढोलक के बाद अब जिले में बने मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को भी एक नई पहचान मिलेगी। सरकार की ओर से मेटल और वुडन से बने हैंडीक्राफ्ट को भी एक जिला एक उत्पाद के रूप में शामिल कर लिया गया है। ढोलक की थाप के बाद अमरोहा की मेटल और वुडन कारीगरी भी लोगों के घरों की शोभा को बढ़ाएगी। इसको बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग ने कवायद भी शुरू कर दी हैं।
जिले में अपनी विशेष पहचान रखने वाले उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से सरकार ने 2018 में ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना की शुरुआत की थी। इसमें हर जिले की पहचान बने विशेष उत्पादों को शामिल किया गया था। अमरोहा में ढोलक बनाए जाने का काम बड़े स्तर पर होता है। इसे बढ़ावा दिए जाने के लिए अमरोहा की ढोलक ओडीओपी में शामिल की गई थी। जिसके बाद यहां की ढोलक को देश-विदेश में एक नई पहचान मिली। साथ ही योजना के तहत ढोलक बनाने वाले कारीगरों को भी सरकार ने सुविधाएं मुहैया कराई तो उनकी आमदनी का जरिया तो बढ़ा ही, साथ ही इसका निर्यात भी बढ़ गया। अन्य प्रदेशों से भी समय-समय पर ढोलक की खूब डिमांड मिलती रही है।
अमरोहा में ढोलक की 150 से भी अधिक इकाइयां हैं, जिनसे हजारों की संख्या में लोग रोजगार पा रहे हैं। लेकिन, अब अमरोहा की मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट की कारीगरी भी अपनी चमक बिखेरेगी। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को अमरोहा के लिए ओडीओपी में शामिल कर लिया गया है, जिसके तहत लकड़ी और मेटल पर नक्काशी कर बनाए आकर्षक उत्पाद लोगों के ड्राइंग रूम व घरों की रौनक को बढ़ांएगे। इतना ही नही, इस काम से जुड़े लोगों को भी रोजगार के लिए सरकार सुविधाएं मुहैया कराकर इसको बढ़ावा देगी।
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सीएम तक पहुंचाई थी मांग
जिले में मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को ओडीओपी में शामिल करने की मांग पहले से होती रही है। बीते वर्षों में मुख्यमंत्री के मुरादाबाद आने के दौरान भी यहां के उद्यमियों ने इसको ओडीओपी में शामिल करने की मांग रखी थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने इस पर जल्द ही निर्णय लिए जाने का भरोसा दिलाया था।
हर साल होता है लगभग 1200 करोड़ का निर्यात
जिले में मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट का काम बहुत पुराना है। उद्योग विभाग के अनुसार यहां करीब 30 इकाइयां हैंडीक्राफ्ट के निर्यात का काम करती हैं। हर साल करीब 1200 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया जाता है। इसके अलावा करीब 100 से अधिक छोटी-इकाइयां भी हैं। ओडीओपी में शामिल होने के बाद इसके हुनरमंद लोगों को इस काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।
टूलकिट के लिए मांगे गए आवेदन
ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के तहत जल्द ही ढोलक, रेडीमेड गारमेंट्स, मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट से जुड़े लोगों को टूल किट का वितरण भी किया जाएगा। उद्योग उपायुक्त शैलेंद्र सिंह के अनुसार 18 से 45 वर्ष आयु के आवेदक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक 30 जून तक diupmsme.upsdc.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदक का आयु व आय प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक की पासबुक, आधार कार्ड व जाति प्रमाणपत्र तथा शैक्षिक योग्यता का प्रमाणपत्र लगाना होगा। योजना के तहत आवेदक को एक संबंधित टूलकिट और दो हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
- मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को ओडीओपी में शामिल कर सरकार ने जिले के लिए अच्छा निर्णय लिया है। इससे जिले के हैंडीक्राफ्ट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उद्यमियों को भी इसका लाभ मिलेगा। जिससे अमरोहा के हैंडीक्राफ्ट उद्योग को भी एक अलग पहचान मिलेगी। - मोहम्मद इकबाल शम्सी, हैंडीक्राफ्ट उद्यमी
- अमरोहा के मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट उद्योग के लिए सरकार का यह एक तोहफा है। ढोलक की तरह ही जिले में अब हैंडीक्राफ्ट उद्योगों को बढ़ावा मिल सकेगा। - दानिश नईम, हैंडीक्राफ्ट उद्यमी
- मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट उद्योग को भी ओडीपीओ में शामिल किया गया है। योजना के तहत इसको बढ़ावा दिए जाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। जिससे इससे जुड़े लोगों को इसका लाभ मिल सके। - शैलेंद्र सिंह, उपायुक्त, उद्योग
- ढोलक व रेडीमेड गारमेंट्स के बाद अब मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को भी ओडीओपी में शामिल किया गया है। इससे ढोलक के बाद अमरोहा के इस उद्योग को भी देश-विदेश में एक अलग पहचान मिल सकेगी। -
निधि गुप्ता वत्स, डीएम
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जिले में अपनी विशेष पहचान रखने वाले उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से सरकार ने 2018 में ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना की शुरुआत की थी। इसमें हर जिले की पहचान बने विशेष उत्पादों को शामिल किया गया था। अमरोहा में ढोलक बनाए जाने का काम बड़े स्तर पर होता है। इसे बढ़ावा दिए जाने के लिए अमरोहा की ढोलक ओडीओपी में शामिल की गई थी। जिसके बाद यहां की ढोलक को देश-विदेश में एक नई पहचान मिली। साथ ही योजना के तहत ढोलक बनाने वाले कारीगरों को भी सरकार ने सुविधाएं मुहैया कराई तो उनकी आमदनी का जरिया तो बढ़ा ही, साथ ही इसका निर्यात भी बढ़ गया। अन्य प्रदेशों से भी समय-समय पर ढोलक की खूब डिमांड मिलती रही है।
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अमरोहा में ढोलक की 150 से भी अधिक इकाइयां हैं, जिनसे हजारों की संख्या में लोग रोजगार पा रहे हैं। लेकिन, अब अमरोहा की मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट की कारीगरी भी अपनी चमक बिखेरेगी। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को अमरोहा के लिए ओडीओपी में शामिल कर लिया गया है, जिसके तहत लकड़ी और मेटल पर नक्काशी कर बनाए आकर्षक उत्पाद लोगों के ड्राइंग रूम व घरों की रौनक को बढ़ांएगे। इतना ही नही, इस काम से जुड़े लोगों को भी रोजगार के लिए सरकार सुविधाएं मुहैया कराकर इसको बढ़ावा देगी।
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सीएम तक पहुंचाई थी मांग
जिले में मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को ओडीओपी में शामिल करने की मांग पहले से होती रही है। बीते वर्षों में मुख्यमंत्री के मुरादाबाद आने के दौरान भी यहां के उद्यमियों ने इसको ओडीओपी में शामिल करने की मांग रखी थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने इस पर जल्द ही निर्णय लिए जाने का भरोसा दिलाया था।
हर साल होता है लगभग 1200 करोड़ का निर्यात
जिले में मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट का काम बहुत पुराना है। उद्योग विभाग के अनुसार यहां करीब 30 इकाइयां हैंडीक्राफ्ट के निर्यात का काम करती हैं। हर साल करीब 1200 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया जाता है। इसके अलावा करीब 100 से अधिक छोटी-इकाइयां भी हैं। ओडीओपी में शामिल होने के बाद इसके हुनरमंद लोगों को इस काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।
टूलकिट के लिए मांगे गए आवेदन
ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के तहत जल्द ही ढोलक, रेडीमेड गारमेंट्स, मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट से जुड़े लोगों को टूल किट का वितरण भी किया जाएगा। उद्योग उपायुक्त शैलेंद्र सिंह के अनुसार 18 से 45 वर्ष आयु के आवेदक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक 30 जून तक diupmsme.upsdc.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदक का आयु व आय प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक की पासबुक, आधार कार्ड व जाति प्रमाणपत्र तथा शैक्षिक योग्यता का प्रमाणपत्र लगाना होगा। योजना के तहत आवेदक को एक संबंधित टूलकिट और दो हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
- मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को ओडीओपी में शामिल कर सरकार ने जिले के लिए अच्छा निर्णय लिया है। इससे जिले के हैंडीक्राफ्ट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उद्यमियों को भी इसका लाभ मिलेगा। जिससे अमरोहा के हैंडीक्राफ्ट उद्योग को भी एक अलग पहचान मिलेगी। - मोहम्मद इकबाल शम्सी, हैंडीक्राफ्ट उद्यमी
- अमरोहा के मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट उद्योग के लिए सरकार का यह एक तोहफा है। ढोलक की तरह ही जिले में अब हैंडीक्राफ्ट उद्योगों को बढ़ावा मिल सकेगा। - दानिश नईम, हैंडीक्राफ्ट उद्यमी
- मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट उद्योग को भी ओडीपीओ में शामिल किया गया है। योजना के तहत इसको बढ़ावा दिए जाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। जिससे इससे जुड़े लोगों को इसका लाभ मिल सके। - शैलेंद्र सिंह, उपायुक्त, उद्योग
- ढोलक व रेडीमेड गारमेंट्स के बाद अब मेटल और वुडन हैंडीक्राफ्ट को भी ओडीओपी में शामिल किया गया है। इससे ढोलक के बाद अमरोहा के इस उद्योग को भी देश-विदेश में एक अलग पहचान मिल सकेगी। -
निधि गुप्ता वत्स, डीएम