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मात्र 200 रुपये के लिए की गई थी अधिवक्ता पत्नी शहनाज की हत्या
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:16 PM IST
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टांडा (अंबेडकरनगर)। स्मैक के लिए दो सौ रुपये न देने पर फौजदारी अधिवक्ता जुनेद अहमद की पत्नी शहनाज की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी। सोमवार को टांडा पुलिस ने शहनाज हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी को दबोचने का दावा किया है। हालांकि, हत्या में प्रयुक्त चाकू व सेलफोन की बरामदगी न होने से पुलिस के खुलासे पर सवालिया निशान लग रहे हैं। वहीं, अधिवक्ता जुनेद अहमद ने खुलासे पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
टांडा कोतवाली परिसर में प्रेस से मुखातिब सीओ वीके श्रीवास्तव ने बहुचर्चित शहनाज हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि अधिवक्ता की पत्नी की हत्या मात्र 200 रुपये के लिए की गई थी। पुलिस गिरफ्त में आए कोतवाली क्षेत्र पुंथर के अहमद फराज जैदी ने अपना जुर्म कुबूलते हुए बताया कि वह स्मैक पीने का आदी है। स्मैक की तलब लगने पर उसने जुनेद के घर का दरवाजा खुलवाकर उनकी पत्नी शहनाज से 200 रुपये की मांग की थी। शहनाज ने देने से इंकार किया, तो डराने के लिए चाकू निकाल लिया। इस पर शहनाज ने पुलिस को फोन से शिकायत करनी चाही। मना करने पर भी जब वह नहीं मानीं, तो चाकू से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। सीओ की मानें तो फराज ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त चाकू व लूट गया मोबाइल उसने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ले जाकर फेंक दिया। उसने अपने साथी रियाज का नाम भी कुबूला है। उसका कहना है कि रियाज ने हत्या में उसकी मदद की थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मुंबई भागने के प्रयास में थे। इससे पहले ही फराज को गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाली प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि पकड़े गए युवक को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मेरी भी हो सकती हत्या, टांडा से पलायन की कही बात
अधिवक्ता जुनेद अहमद ने खुलासे पर असहमति जताई। खुद की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए अधिवक्ता ने परिवार समेत टांडा से पलायन करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शहनाज बहुत साहसी महिला थी। उसकी हत्या एक युवक अकेले अंजाम नहीं दे सकता। इसमें कई लोग शामिल हैं। पुलिस अब तक न तो हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर सकी और न ही शहनाज का मोबाइल फोन। उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। जुनेद ने अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील की।
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टांडा कोतवाली परिसर में प्रेस से मुखातिब सीओ वीके श्रीवास्तव ने बहुचर्चित शहनाज हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि अधिवक्ता की पत्नी की हत्या मात्र 200 रुपये के लिए की गई थी। पुलिस गिरफ्त में आए कोतवाली क्षेत्र पुंथर के अहमद फराज जैदी ने अपना जुर्म कुबूलते हुए बताया कि वह स्मैक पीने का आदी है। स्मैक की तलब लगने पर उसने जुनेद के घर का दरवाजा खुलवाकर उनकी पत्नी शहनाज से 200 रुपये की मांग की थी। शहनाज ने देने से इंकार किया, तो डराने के लिए चाकू निकाल लिया। इस पर शहनाज ने पुलिस को फोन से शिकायत करनी चाही। मना करने पर भी जब वह नहीं मानीं, तो चाकू से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। सीओ की मानें तो फराज ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त चाकू व लूट गया मोबाइल उसने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ले जाकर फेंक दिया। उसने अपने साथी रियाज का नाम भी कुबूला है। उसका कहना है कि रियाज ने हत्या में उसकी मदद की थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मुंबई भागने के प्रयास में थे। इससे पहले ही फराज को गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाली प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि पकड़े गए युवक को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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मेरी भी हो सकती हत्या, टांडा से पलायन की कही बात
अधिवक्ता जुनेद अहमद ने खुलासे पर असहमति जताई। खुद की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए अधिवक्ता ने परिवार समेत टांडा से पलायन करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि शहनाज बहुत साहसी महिला थी। उसकी हत्या एक युवक अकेले अंजाम नहीं दे सकता। इसमें कई लोग शामिल हैं। पुलिस अब तक न तो हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर सकी और न ही शहनाज का मोबाइल फोन। उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। जुनेद ने अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील की।
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