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Ambedkar Nagar News: महिला मेट ने धरना देकर मांगा हक
Mon, 21 Oct 2024 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 21 Oct 2024 10:59 PM IST
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कलेक्ट्रेट के निकट अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करतीं मनरेगा से जुड़ीं महिलाएं।
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अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के सभी कार्यों में महिला मेट की अनिवार्यता लागू किए जाने समेत विभिन्न मागों को लेकर सोमवार को मनरेगा योजना से जुड़ी महिला मेट ने कलेक्ट्रेट के निकट धरना दिया। बाद में डीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण योजना कार्मिक संघ के तत्वावधान में आयोजित धरने में अध्यक्ष आशा देवी ने कहा कि मनरेगा महिला मेट का सम्मानजनक मानदेय लागू किए जाने की मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। महिला मेट को कार्य उपलब्ध कराए जाने को लेकर भी जिम्मेदार गंभीरता नहीं दिखा रहे। मनरेगा श्रमिकों को दो सौ दिन का काम दिलाए जाने व चार सौ मजदूरी दिए जाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
आशा सिंह, अंजू पांडेय, माया प्रजापति, क्रांति देवी, बीना, पुष्पा, श्यामलता, सुनीता ने कहा कि ब्लाक मुख्यालय पर प्रतिमाह महिला मेट दिवस व ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवकों की तैनाती नहीं है वहां महिला मेट को पूरा अधिकार दिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि महिला मेट अपनी जिम्मेदारियों का निर्वह्न ईमानदारी के साथ कर रही हैं लेकिन इसके बाद भी उपेक्षा की जा रही है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शीघ्र ही समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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उत्तर प्रदेश ग्रामीण योजना कार्मिक संघ के तत्वावधान में आयोजित धरने में अध्यक्ष आशा देवी ने कहा कि मनरेगा महिला मेट का सम्मानजनक मानदेय लागू किए जाने की मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। महिला मेट को कार्य उपलब्ध कराए जाने को लेकर भी जिम्मेदार गंभीरता नहीं दिखा रहे। मनरेगा श्रमिकों को दो सौ दिन का काम दिलाए जाने व चार सौ मजदूरी दिए जाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
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आशा सिंह, अंजू पांडेय, माया प्रजापति, क्रांति देवी, बीना, पुष्पा, श्यामलता, सुनीता ने कहा कि ब्लाक मुख्यालय पर प्रतिमाह महिला मेट दिवस व ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवकों की तैनाती नहीं है वहां महिला मेट को पूरा अधिकार दिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि महिला मेट अपनी जिम्मेदारियों का निर्वह्न ईमानदारी के साथ कर रही हैं लेकिन इसके बाद भी उपेक्षा की जा रही है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शीघ्र ही समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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