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रेडियोलॉजिस्ट के कोर्ट जाने से ठप रहा अल्ट्रासाउंड
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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जुटी भीड़।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर समेत जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण आए दिन अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जांच का कार्य ठप रहता है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में तैनात रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी कोर्ट साक्ष्य में लग जाने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच के लिए आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। कमोवेश जांच से जुड़ी ऐसी ही स्थिति जिला समेत तीन अन्य सरकारी अस्पताल में भी है।
जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मुहैया होने के बाद आए दिन मरीजों को इसका फायदा न मिल पाने से परेशानी उठानी पड़ती है। अक्सर जांच केंद्र पर तैनात रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी किसी दूसरे कार्य में लग जाने के कारण केंद्र पर जांच का कार्य ठप रहता है।
टांडा के मातृ शिशु इकाई में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र पर तो माह में सिर्फ दो दिन ही मरीजों को जांच की सुविधा मिल पाती है। इससे जरूरतमंदों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाकर महंगी कीमत पर जांच कराने की परेशानी उठानी पड़ती है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में मंगलवार को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचे मरीजों को रेडियोलॉजिस्ट के न होने के कारण बिना जांच के ही निराश होकर वापस लौटना पड़ा। रेडियोलॉजिस्ट पद पर तैनात डॉ. केपी गुप्ता बीते दो दिनों से कोर्ट के साक्ष्य कार्यों के सिलसिले में बाहर गए हुए हैं।
जांच कराने पहुंचे कमलनाथ ने बताया कि आलापुर से चलकर यहां तक आए हैं। जांच न हो पाने के कारण अब वापस टांडा जाकर निजी केंद्र पर महंगी जांच करा कर इलाज कराना पड़ेगा। महिला मरीज विद्यादेवी के साथ आए तीमारदार राहुल भी जांच न हो पाने से हताश दिखे। बोले कि ऑटो बुक कर केदारनगर से जांच के लिए आए थे, लेकिन यहां जांच ही नहीं हो रही। कई अन्य मरीज भी इसी तरह निराश होकर वापस लौट गए।
मरीजों की सुलभ व सस्ती दर पर अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल समेत तीन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र का संचालन हो रहा है। जिला अस्पताल में इसके लिए रेडियोलॉजिस्ट के पद पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पीएन यादव की तैनाती है।
लगभग एक वर्ष पहले संविदा पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनु उपाध्याय भी तैनात थे, लेकिन वह एमडी की तैयारी करने के लिए बाहर चले गए हैं। ऐसे में यहां सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट से ही काम चलाना पड़ रहा है। यहां भी तैनात डॉ. पीएन यादव की ड्यूटी आए दिन दूसरे कार्य में लग जाने से जांच कार्य ठप हो जाने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।
मातृ शिशु इकाई में रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं
टांडा नगर में 200 श्ैाय्या का मातृ शिशु इकाई स्थापित है। यहां महिलाओं की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन तो है लेकिन जांच कार्य के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती बीते दो वर्ष में नहीं हो पाई है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष सिंह ही प्रत्येक माह की 9 व 24 तारीख को संबंधित इकाई पहुंचकर अल्ट्रासाउंड जांच का कार्य करते हैं। जिले में जांच के लिए जरूरी छह रेडियोलॉजिस्ट की जगह वर्तमान में सिर्फ दो चिकित्सकों की ही तैनाती है। इसके चलते ही जांच का काम अक्सर ठप रहने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
रेडियोलॉजिस्ट के सभी पदों पर तैनाती हो सके, इसके लिए मुख्यालय स्तर से जरूरी पत्राचार किया जा रहा है। रिक्त पदों पर तैनाती का कार्य शासन स्तर से होना है। उम्मीद है कि जल्द ही इस परेशानी से राहत मिल सकेगी।
डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
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जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मुहैया होने के बाद आए दिन मरीजों को इसका फायदा न मिल पाने से परेशानी उठानी पड़ती है। अक्सर जांच केंद्र पर तैनात रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी किसी दूसरे कार्य में लग जाने के कारण केंद्र पर जांच का कार्य ठप रहता है।
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टांडा के मातृ शिशु इकाई में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र पर तो माह में सिर्फ दो दिन ही मरीजों को जांच की सुविधा मिल पाती है। इससे जरूरतमंदों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाकर महंगी कीमत पर जांच कराने की परेशानी उठानी पड़ती है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में मंगलवार को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए पहुंचे मरीजों को रेडियोलॉजिस्ट के न होने के कारण बिना जांच के ही निराश होकर वापस लौटना पड़ा। रेडियोलॉजिस्ट पद पर तैनात डॉ. केपी गुप्ता बीते दो दिनों से कोर्ट के साक्ष्य कार्यों के सिलसिले में बाहर गए हुए हैं।
जांच कराने पहुंचे कमलनाथ ने बताया कि आलापुर से चलकर यहां तक आए हैं। जांच न हो पाने के कारण अब वापस टांडा जाकर निजी केंद्र पर महंगी जांच करा कर इलाज कराना पड़ेगा। महिला मरीज विद्यादेवी के साथ आए तीमारदार राहुल भी जांच न हो पाने से हताश दिखे। बोले कि ऑटो बुक कर केदारनगर से जांच के लिए आए थे, लेकिन यहां जांच ही नहीं हो रही। कई अन्य मरीज भी इसी तरह निराश होकर वापस लौट गए।
मरीजों की सुलभ व सस्ती दर पर अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल समेत तीन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र का संचालन हो रहा है। जिला अस्पताल में इसके लिए रेडियोलॉजिस्ट के पद पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पीएन यादव की तैनाती है।
लगभग एक वर्ष पहले संविदा पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनु उपाध्याय भी तैनात थे, लेकिन वह एमडी की तैयारी करने के लिए बाहर चले गए हैं। ऐसे में यहां सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट से ही काम चलाना पड़ रहा है। यहां भी तैनात डॉ. पीएन यादव की ड्यूटी आए दिन दूसरे कार्य में लग जाने से जांच कार्य ठप हो जाने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।
मातृ शिशु इकाई में रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं
टांडा नगर में 200 श्ैाय्या का मातृ शिशु इकाई स्थापित है। यहां महिलाओं की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन तो है लेकिन जांच कार्य के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती बीते दो वर्ष में नहीं हो पाई है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष सिंह ही प्रत्येक माह की 9 व 24 तारीख को संबंधित इकाई पहुंचकर अल्ट्रासाउंड जांच का कार्य करते हैं। जिले में जांच के लिए जरूरी छह रेडियोलॉजिस्ट की जगह वर्तमान में सिर्फ दो चिकित्सकों की ही तैनाती है। इसके चलते ही जांच का काम अक्सर ठप रहने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
रेडियोलॉजिस्ट के सभी पदों पर तैनाती हो सके, इसके लिए मुख्यालय स्तर से जरूरी पत्राचार किया जा रहा है। रिक्त पदों पर तैनाती का कार्य शासन स्तर से होना है। उम्मीद है कि जल्द ही इस परेशानी से राहत मिल सकेगी।
डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ