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जिले के 962 तालाब अभी भी सूखे
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Tue, 19 Jun 2018 01:17 AM IST
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- फोटो : demo pic
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गिरते भू जल स्तर को बचाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने तालाब भरने की योजना शुरु की। जिसमें मनरेगा के तहत तालाबों खुुदाई कराते हुए पानी से लबालब किया जाना था। जिसमें 541 तालाबों पानी भर लिया गया है। वहीं 962 तालाबों पानी भरना बाकी रह गया है।
पिछले महीने मनरेगा के तहत पाट लिए गए तालाबों को खुदवाने की प्रक्रिया शुरु हुई। बाकायदा जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने पूजा अर्चना करते हुए तालाबों की खुदाई शुरु कराई थी। सभी पंचायतों में तालाबों को खोदा जाने लगा। कुछ पहले ही सूखे पड़े थे। जिनमें पानी भरा जाना था।
गौरतलब है कि अमरोहा ब्लाक के छह ब्लाक मे केवल गंगेश्वरी को छोड़कर सभी डार्क जोन में शामिल है। पांच ब्लाकों में भू जल स्तर काफी नीचे पहुंच गया है। अगर तालाबों को नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में हालात भयंकर हो जाएंगे। जिसके चलते ही शासन स्तर से पानी भरने की कवायद शुरु हुई। खैर तालाबों में पानी भरा जाने लगा लेकिन, काफी पंचायतों में यह अभियान ठिठक कर रह गया है। सूत्रों की मानें तो कुछ प्रधान भी रुचि नहीं ले रहे हैं। कुछ जगहों पर तालाबों के पास पानी भरने के लिए नलकूप या नहर का साधन नहीं है।
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पिछले महीने मनरेगा के तहत पाट लिए गए तालाबों को खुदवाने की प्रक्रिया शुरु हुई। बाकायदा जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने पूजा अर्चना करते हुए तालाबों की खुदाई शुरु कराई थी। सभी पंचायतों में तालाबों को खोदा जाने लगा। कुछ पहले ही सूखे पड़े थे। जिनमें पानी भरा जाना था।
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गौरतलब है कि अमरोहा ब्लाक के छह ब्लाक मे केवल गंगेश्वरी को छोड़कर सभी डार्क जोन में शामिल है। पांच ब्लाकों में भू जल स्तर काफी नीचे पहुंच गया है। अगर तालाबों को नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में हालात भयंकर हो जाएंगे। जिसके चलते ही शासन स्तर से पानी भरने की कवायद शुरु हुई। खैर तालाबों में पानी भरा जाने लगा लेकिन, काफी पंचायतों में यह अभियान ठिठक कर रह गया है। सूत्रों की मानें तो कुछ प्रधान भी रुचि नहीं ले रहे हैं। कुछ जगहों पर तालाबों के पास पानी भरने के लिए नलकूप या नहर का साधन नहीं है।
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