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पीड़ित को ही लाकअप में डाला, प्रदर्शन
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:42 PM IST
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इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। एकजुट हुए ग्रामीणों ने थाने के समक्ष हंगामा शुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने हिरासत में लिए गए ग्रामीण को छोड़ दिया। दोनों पक्षों ने केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
बाजार निवासी रामअशीष (32) के घर में गुरुवार रात बाजार के ही कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर घुस गए। उन्होंने रामअशीष की पिटाई शुरू कर दी। गुहार पर उसे बचाने पहुंची पत्नी संगीता (30) व छोटे भाई लक्षराम (25) की भी हमलावरों ने जमकर पीटा। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
बताते हैं कि पीड़ित शुक्रवार सुबह जब इसकी शिकायत करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने पीड़ित रामअशीष व उसके भाई लक्षराम को ही लाकअप में डाल दिया। इसकी जानकारी जब गांव पहुंची तो उनमें आक्रोश फैल गया। इसके बाद दर्जनों महिला व पुरुष अकबरपुर कोतवाली पहुंच गए।
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इससे नाराज ग्रामीणों ने थाने के समक्ष हंगामा शुरू कर दिया। इनमें महिलाएं ज्यादा संख्या में थीं। ग्रामीणों ने पुलिस के विरुद्घ नारेबाजी भी की। इससे पुलिस बैकफुट पर आ गई। ग्रामीणों के दबाव में आननफानन में रामअशीष व लक्षराम को छोड़ दिया गया। तीनों घायलों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया।
एसओ योगेश शाह ने रामअशीष व लक्षराम को हिरासत में लिए जाने व ग्रामीणों द्वारा किसी प्रकार का हंगामा किए जाने से इंकार किया है। पूरे मामले में थाने के सामने प्रदर्शन करते ग्रामीणों की फोटो होने तथा इसकी जानकारी कोतवाल को दिए जाने के बाद भी श्री शाह ने कहा कि ऐसा कोई मामला ही उनके संज्ञान में नहीं है।
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बाजार निवासी रामअशीष (32) के घर में गुरुवार रात बाजार के ही कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर घुस गए। उन्होंने रामअशीष की पिटाई शुरू कर दी। गुहार पर उसे बचाने पहुंची पत्नी संगीता (30) व छोटे भाई लक्षराम (25) की भी हमलावरों ने जमकर पीटा। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
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बताते हैं कि पीड़ित शुक्रवार सुबह जब इसकी शिकायत करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने पीड़ित रामअशीष व उसके भाई लक्षराम को ही लाकअप में डाल दिया। इसकी जानकारी जब गांव पहुंची तो उनमें आक्रोश फैल गया। इसके बाद दर्जनों महिला व पुरुष अकबरपुर कोतवाली पहुंच गए।
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इससे नाराज ग्रामीणों ने थाने के समक्ष हंगामा शुरू कर दिया। इनमें महिलाएं ज्यादा संख्या में थीं। ग्रामीणों ने पुलिस के विरुद्घ नारेबाजी भी की। इससे पुलिस बैकफुट पर आ गई। ग्रामीणों के दबाव में आननफानन में रामअशीष व लक्षराम को छोड़ दिया गया। तीनों घायलों को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया।
एसओ योगेश शाह ने रामअशीष व लक्षराम को हिरासत में लिए जाने व ग्रामीणों द्वारा किसी प्रकार का हंगामा किए जाने से इंकार किया है। पूरे मामले में थाने के सामने प्रदर्शन करते ग्रामीणों की फोटो होने तथा इसकी जानकारी कोतवाल को दिए जाने के बाद भी श्री शाह ने कहा कि ऐसा कोई मामला ही उनके संज्ञान में नहीं है।