फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Medicines are being prescribed from outside if the doctor is absent

Ambedkar Nagar News: डॉक्टर नदारद तो बाहर से लिखी जा रहीं दवाएं

Thu, 06 Apr 2023 10:37 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Apr 2023 10:37 PM IST
विज्ञापन
Medicines are being prescribed from outside if the doctor is absent
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं को परखने के लिए एडीएम के नेतृत्व में दो एसडीएम व तहसीलदार ने बृहस्पतिवार सुबह जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों ने दवाएं बाहर से लिखने की शिकायत की। वहीं दो चिकित्सक भी नदारद मिले। अस्पताल में डिजिटल एक्सरे जांच नहीं होती मिली। इसपर अफसरों ने नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
विज्ञापन

अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में जिला अस्पताल में जांच समेत अन्य अव्यवस्थाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम अविनाश सिंह ने एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता को टीम बनाकर जिला अस्पताल का तत्काल निरीक्षण करने को कहा। एसडीएम सदर पवन जायसवाल, अपर एसडीएम मोहनलाल गुप्त व तहसीलदार जेपी यादव को साथ लेकर एडीएम जिला अस्पताल पहुंच गए। सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचे अधिकारियों को डॉ. मनोज कुमार व डॉ. लता चौधरी अनुपस्थित मिले। इस पर दोनों चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा।
विज्ञापन

एक्स-रे कक्ष में डिजिटल एक्स-रे जांच फिल्म न होने की जानकारी मिली। बगल में स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंचकर जानकारी की तो मरीजों ने बताया कि जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पीएन यादव ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए लगभग 80 पंजीयन प्रतिदिन होता है लेकिन जांच 45 मरीजों की हो पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

टीम ने पैथालॉजी लैब का निरीक्षण कर वार्डों में मरीजों व तीमारदारों से बातचीत की। यहां मरीजों ने दवाएं बाहर लिखे जानी की शिकायत की। एडीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। अधिकारियों ने मातृ शिशु विंग का भी निरीक्षण किया। दवा स्टोर रूम के निरीक्षण में कई दवाएं नहीं मिलीं। इस पर सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है।

100 बेड का मिलता है बजट
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता को सीएमएस ने बताया कि 100 बेड के संचालन के लिए ही शासन से बजट मिलता है। मरीजों की संख्या जब अधिक होती है तो 200 बेड का संचालन करना पड़ता है। अतिरिक्त बेड के संचालन के लिए अलग से बजट नहीं मिलता है। जो बजट मिलता है उसी से इसका भी संचालन किया जाता है। इसी के चलते कभी कभी दवाएं समय से पहले समाप्त हो जाती हैं।


डीएम को सौंपेंगे रिपोर्ट
एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल के निरीक्षण में कुछ कमियां मिली हैंं। दो चिकित्सक अनुपस्थित थे तो डिजिटल एक्स-रे जांच नहीं हो रही थी। कुछ दवाएं भी नहीं थीं। पूरी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed