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Amroha News: गैर इरादतन हत्या के तीन दोषियों को 7 साल की सजा
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अमरोहा। गैर इरादतन हत्या के तीन दोषियों को न्यायालय ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 33 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी दोषी जमानत पर बाहर थे, न्यायालय का फैसला आने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना 13 फरवरी 2018 को मंडी धनौरा के गांव आजमपुर में हुई थी। यहां पर किसान प्रेम सिंह का परिवार रहता है। उनका बेटा हिमाचल में मजदूरी करता है। घर में प्रेम सिंह और उनकी पत्नी फूलवती रहते थे। फूलवती मानसिक रूप से कमजोर थीं। प्रेम सिंह का अपने घर के सामने रहने वाले चंद्रपाल, रणवीर, इंद्रपाल और प्रताप से पुराना जमीनी विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन प्रेम सिंह का धेवता राजकुमार भी घर पर आया हुआ था। इस दौरान इंद्रपाल, रणवीर, चंद्रपाल और प्रताप सिंह ने फूलवती के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। परिजनों ने उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में मृतका के धेवते राजकुमार ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
बाद में पुलिस ने विवेचना के दौरान प्रताप का नाम निकाल दिया था, जबकि चंद्रपाल, इंद्रपाल और रणवीर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल तीनों जमानत पर जेल से बाहर थे। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय ईश्वर सिंह की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी पैरवी कर रहे थे। न्यायालय ने शुक्रवार को मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर चंद्रपाल, इंद्रपाल और रणवीर को दोषी करार दिया। साथ ही तीनों को सात-सात साल की सजा सुनाई और 33 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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ये घटना 13 फरवरी 2018 को मंडी धनौरा के गांव आजमपुर में हुई थी। यहां पर किसान प्रेम सिंह का परिवार रहता है। उनका बेटा हिमाचल में मजदूरी करता है। घर में प्रेम सिंह और उनकी पत्नी फूलवती रहते थे। फूलवती मानसिक रूप से कमजोर थीं। प्रेम सिंह का अपने घर के सामने रहने वाले चंद्रपाल, रणवीर, इंद्रपाल और प्रताप से पुराना जमीनी विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन प्रेम सिंह का धेवता राजकुमार भी घर पर आया हुआ था। इस दौरान इंद्रपाल, रणवीर, चंद्रपाल और प्रताप सिंह ने फूलवती के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। परिजनों ने उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में मृतका के धेवते राजकुमार ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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बाद में पुलिस ने विवेचना के दौरान प्रताप का नाम निकाल दिया था, जबकि चंद्रपाल, इंद्रपाल और रणवीर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल तीनों जमानत पर जेल से बाहर थे। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय ईश्वर सिंह की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी पैरवी कर रहे थे। न्यायालय ने शुक्रवार को मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर चंद्रपाल, इंद्रपाल और रणवीर को दोषी करार दिया। साथ ही तीनों को सात-सात साल की सजा सुनाई और 33 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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