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मुसीबत बनी बारिश से पेड़ व पोल धराशायी, गिरीं दीवारें
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अंबेडकरनगर में लगातार बारिश के चलते जलाशय में तब्दील हुआ अयोध्या मार्ग।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश अब आम लोगों पर कहर बनकर टूटने लगी है। शुक्रवार को भी दिन भर हुई झमाझम से कई पेड़ और बिजली पोल धराशायी हो जाने से बिजली संकट के साथ ही सड़कों पर जाम की समस्या से भी लोगों को घंटों जूझना पड़ा। लगातार हो रही बारिश के प्रकोप से कई क्षेत्रों में घर व दीवारें भी गिर गईं। हालांकि राहत की बात यह रही की इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ।
बारिश के कारण पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था के कारण 40 हजार की आबादी को आपूर्ति ठप हो जाने के कारण घंटों बिजली संकट से परेशान होना पड़ा। जिला मुख्यालय से लेकर शहर के अन्य इलाकों व कस्बों में सड़कों पर जगह-जगह हुए जलभराव व रास्तों पर गिरे पेड़ों के कारण दिन भर रही ट्रैफिक जाम की स्थिति भी सभी की परेशानी का कारण बनी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार बारिश से हुए जलभराव ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। लगातार तीन दिन से जारी बारिश के कारण शुक्रवार को दिनभर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। मौसम की बेरुखी के बाद अचानक मेहरबान हुए बदरा बीते तीन दिनों से ऐसा झूमकर बरस रहे हैं कि लोग तमाम परेशानियों से घिरने लगे हैं।
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शुक्रवार को दिन भर जारी रही बरसात ने हालात और खराब कर दिए। कभी तेज तो कभी धीमी बरसात का दौर लगभग पूरे दिन चलता रहा। इससे जिला मुख्यालय के कई मुख्य मार्ग के साथ ही अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर मीरानपुर शीतल आश्रम से चुंगी नाका तक सड़कों पर हुए भारी जल भराव के कारण घंटों जाम की स्थिति से लोगों को जूझना पड़ा। ऐसा ही कुछ नजर अकबरपुर रोडवेज, कलेक्ट्रेट के निकट तथा शहजादपुर क्षेत्र में भी दिखा। नाले नालियों की सफाई न होने के कारण कई इलाकों में सड़कों पर भरा गंदा पानी लोगों के घरों तक में घुस गया।
तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई जगह कच्ची दीवारें व छप्पर ढहाने के साथ ही पुराने पेड़ व बिजली पोल तक उखाड़ दिए। जलालपुर के रफीगंज में जगन्नाथ के घर की कच्ची दीवार गिर पड़ी। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
मालीपुर में श्यामलाल का छप्पर तो भीटी निवासी सर्वेश की नवनिर्मित पक्की दीवार धराशाई हो गई। इसी तरह की कई अन्य घटनाएं हुई। बारिश का कहर न सिर्फ जल निकासी व आवागमन व्यवस्था पर भारी पड़ा, बल्कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी जहां तहां छिन्न भिन्न दिखी। आदमपुर तिंदौली गांव में बारिश के दौरान गुरुवार रात अचानक बिजली का पोल ट्रांसफार्मर सहित धराशायी हो गया।
गनीमत रही कि इस दौरान आपूर्ति बाधित थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। ट्रांसफार्मर व तार क्षतिग्रस्त हो जाने से करीब गांव की आपूर्ति बाधित हो गई। भारी बारिश के चलते अकबरपुर, अशरफपुर बरवां, भीटी, महरुआ, तेंदुआईकला, बेलउवा आदि उपकेंद्रों से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों की करीब 40 हजार आबादी की बिजली संकट से जूझना पड़ा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही परेशानी
लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी संकट गहरा गया है। टांडा तहसील क्षेत्र में हुई भारी बारिश से चांदपुर, मीठेपुर, तिलहरा सहित कई गांवों में जल निकासी का संकट खड़ा रहा। इससे मार्गों पर भी जलभराव उत्पन्न हो गया। गांवों में जल निकासी व्यवस्था ठीक न होने से कई जगहों ग्रामीणों को अपने घरों से बाहर निकलने तक में परेशानी रही।
बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
लगातार हुई बारिश के चलते जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों तक में दिन सन्नाटें का माहौल कायम रहने से बाद शाम ढलते ही अधिकांश दुकानें बंद दिखने लगी। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राहकों की बात तो दूर शहरी क्षेत्र के ग्राहक भी बारिश के कारण घरों से बाहर नहीं निकले। बहुत जरूरी खरीददारी करने वाले ग्राहक ही बाजार तक पहुंचे। छोटी बड़ी सभी बाजारों में ग्राहकों के न पहुंचने के कारण दुकानदारों में मायूसी देखने को मिली।
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बारिश के कारण पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था के कारण 40 हजार की आबादी को आपूर्ति ठप हो जाने के कारण घंटों बिजली संकट से परेशान होना पड़ा। जिला मुख्यालय से लेकर शहर के अन्य इलाकों व कस्बों में सड़कों पर जगह-जगह हुए जलभराव व रास्तों पर गिरे पेड़ों के कारण दिन भर रही ट्रैफिक जाम की स्थिति भी सभी की परेशानी का कारण बनी रही।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार बारिश से हुए जलभराव ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। लगातार तीन दिन से जारी बारिश के कारण शुक्रवार को दिनभर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। मौसम की बेरुखी के बाद अचानक मेहरबान हुए बदरा बीते तीन दिनों से ऐसा झूमकर बरस रहे हैं कि लोग तमाम परेशानियों से घिरने लगे हैं।
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शुक्रवार को दिन भर जारी रही बरसात ने हालात और खराब कर दिए। कभी तेज तो कभी धीमी बरसात का दौर लगभग पूरे दिन चलता रहा। इससे जिला मुख्यालय के कई मुख्य मार्ग के साथ ही अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर मीरानपुर शीतल आश्रम से चुंगी नाका तक सड़कों पर हुए भारी जल भराव के कारण घंटों जाम की स्थिति से लोगों को जूझना पड़ा। ऐसा ही कुछ नजर अकबरपुर रोडवेज, कलेक्ट्रेट के निकट तथा शहजादपुर क्षेत्र में भी दिखा। नाले नालियों की सफाई न होने के कारण कई इलाकों में सड़कों पर भरा गंदा पानी लोगों के घरों तक में घुस गया।
तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई जगह कच्ची दीवारें व छप्पर ढहाने के साथ ही पुराने पेड़ व बिजली पोल तक उखाड़ दिए। जलालपुर के रफीगंज में जगन्नाथ के घर की कच्ची दीवार गिर पड़ी। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
मालीपुर में श्यामलाल का छप्पर तो भीटी निवासी सर्वेश की नवनिर्मित पक्की दीवार धराशाई हो गई। इसी तरह की कई अन्य घटनाएं हुई। बारिश का कहर न सिर्फ जल निकासी व आवागमन व्यवस्था पर भारी पड़ा, बल्कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी जहां तहां छिन्न भिन्न दिखी। आदमपुर तिंदौली गांव में बारिश के दौरान गुरुवार रात अचानक बिजली का पोल ट्रांसफार्मर सहित धराशायी हो गया।
गनीमत रही कि इस दौरान आपूर्ति बाधित थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। ट्रांसफार्मर व तार क्षतिग्रस्त हो जाने से करीब गांव की आपूर्ति बाधित हो गई। भारी बारिश के चलते अकबरपुर, अशरफपुर बरवां, भीटी, महरुआ, तेंदुआईकला, बेलउवा आदि उपकेंद्रों से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों की करीब 40 हजार आबादी की बिजली संकट से जूझना पड़ा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही परेशानी
लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी संकट गहरा गया है। टांडा तहसील क्षेत्र में हुई भारी बारिश से चांदपुर, मीठेपुर, तिलहरा सहित कई गांवों में जल निकासी का संकट खड़ा रहा। इससे मार्गों पर भी जलभराव उत्पन्न हो गया। गांवों में जल निकासी व्यवस्था ठीक न होने से कई जगहों ग्रामीणों को अपने घरों से बाहर निकलने तक में परेशानी रही।
बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
लगातार हुई बारिश के चलते जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों तक में दिन सन्नाटें का माहौल कायम रहने से बाद शाम ढलते ही अधिकांश दुकानें बंद दिखने लगी। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राहकों की बात तो दूर शहरी क्षेत्र के ग्राहक भी बारिश के कारण घरों से बाहर नहीं निकले। बहुत जरूरी खरीददारी करने वाले ग्राहक ही बाजार तक पहुंचे। छोटी बड़ी सभी बाजारों में ग्राहकों के न पहुंचने के कारण दुकानदारों में मायूसी देखने को मिली।