फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   The work of police stations is going on from private mobile numbers

निजी मोबाइल नंबरों से चल रहा थानों का काम

Fri, 27 May 2022 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
The work of police stations is going on from private mobile numbers
अंबेडकरनगर। आम जनता की मदद तय करने के लिए दिए गए सीयूजी फोन को बंद कर जिले के ज्यादातर थाना प्रभारी अपने निजी मोबाइल नंबरों के सहारे थानों का काम काज चला रहे हैं। इस काम के लिए लगभग सभी थाना प्रभारियों के पास अपने खुद के निजी प्रदाता कंपनियों से जुड़े तीन तीन निजी नंबर क्रियाशील हैं। इनमें से एक नंबर से सिर्फ अधिकारियों से बातचीत होती है तो दूसरा नंबर परिवारीजनों से बातचीत के लिए है। तीसरा सबसे ज्यादा कॉमन नंबर थाने से जुड़े काम काज के लिए स्टाफ के लोगों तक सीमित है। आम लोगों के इस्तेमाल में आने वाला मित्र पुलिस का सीयूजी नंबर अधिकांश तौर पर काम नहीं करता। थानेदारों के तीनों निजी नंबर आम नागरिकों के पास उपलब्ध न होने से इसका सीधा खामियाजा पीड़ितों को भुगतना पड़ता है।
विज्ञापन

जनसमुदाय की सुविधा के लिए त्वरित स्तर पर पुलिस से शिकायत कर मदद पाने के लिए सभी थाना प्रभारियों व कोतवाल को सीयूजी नंबर की सुविधा उपलब्ध करायी गयी थी। बीएसएनएल से जुड़े इन सीयूजी नंबर को लेकर मित्र पुलिस के ज्यादातर थाना प्रभारी पूरी तरह बेपरवाह हैं। आम नागरिकों से संपर्क न हो सके इसके लिए सूत्रों के अनुसार फोन को अक्सर फ्लाइट मोड में कर दिया जाता है।
विज्ञापन

कई थानों में तो जानबूझ कर सीयूजी नंबर वाले फोन को ऐसे स्थान पर रख दिया जाता है, जहां नेटवर्क कम रहता है। इसके उलट निजी नंबरों को लेकर थाना प्रभारियों का मोह कुछ ज्यादा ही बढ़ चढ़कर दिखाई पड़ता है। सीयूजी फोन पर नेटवर्क आने को लेकर थाना प्रभारी भले ही गंभीर न रहे लेकिन उनके निजी नंबरों पर नेटवर्क हमेशा बना रहे इस पर पूरा फोकस रहता है। इसके चलते ही वर्तमान में पुलिस थानों में काम काज की पूरी बागडोर निजी नंबरों के जरिए संचालित हो रही है। जिले के सभी 18 थानों में से इक्का दुक्का को छोड़ बाकी सभी के कोतवाल व थाना प्रभारी निजी तौर पर तीन तीन मोबाइल नंबर प्रयोग में ला रहे हैं। इन्हीं तीनों नंबरों से थाने का संचालन करने के साथ ही निजी काम काज को भी निपटाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर बजी घंटी, उधर बोले जय हिंद सर
सीयूजी फोन को लेकर थाना प्रभारियों द्वारा बरती जा रही मनमानी के साथ ही खुद के निजी नंबरों को अलग से महत्व दिया जाता है। इसके लिए विभाग से जुड़े आला अफसरों से बातचीत के लिए खास तौर पर अलग से एक निजी नंबर सबने ले रखा है। एसपी से लेकर एएसपी, सीओ के लिए एक खास नंबर है। इस पर घंटी बजते ही सभी थाना प्रभारी फौरन जयहिंद की मुद्रा में आ जाते हैं। एक से दो घंटी में ही यह फोन उठ जाता है। इस नंबर पर कभी कोई नेटवर्क फाल्ट भी दिखायी नहीं देती। सूत्रों की मानें तो इसके साथ ही सभी ने एक और निजी नंबर अपने परिवारों व रिश्तेदारों के लिए ले रखा है। इस नंबर से सिर्फ उनसे ही बातचीत होती है। थाने से जुड़े खास किस्म के लोगों के लिए सभी थाना प्रभारियों व कोतवाल के पास एक अलग नंबर होता है। इसके माध्यम से ही थानों से जुड़े तमाम काम निपटाया जाता है। लेकिन आम नागरिकों के हिस्से में उपयोग के लिए आता है कभी न उठने वाला विभाग की तरफ से मिला सीयूजी नंबर।

सख्ती से होगी सीयूजी की निगरानी
जनसमुदाय को परेशानी से बचाने के लिए थानेदारों व कोतवालों को पुलिस विभाग की तरफ से विशेषतौर पर सीयूजी नंबर दिए गए हैं। इन नंबरों पर की जाने वाली कॉल को उठाने में लापरवाही बरतने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इनके क्रियाशील रहने की निगरानी अब पूरी सख्ती के साथ करायी जाएगी। सीयूजी नंबर पर आने वाले कॉल के निस्तारण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
संजय राय, एएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed