फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Maternity home relying on borrowed personnel and medicines

उधार के कर्मियोें व दवाओं के भरोसे प्रसूति गृह

Wed, 10 Nov 2021 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
Maternity home relying on borrowed personnel and medicines
जलालपुर। तहसील मुख्यालय पर संचालित प्रसूति गृह उधार के कर्मचारियों व दवाओं के भरोसे चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का आलम यह है कि 20 बेड वाले इस प्रसूति गृह का पंजीयन ही अब तक रोगी कल्याण समिति में नहीं हो सका। इसके चलते एक तरफ जहां इस अस्पताल को किसी प्रकार की निधि का भुगतान नहीं हो रहा है, वहीं स्टाफ में भी इजाफा नहीं हो रहा है। दवा का स्टाक भी प्रसूति गृह के नाम पर नहीं होता। यहां सिर्फ एक महिला चिकित्सक व एक फार्मासिस्ट का ही पद स्वीकृत है। मरीजों की संख्या को देखते हुए उधार के कर्मचारियों व दवाओं के भरोसे उपचार की सेवा यहां आने वाले मरीजों को मिल पा रही है। प्रसूति गृह पर पेयजल, प्रकाश, सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का कोई पुरसाहाल नहीं है।
विज्ञापन

लगभग एक दशक पहले जलालपुर नगर में लाखों की लागत से महिलाओं के लिए प्रसूति गृह का शुभारंभ होने पर नगरवासियों ने खुशी का इजहार किया था। समूचे तहसील क्षेत्र के नागरिकों व महिलाओं को यह उम्मीद जगी थी कि अब महिलाओं को प्रसव व अन्य उपचार के लिए दूर के अस्पतालों से निजात मिलेगी। परंतु स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से यह प्रसूति गृह उपेक्षित होकर रह गया है।
विज्ञापन

उदासीनता का आलम यह कि अब तक इस प्रसूति गृह का पंजीयन रोगी कल्याण समिति में नहीं हो सका है। इसके चलते इस अस्पताल को किसी भी निधि का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। यहां तक कि इस प्रसूति गृह के नाम से दवाओं के स्टाक का उठान भी नहीं होता। नगपुर सीएचसी से इस प्रसूति गृह को दवाएं उपलब्ध होती हैं। इससे दिन प्रतिदिन अस्पताल की व्यवस्थाएं बदहाल होती जा रही हैं। पेयजल, प्रकाश व सफाई का संकट लंबे समय से बना हुआ है। इससे प्रसूति गृह आने वाली महिलाओं व तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रसूति गृह की इस बदहाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुभारंभ के समय प्रसूति गृह में एक महिला चिकित्सक व एक फार्मासिस्ट का पद स्वीकृत हुआ था। इस पद पर महिला चिकित्सक डॉ. रमा वर्मा व फार्मासिस्ट के पद पर रविश्याम पटेल मौजूदा समय में तैनात हैं। एक दशक बाद भी अस्पताल में स्टाफ संकट दूर करने की जरूरत नहीं महसूस की गई। अस्पताल में लगातार बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगपुर सीएचसी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ. शशिबाला, लैब टेकिभनशियन चंद्रभान यादव, फार्मासिस्ट उमाकांत शर्मा को संबद्ध किया गया है। ऐसे में उधार के कर्मचारियों व दवाओं के भरोसे महिला प्रसूति गृह चल रहा है। स्थानीय पंकज कुमार, महेश वर्मा व शिवकुमार आदि ने जिला प्रशासन से प्रसूति गृह की बदहाली दूर कराने की मांग की है। कहा कि प्रतिदिन यहां उपचार के लिए 70 से 100 महिलाएं पहुंचती हैं। ऐसे में महिलाओं को बेहतर उपचार की सुविधा मिले, इसके लिए यहां स्टाफ की पर्याप्त तैनाती के साथ ही अन्य संसाधनों में इजाफा करने की जरूरत है।

सुचारु संचालन का होता पूरा प्रयास
प्रसूति गृह का संचालन सुचारु रूप से करने का पूरा प्रयास हो रहा है। मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई है। नगपुर सीएचसी के माध्यम से दवाएं भी उपलब्ध करायी जाती हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों का समुचित उपचार किया जाता है। निधि का भुगतान न होने से मुश्किलें हो रही हैं।
- डॉ. राकेश कुमार, सीएचसी प्रभारी नगपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed