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बारिश के बीच ढही कच्ची दीवार, चपेट में आने से अधेड़ की मौत
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:05 AM IST
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अंबेडकरनगर। बुधवार से हो रही बारिश के बीच मालीपुर में कच्ची दीवार ढहने से एक अधेड़ की दबकर मौत हो गई। पुलिस को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। उधर बुधवार व गुरुवार को जिले के कुछ क्षेत्रों में मूसलाधार, तो कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने से एक तरफ जहां उमसभरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली, वहीं जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उधर बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। दरअसल मौजूदा समय में धान की फसल की सिंचाई की सख्त आवश्यकता थी। बारिश होने से सिंचाई को लेकर किसानों की मुश्किल काफी हद तक दूर हो गई।
बुधवार दोपहर बाद से ही आसमान पर काले बादल मंडराने लगे थे। लोगों को उम्मीद थी कि तेज बारिश होगी। हुआ भी यही। कुछ देर बाद बारिश का दौर शुरू हो गया। इसी बीच मालीपुर थाना अंतर्गत मालीपुर गांव में छप्परनुमा घर की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। इससे उसके निकट सो रहा जगई (55) पुत्र रामअवध उसकी चपेट में आ गया। घटना से मौके पर हड़कंप मच गया। गुहार पर पहुंचे इर्दगिर्द के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर जगई को बाहर निकाला। हालांकि तब तक वह बेहोश हो चुका था। सांस चलने की उम्मीद में घरवाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से घरवालों में रोना पीटना मचा हुआ है।
उमस भरी गर्मी से मिली राहत
उधर बुधवार अपराह्न बाद जिला मुख्यालय के अलावा जिले के कटेहरी, भीटी, जलालपुर, महरुआ आदि क्षेत्रों में जहां मूसलधार बारिश हुई, वहीं अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। बारिश का यह सिलसिला गुरुवार को भी लगभग पूरे दिन रुक रुककर जारी रहा। बारिश के चलते जिला मुख्यालय पर फैजाबाद रोड, कलेक्ट्रेट के निकट, सब्जी मंडी, पीडब्ल्यूडी कार्यालय, अकबरपुर बस स्टेशन क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। नाले नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ीं। इस बीच बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।
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किसानों के खिले चेहरे
बरधाभिउरा के जियाराम पटेल व मंगल वर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में धान की सिंचाई की सख्त जरूरत थी। साधन संपन्न किसान तो वैकल्पिक व्यवस्था कर सिंचाई कर रहे थे, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के समक्ष मुश्किल खड़ी हो रही थी। बारिश ने उनकी समस्या को दूर कर दिया। सोनगांव के अरविंद कुमार व कटरिया सम्मनपुर के सालिकराम ने कहा कि यदि इसी प्रकार समय समय पर बारिश होती रहे, तो इसका व्यापक लाभ धान की फसल को मिलेगा। ऐसी बारिश से धान की अच्छी उपज होने की संभावना है।
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बुधवार दोपहर बाद से ही आसमान पर काले बादल मंडराने लगे थे। लोगों को उम्मीद थी कि तेज बारिश होगी। हुआ भी यही। कुछ देर बाद बारिश का दौर शुरू हो गया। इसी बीच मालीपुर थाना अंतर्गत मालीपुर गांव में छप्परनुमा घर की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। इससे उसके निकट सो रहा जगई (55) पुत्र रामअवध उसकी चपेट में आ गया। घटना से मौके पर हड़कंप मच गया। गुहार पर पहुंचे इर्दगिर्द के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर जगई को बाहर निकाला। हालांकि तब तक वह बेहोश हो चुका था। सांस चलने की उम्मीद में घरवाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से घरवालों में रोना पीटना मचा हुआ है।
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उमस भरी गर्मी से मिली राहत
उधर बुधवार अपराह्न बाद जिला मुख्यालय के अलावा जिले के कटेहरी, भीटी, जलालपुर, महरुआ आदि क्षेत्रों में जहां मूसलधार बारिश हुई, वहीं अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। बारिश का यह सिलसिला गुरुवार को भी लगभग पूरे दिन रुक रुककर जारी रहा। बारिश के चलते जिला मुख्यालय पर फैजाबाद रोड, कलेक्ट्रेट के निकट, सब्जी मंडी, पीडब्ल्यूडी कार्यालय, अकबरपुर बस स्टेशन क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। नाले नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ीं। इस बीच बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।
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किसानों के खिले चेहरे
बरधाभिउरा के जियाराम पटेल व मंगल वर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में धान की सिंचाई की सख्त जरूरत थी। साधन संपन्न किसान तो वैकल्पिक व्यवस्था कर सिंचाई कर रहे थे, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के समक्ष मुश्किल खड़ी हो रही थी। बारिश ने उनकी समस्या को दूर कर दिया। सोनगांव के अरविंद कुमार व कटरिया सम्मनपुर के सालिकराम ने कहा कि यदि इसी प्रकार समय समय पर बारिश होती रहे, तो इसका व्यापक लाभ धान की फसल को मिलेगा। ऐसी बारिश से धान की अच्छी उपज होने की संभावना है।