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चार साल बाद महाशिवरात्रि पर सोमवार को होगा जलाभिषेक
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अमरोहा। महाशिवरात्रि को लेकर शिवभक्त उत्साहित हैं। कांवड़ में गंगा जल लाने लिए भक्त तैयारियों में जुटे हैं। वहीं, इस बार महाशिवरात्रि पर एक खास योग बन रहा है, जो शिव भक्तों के लिए शुभ और फलदायी होगा। जी हां पिछले चार वर्षों में इस बार महाशिवरात्रि सोमवार को पड़ रही है। इतना ही नहीं आने वाले बारह सालों तक तक महाशिवरात्रि पर यह विशेष संयोग नहीं बनेगा। शास्त्रों के मुताबिक सोमवार भगवान शिव शंकर का दिन है। इसलिए इस महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक बेहद शुुभ माना जाता है।
प्राचीन गंगानाथ मंदिर के पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि चार मार्च फाल्गुन कृष्ण चतुुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भगवान मनवांछित फल देते हैं। शिवरात्रि के दिन भक्तों को शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। शिवरात्रि के दिन इन विभिन्न उपायों के करने से घर में सुख समृद्घि और शांति प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि पर शिव पूजा करने का विशेष फल मिलता है, बल्कि बेटी के विवाह दिक्कतें को दूर करने के लिए महाशिवरात्रि का व्रत और अभिषेक बेहद फलदायी होता है। मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान शिव की सेवा में दान-पुण्य करने और शिव उपासना से उपासक को मोक्ष मिलता है। दुनिया भर में हिंदू धर्म के मानने वालों के लिए भगवान शिव पूज्य हैं। इसलिए फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। जो फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में महाशिवरात्रि का पर्व सोमवार को पड़ा था। इसके चार साल बाद चार मार्च सोमवार को महाशिवरात्रि विशेष योग लेकर आ रही है। जो आने वाले बारह सालों तक नहीं हैं।
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प्राचीन गंगानाथ मंदिर के पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि चार मार्च फाल्गुन कृष्ण चतुुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भगवान मनवांछित फल देते हैं। शिवरात्रि के दिन भक्तों को शिवपुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। शिवरात्रि के दिन इन विभिन्न उपायों के करने से घर में सुख समृद्घि और शांति प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि पर शिव पूजा करने का विशेष फल मिलता है, बल्कि बेटी के विवाह दिक्कतें को दूर करने के लिए महाशिवरात्रि का व्रत और अभिषेक बेहद फलदायी होता है। मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान शिव की सेवा में दान-पुण्य करने और शिव उपासना से उपासक को मोक्ष मिलता है। दुनिया भर में हिंदू धर्म के मानने वालों के लिए भगवान शिव पूज्य हैं। इसलिए फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। जो फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में महाशिवरात्रि का पर्व सोमवार को पड़ा था। इसके चार साल बाद चार मार्च सोमवार को महाशिवरात्रि विशेष योग लेकर आ रही है। जो आने वाले बारह सालों तक नहीं हैं।
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