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टांडा से हटाई गईं विवादों से घिरीं बीडीओ
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टांडा। रिश्वतखोरी से जुड़ा ऑडियो वायरल होने और प्रधानों की ओर से विरोध में मोर्चा खोलने के बीच खंड विकास अधिकारी सविता सिंह को हटाकर जिला मुख्यालय पर संबद्ध कर दिया गया है। अलग-अलग ब्लॉकों में तैनाती के दौरान उनका विवादों से नाता रहा है। हालांकि उनके मुख्यालय से संबद्ध होने के बावजूद रिश्वतखोरी से जुड़े ऑडियो को लेकर जांच में ढिलाई को लेकर सवाल अलग से खड़े हो रहे हैं।
बसखारी से स्थानांतरित होकर टांडा ब्लॉक में पहुंचने के बाद से ही बीडीओ सविता सिंह के विरुद्ध ग्राम प्रधानों ने मोर्चा खोल दिया था। उनके कार्यालय का घेराव कर बंधक बनाते हुए प्रधानों ने कई तरह के गंभीर आरोप लगाए थे। इसी बीच उनके बसखारी में तैनाती के दौरान 66 हजार रुपये उनके नाम पर उनके एक खास कर्मचारी को देने के बाद भी काम न होने का ऑडियो वायरल हो गया। इसमें सविता पैसे को लेकर इंकार करने की बजाय उससे बोल रहीं कि वह संबंधित कर्मचारी से बात कर लेंगी।
मामले ने तूल पकड़ा तो सीडीओ घनश्याम मीणा ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। जांच टीम की रिपोर्ट आने से पहले ही इस बीच गुरुवार को सविता को वहां से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। बताया गया कि सविता ने स्वयं ही खुद को हटाने का पत्र भेज दिया था। हालांकि गुरुवार को उनके जिला मुख्यालय पर संबद्ध किए जाते ही इसे कार्रवाई के तौर पर लिया गया। ग्राम प्रधानों ने बीडीओ को संबद्ध करने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि वायरल वीडियो के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
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बसखारी से स्थानांतरित होकर टांडा ब्लॉक में पहुंचने के बाद से ही बीडीओ सविता सिंह के विरुद्ध ग्राम प्रधानों ने मोर्चा खोल दिया था। उनके कार्यालय का घेराव कर बंधक बनाते हुए प्रधानों ने कई तरह के गंभीर आरोप लगाए थे। इसी बीच उनके बसखारी में तैनाती के दौरान 66 हजार रुपये उनके नाम पर उनके एक खास कर्मचारी को देने के बाद भी काम न होने का ऑडियो वायरल हो गया। इसमें सविता पैसे को लेकर इंकार करने की बजाय उससे बोल रहीं कि वह संबंधित कर्मचारी से बात कर लेंगी।
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मामले ने तूल पकड़ा तो सीडीओ घनश्याम मीणा ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। जांच टीम की रिपोर्ट आने से पहले ही इस बीच गुरुवार को सविता को वहां से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। बताया गया कि सविता ने स्वयं ही खुद को हटाने का पत्र भेज दिया था। हालांकि गुरुवार को उनके जिला मुख्यालय पर संबद्ध किए जाते ही इसे कार्रवाई के तौर पर लिया गया। ग्राम प्रधानों ने बीडीओ को संबद्ध करने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि वायरल वीडियो के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
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