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Ambedkar Nagar News: खेतों में गिरी धान और गन्ने की फसल, गोभी-टमाटर की नर्सरी को भी नुकसान
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जलालपुर क्षेत्र में गिरी धान की बाली अवस्था वाली फसल। संवाद
अंबेडकरनगर। मौसम में बदलाव के बाद बृहस्पतिवार रात से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार धान और गन्ने की फसल गिरने लगी है। सबसे अधिक नुकसान बाली की अवस्था में पहुंच चुकी धान की फसल को हुआ है। कृषि विभाग के अनुसार, बारिश और हवा का दौर जारी रहा तो करीब 10 प्रतिशत फसल प्रभावित हो सकती है। सब्जियों और उनकी नर्सरी पर भी बारिश का प्रतिकूल असर पड़ा है। नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग की टीमें गांवों का भ्रमण कर रही हैं।
बारिश और तेज हवा से बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। पेड़ गिरने से कई मार्गों पर घंटों आवागमन प्रभावित रहा। नई कॉलोनियों और कच्चे रास्तों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई।
1.31 लाख हेक्टेयर में हुई है धान की बोआई
जिले में इस वर्ष करीब 1.31 लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हुई है। इन दिनों फसल बाली की अवस्था में पहुंच चुकी है। पिछले दो दिनों से बारिश का दौर जारी है और बृहस्पतिवार रात से करीब 16 घंटे तक मध्यम गति की बारिश होती रही। इसका सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है। अकबरपुर, टांडा, जलालपुर, बसखारी, कटेहरी समेत अन्य क्षेत्रों में करीब 13 हजार हेक्टेयर धान की फसल गिरने और खेतों में पानी भरने की सूचना है। टांडा के रतनपुर निवासी संजय वर्मा की 15 बिस्वा, विजय वर्मा की डेढ़ बीघा और अटल वर्मा की 15 बिस्वा पकी धान की फसल गिर गई। कटेहरी के रग्घूपुर निवासी लल्लू यादव की एक बीघा धान और जियाराम यादव की डेढ़ बीघा गन्ने की फसल भी गिर गई है। किसानों को आशंका है कि खेत में पानी भरा रहने और मौसम साफ न होने पर धान की बालियों में अंकुरण शुरू हो सकता है। इससे दाने कमजोर होने के साथ उत्पादन प्रभावित होगा। तेज हवा से भीटी और अकबरपुर तहसील क्षेत्रों में गन्ने की फसल भी गिरने की सूचना है। औद्यानिक फसलों में गोभी, टमाटर समेत अन्य सब्जियों की नर्सरी तैयार की गई है। लगातार बारिश से इनके विकास पर असर पड़ा है।
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पेड़ गिरने से घंटों आवागमन बाधित
केदारनगर संवाद के अनुसार उतरैथू-बरुआ मार्ग पर भुवालपुर गांव के पास भारी पेड़ गिरने से बिजली का पोल भी टूट गया। इससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। साइकिल और बाइक सवारों को गिरधरमऊ-भजन के पूरा मार्ग से होकर जाना पड़ा। इंदल पटेल, विक्रमादित्य वर्मा, रामजीत वर्मा, संतोष पाठक, जगदीश पाठक, मानस मिश्रा समेत करीब 20 युवाओं ने पेड़ और तार हटाकर सुबह करीब 10 बजे आवागमन बहाल कराया। हजपुरा संवाद के अनुसार बसखारी-जलालपुर मुख्य मार्ग पर भिटौरा के पास शुक्रवार सुबह पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने पेड़ हटाकर आवागमन बहाल कराया।
मौसम साफ होने पर जलनिकासी का करें प्रबंध
कृषि विज्ञान केंद्र पांती के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवा से तैयार धान के साथ सब्जियों व अन्य फसलों पर भी असर पड़ सकता है। किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। संभव हो तो तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करें। गिरी हुई धान की फसल में अधिक नमी रहने से दाने खराब होने और फफूंद लगने का खतरा रहता है। मौसम साफ होने के बाद किसान खेतों का निरीक्षण कर क्षति के अनुसार जरूरी प्रबंधन करें।
ये बोले किसान
लगातार बारिश और तेज हवा से एक बीघा तैयार धान की फसल गिर गई है। मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और खेत में पानी जमा रहा तो दाने सड़ सकते हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
अंदेश यादव, मल्लूपुर
गोभी और टमाटर की नर्सरी डाली थी, लेकिन पानी भरने से असर पड़ा है। जल्द धूप निकलने और जलनिकासी होने पर नुकसान कम किया जा सकता है। फिलहाल पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है।
अवनीश, जलालपुर
खराब मौसम का असर धान के साथ टमाटर की नर्सरी और सब्जियों पर भी पड़ा है। खेतों में पानी भरा होने से फसलों की देखभाल और जलनिकासी दोनों मुश्किल हो गई हैं।
सत्य प्रकाश दुबे, सुलेमपुर
टीमें ले रहीं जायजा
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद फसल गिरने की सूचनाएं मिल रही हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में टीमें भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। बारिश थमने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। - अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
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बारिश और तेज हवा से बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। पेड़ गिरने से कई मार्गों पर घंटों आवागमन प्रभावित रहा। नई कॉलोनियों और कच्चे रास्तों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई।
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1.31 लाख हेक्टेयर में हुई है धान की बोआई
जिले में इस वर्ष करीब 1.31 लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हुई है। इन दिनों फसल बाली की अवस्था में पहुंच चुकी है। पिछले दो दिनों से बारिश का दौर जारी है और बृहस्पतिवार रात से करीब 16 घंटे तक मध्यम गति की बारिश होती रही। इसका सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है। अकबरपुर, टांडा, जलालपुर, बसखारी, कटेहरी समेत अन्य क्षेत्रों में करीब 13 हजार हेक्टेयर धान की फसल गिरने और खेतों में पानी भरने की सूचना है। टांडा के रतनपुर निवासी संजय वर्मा की 15 बिस्वा, विजय वर्मा की डेढ़ बीघा और अटल वर्मा की 15 बिस्वा पकी धान की फसल गिर गई। कटेहरी के रग्घूपुर निवासी लल्लू यादव की एक बीघा धान और जियाराम यादव की डेढ़ बीघा गन्ने की फसल भी गिर गई है। किसानों को आशंका है कि खेत में पानी भरा रहने और मौसम साफ न होने पर धान की बालियों में अंकुरण शुरू हो सकता है। इससे दाने कमजोर होने के साथ उत्पादन प्रभावित होगा। तेज हवा से भीटी और अकबरपुर तहसील क्षेत्रों में गन्ने की फसल भी गिरने की सूचना है। औद्यानिक फसलों में गोभी, टमाटर समेत अन्य सब्जियों की नर्सरी तैयार की गई है। लगातार बारिश से इनके विकास पर असर पड़ा है।
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पेड़ गिरने से घंटों आवागमन बाधित
केदारनगर संवाद के अनुसार उतरैथू-बरुआ मार्ग पर भुवालपुर गांव के पास भारी पेड़ गिरने से बिजली का पोल भी टूट गया। इससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। साइकिल और बाइक सवारों को गिरधरमऊ-भजन के पूरा मार्ग से होकर जाना पड़ा। इंदल पटेल, विक्रमादित्य वर्मा, रामजीत वर्मा, संतोष पाठक, जगदीश पाठक, मानस मिश्रा समेत करीब 20 युवाओं ने पेड़ और तार हटाकर सुबह करीब 10 बजे आवागमन बहाल कराया। हजपुरा संवाद के अनुसार बसखारी-जलालपुर मुख्य मार्ग पर भिटौरा के पास शुक्रवार सुबह पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने पेड़ हटाकर आवागमन बहाल कराया।
मौसम साफ होने पर जलनिकासी का करें प्रबंध
कृषि विज्ञान केंद्र पांती के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि लगातार बारिश और तेज हवा से तैयार धान के साथ सब्जियों व अन्य फसलों पर भी असर पड़ सकता है। किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। संभव हो तो तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करें। गिरी हुई धान की फसल में अधिक नमी रहने से दाने खराब होने और फफूंद लगने का खतरा रहता है। मौसम साफ होने के बाद किसान खेतों का निरीक्षण कर क्षति के अनुसार जरूरी प्रबंधन करें।
ये बोले किसान
लगातार बारिश और तेज हवा से एक बीघा तैयार धान की फसल गिर गई है। मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और खेत में पानी जमा रहा तो दाने सड़ सकते हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
अंदेश यादव, मल्लूपुर
गोभी और टमाटर की नर्सरी डाली थी, लेकिन पानी भरने से असर पड़ा है। जल्द धूप निकलने और जलनिकासी होने पर नुकसान कम किया जा सकता है। फिलहाल पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है।
अवनीश, जलालपुर
खराब मौसम का असर धान के साथ टमाटर की नर्सरी और सब्जियों पर भी पड़ा है। खेतों में पानी भरा होने से फसलों की देखभाल और जलनिकासी दोनों मुश्किल हो गई हैं।
सत्य प्रकाश दुबे, सुलेमपुर
टीमें ले रहीं जायजा
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद फसल गिरने की सूचनाएं मिल रही हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में टीमें भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। बारिश थमने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। - अरविंद कुमार चौधरी, जिला कृषि अधिकारी

जलालपुर क्षेत्र में गिरी धान की बाली अवस्था वाली फसल। संवाद

जलालपुर क्षेत्र में गिरी धान की बाली अवस्था वाली फसल। संवाद

जलालपुर क्षेत्र में गिरी धान की बाली अवस्था वाली फसल। संवाद