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Ambedkar Nagar News: बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पताल, जिम्मेदार बेफिक्र

Tue, 17 Mar 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Tue, 17 Mar 2026 12:45 AM IST
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Hospitals operating without registration, officials unconcerned
राजेसुल्तानपुर। जिम्मेदारों की उदासीनता से क्षेत्र में बिना पंजीयन के अवैध तौर से संचालित अस्पतालों व निजी क्लीनिकों की संख्या बढ़ती जा रही है। कार्रवाई न होने से बेफिक्र इन अस्पतालों में इलाज के नाम पर बरती जा रही घोर लापरवाही के कारण रविवार को हुई प्रसूता की मौत के साथ अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। इन मामलों में शिकायत के बाद भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
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क्षेत्र में राजेसुल्तानपुर, पदुमपुर, मदैनिया, जहांगीरगंज, देवरिया बाजार, रामनगर, नरियांव में कई निजी अस्पताल बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। एक वर्ष पूर्व जय गुरुदेव हॉस्पिटल कम्हरिया मदैनिया में इलाज में लापरवाही बरतने के कारण लगाए गए इंजेक्शन से कम्हरिया गांव निवासी महिला उर्मिला देवी की मौत हो गई थी। वहीं, राजेसुल्तानपुर कस्बे में बगैर पंजीकरण यूनानी डॉक्टर द्वारा एलोपैथिक इलाज से बुखार पीड़ित आजमगढ़ के महाराजगंज थाना क्षेत्र के नौबरार जलसा निवासी 12 वर्षीय किशन की भी मौत हो गई थी।
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कुछ माह पूर्व कस्बे में ही अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पर डॉक्टर द्वारा दवा व इंजेक्शन लगाने से एक ट्रक ड्राइवर की भी मौत का मामला सामने आया था। बीते रविवार को भी जहांगीरगंज में एक निजी अस्पताल में इलाज में लापरवाही के कारण बिगड़ी गर्भवती की हालत के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। इलाज में बरती जा रही लापरवाही के कारण लगातार हो रही मौतों के बाद भी इसकी रोकथाम के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों द्वारा आरोपी अस्पताल संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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कार्रवाई न होने से बेखौफ ऐसे अस्पतालों के संचालक मेडिकल की वैधानिक डिग्री के बिना महिलाओं के प्रसव के साथ-साथ अन्य इलाज का दावा कर मरीजों को भर्ती कर लेते हैं। हालत बिगड़ने पर ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल या दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जहां उनको जान गंवानी पड़ती है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी जहांगीरगंज डॉ. कमलेश चौधरी का कहना है कि ऐसे निजी अस्पतालों की जांच पड़ताल के लिए समय-समय पर अभियान चला कर कार्रवाई की जाती है। रविवार को हुए मामले में मृतका के परिजनों की तरफ से शिकायत मिलने पर कार्रवाई तय की जाएगी।
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