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विद्यार्थियों को जल्द मिल जाएंगी एक लाख नई पुस्तकें
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अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय स्थित बेसिक शिक्षा भंडार स्थल पर उतारी जाती पुस्तकें-संवाद
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। लंबे समय से किताबों का संकट झेल रहे बच्चों को जल्द ही एक लाख नई किताब उपलब्ध हो जाएगी। 1582 परिषदीय स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए बुधवार को जिले में एक लाख पुस्तकें पहुंच गईं। इसमें कक्षा चार व पांच की पुुस्तकें शामिल हैं। डीएम द्वारा गठित टीम द्वारा पुस्तकों के सत्यापन के बाद पहले बीआरसी कार्यालय, इसके बाद संबंधित विद्यालयों को भेज दी जाएंगी।
नया शिक्षा सत्र वैसे तो अप्रैल से प्रारंभ हो गया था, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद भी नई पुस्तकें नहीं मिल सकी थीं। उम्मीद थी कि जुलाई माह में छात्र-छात्राओं के हाथ में नई पुस्तकें पहुंच जाएंगी, लेकिन ऐसा भी नहीं हो सका। नतीजा यह हुआ कि छात्र-छात्राओं को पुरानी पुस्तकों या फिर बगैर पुस्तक के ही पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ा। इससे शिक्षण कार्य में तेजी नहीं आ रही थी। बताते चलें कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 1582 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें दो लाख 20 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
इस बीच बुधवार का दिन छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर लेकर आया। नई पुस्तकों से पढ़ने की उम्मीद उनकी बढ़ गई। दरअसल बुधवार को मथुरा से पुस्तकों को लेकर जिला मुख्यालय पर दो वाहन पहुंच गए। अकबरपुर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एआरपी डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि नई पुस्तकें लेकर बीते दिनों ही वाहन मथुरा से रवाना हुए थे, लेकिन कांवड़ यात्रा के चलते रूट डॉयवर्जन होने से उनके जिला मुख्यालय पर पहुंचने में कुछ विलंब हुआ। बताया कि बुधवार को सुबह एक वाहन, तो दोपहर बाद एक वाहन और पुस्तक लेकर आ गया। इसमें लगभग एक लाख पुस्तकें हैं। यह पुस्तकें कक्षा चार व पांच की हैं। कक्षा चार की पर्यावरण, स्प्रिंग व अंक जगत, कक्षा पांच की प्रकृति, गणित ज्ञान व वर्तिका शामिल है। इन सभी पुस्तकों को जिला मुख्यालय स्थित बेसिक शिक्षा भंडार में रखवा दिया गया है।
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सत्यापन के बाद भेजी जाएंगी पुस्तकें
पुस्तकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को लगभग एक लाख पुस्तकें आईं हैं। इन पुस्तकों का डीएम द्वारा गठित टीम सत्यापन करेगी। इसके बाद पुस्तकों को सभी बीआरसी कार्यालयों पर भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें संबंधित विद्यालयों में पहुंचाया जाएगा। -भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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नया शिक्षा सत्र वैसे तो अप्रैल से प्रारंभ हो गया था, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद भी नई पुस्तकें नहीं मिल सकी थीं। उम्मीद थी कि जुलाई माह में छात्र-छात्राओं के हाथ में नई पुस्तकें पहुंच जाएंगी, लेकिन ऐसा भी नहीं हो सका। नतीजा यह हुआ कि छात्र-छात्राओं को पुरानी पुस्तकों या फिर बगैर पुस्तक के ही पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ा। इससे शिक्षण कार्य में तेजी नहीं आ रही थी। बताते चलें कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 1582 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें दो लाख 20 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
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इस बीच बुधवार का दिन छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर लेकर आया। नई पुस्तकों से पढ़ने की उम्मीद उनकी बढ़ गई। दरअसल बुधवार को मथुरा से पुस्तकों को लेकर जिला मुख्यालय पर दो वाहन पहुंच गए। अकबरपुर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एआरपी डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि नई पुस्तकें लेकर बीते दिनों ही वाहन मथुरा से रवाना हुए थे, लेकिन कांवड़ यात्रा के चलते रूट डॉयवर्जन होने से उनके जिला मुख्यालय पर पहुंचने में कुछ विलंब हुआ। बताया कि बुधवार को सुबह एक वाहन, तो दोपहर बाद एक वाहन और पुस्तक लेकर आ गया। इसमें लगभग एक लाख पुस्तकें हैं। यह पुस्तकें कक्षा चार व पांच की हैं। कक्षा चार की पर्यावरण, स्प्रिंग व अंक जगत, कक्षा पांच की प्रकृति, गणित ज्ञान व वर्तिका शामिल है। इन सभी पुस्तकों को जिला मुख्यालय स्थित बेसिक शिक्षा भंडार में रखवा दिया गया है।
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सत्यापन के बाद भेजी जाएंगी पुस्तकें
पुस्तकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को लगभग एक लाख पुस्तकें आईं हैं। इन पुस्तकों का डीएम द्वारा गठित टीम सत्यापन करेगी। इसके बाद पुस्तकों को सभी बीआरसी कार्यालयों पर भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें संबंधित विद्यालयों में पहुंचाया जाएगा। -भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए