अमेठी सिटी। कहीं शिक्षा का अभाव है तो कहीं अभिभावक बगैर समझे-बूझे बेटियों की शादी कर देते हैं, जिससे घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। माता पिता की जिम्मेदारी है कि बेटियों को शिक्षा प्रदान करें और जिम्मेदारी के साथ बेटियों की शादी करें, इसे भार न समझें। ये बातें शुक्रवार को गौरीगंज तहसील सभागार में महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की जनसुनवाई करते हुए राज्य महिला आयोग सदस्य सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने कहीं।
जन सुनवाई के दौरान ब्लॉक अमेठी के सेमरहवां निवासी रोशनी ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु वर्ष 2012 में हो गई थी। गांव के एक व्यक्ति ने उनके पिता के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर उनकी जमीन कब्जा करने संग कृषि भूमि पर केसीसी ले लिया है। शिकायत के बाद जांच में फर्जीवाड़ा की बात सामने आई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं गोसाईगंज निवासी खुशी ने बताया कि उनके घर के सामने विपक्षी जबरन कब्जा कर रहे हैं। कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। दोनों पीड़ितों ने बताया कि राज्य महिला आयोग सदस्य ने कार्रवाई कराने के संबंध में अफसरों को निर्देश दिया है। आयोग सदस्य ने 32 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान एसडीएम नीतेश राज, तहसीलदार सूरज प्रताप, सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह, बीएसए संजय तिवारी, डीपीओ संतोष श्रीवास्तव, मनोज मौर्य आदि मौजूद रहे।