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Ambedkar Nagar News: होम्योपैथी डिप्लोमा परीक्षा में विद्यार्थियों को करें शामिल
Sun, 25 Aug 2024 10:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 25 Aug 2024 10:32 PM IST
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अंबेडकरनगर के संस्थान की अपील पर हाईकोर्ट ने यूपी होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड को दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शनिवार को अंबेडकरनगर के अकबरपुर स्थित दोयन होम्योपैथी संस्थान के दो वर्षीय होम्योपैथी डिप्लोमा कोर्स के विद्यार्थियों को 27 अगस्त से शुरू होने वाली परीक्षा में शामिल करने का आदेश यूपी होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड को दिया है। कोर्ट ने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल किया जाए, लेकिन उनका रिजल्ट याचिका के निस्तारण तक घोषित नहीं किया जाएगा।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश संस्थान की विशेष अपील पर दिया। संस्थान ने पहले दाखिल याचिका में दिए गए एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसपर संस्थान की ओर से विशेष अपील दाखिल कर मामले की अर्जेंट सुनवाई का अनुरोध किया गया।
मामले में संस्थान की मान्यता फीस जमा करने को लेकर विवाद था, जिसके तहत बोर्ड ने पहले संस्थान के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल करने से इन्कार कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद संस्थान के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शनिवार को अंबेडकरनगर के अकबरपुर स्थित दोयन होम्योपैथी संस्थान के दो वर्षीय होम्योपैथी डिप्लोमा कोर्स के विद्यार्थियों को 27 अगस्त से शुरू होने वाली परीक्षा में शामिल करने का आदेश यूपी होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड को दिया है। कोर्ट ने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल किया जाए, लेकिन उनका रिजल्ट याचिका के निस्तारण तक घोषित नहीं किया जाएगा।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश संस्थान की विशेष अपील पर दिया। संस्थान ने पहले दाखिल याचिका में दिए गए एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसपर संस्थान की ओर से विशेष अपील दाखिल कर मामले की अर्जेंट सुनवाई का अनुरोध किया गया।
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मामले में संस्थान की मान्यता फीस जमा करने को लेकर विवाद था, जिसके तहत बोर्ड ने पहले संस्थान के विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल करने से इन्कार कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद संस्थान के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
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