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Amethi News: दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ा, सांस के मरीज बढ़े
Thu, 16 Nov 2023 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 16 Nov 2023 12:18 AM IST
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मरीजों की जांच करते डॉक्टर।
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अमेठी। दिवाली पर हुई आतिशबाजी ने जिले में सांस रोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारूद के साथ तमाम खतरनाक रसायन के हवा में घुलने से पर्यावरण प्रदूषित हो गया है, जिसका असर खासकर बुजुर्गों की सेहत पर पड़ना शुरू हो गया। ओपीडी में बुखार के साथ सांस फूलने व आंखों में जलन से ग्रसित मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को सांस के 40 व आंख के जलन के 32 मरीजों का उपचार हुआ।
दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो गया है। इसका असर सेहत पर पड़ना शुरू हो गया। बुधवार को भाई दूज का अवकाश होने से ओपीडी सेवा 12 बजे तक संचालित हुई। सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो गई।
ओपीडी काउंटर पर 485 मरीजाें के पर्चे बने। फिजीशियन कक्ष में डॉ. पीके पांडेय व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ लईक-उल्ल-जमा द्वारा मरीजों को देखा जा रहा था। बताया प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। दिवाली से पहले 15-20 मरीज उनके पास पहुंचते थे। बुधवार को 40 मरीज सांस के रोग के पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमुद सिंह ने बताया कि प्रदूषण से लोगों की आंख में जलन की शिकायत बढ़ी है। बुधवार को 32 मरीजों की जांच कर उन्हें दवा दी गई।
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ऐसे करें बचाव
- दमा के मरीज बाहर निकलने से बचें, अगर निकलते हैं तो मास्क जरूर लगाएं।
- दिल के मरीज धूप निकलने पर सुबह टहले।
-अपना रक्तचाप नियमित चेक कराते रहे।
-चिकित्सक के सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
अधिक थे मरीज
ओपीडी में दमा व दिल के मरीज अधिक आए थे। इन मरीजों को पांच दिन की दवाएं दी गईं हैं। अस्पताल पहुंचे सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीजों को परामर्श के साथ निशुल्क दवा दी जा रही है। मरीजों को उपचार में कोई परेशानी नहीं हो इसका समुचित प्रबंधन किया गया है।
डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल सीएमएस, जिला अस्पताल
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दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो गया है। इसका असर सेहत पर पड़ना शुरू हो गया। बुधवार को भाई दूज का अवकाश होने से ओपीडी सेवा 12 बजे तक संचालित हुई। सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो गई।
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ओपीडी काउंटर पर 485 मरीजाें के पर्चे बने। फिजीशियन कक्ष में डॉ. पीके पांडेय व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ लईक-उल्ल-जमा द्वारा मरीजों को देखा जा रहा था। बताया प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। दिवाली से पहले 15-20 मरीज उनके पास पहुंचते थे। बुधवार को 40 मरीज सांस के रोग के पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमुद सिंह ने बताया कि प्रदूषण से लोगों की आंख में जलन की शिकायत बढ़ी है। बुधवार को 32 मरीजों की जांच कर उन्हें दवा दी गई।
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ऐसे करें बचाव
- दमा के मरीज बाहर निकलने से बचें, अगर निकलते हैं तो मास्क जरूर लगाएं।
- दिल के मरीज धूप निकलने पर सुबह टहले।
-अपना रक्तचाप नियमित चेक कराते रहे।
-चिकित्सक के सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
अधिक थे मरीज
ओपीडी में दमा व दिल के मरीज अधिक आए थे। इन मरीजों को पांच दिन की दवाएं दी गईं हैं। अस्पताल पहुंचे सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीजों को परामर्श के साथ निशुल्क दवा दी जा रही है। मरीजों को उपचार में कोई परेशानी नहीं हो इसका समुचित प्रबंधन किया गया है।
डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल सीएमएस, जिला अस्पताल