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‘मृतक’ भी ले रहे कोटे का राशन
AmbedkarNagar
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
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अंबेडकरनगर। टांडा तहसील क्षेत्र में जनसूचना सूचना अधिकार के तहत मिली जानकारी से बड़ा खुलासा हुआ है। उपलब्ध कराई गई कार्ड धारकों की सूची में कई ऐसे लोग शामिल हैं जिनके नाम पर दो-दो राशन कार्ड हैं। यही नहीं कई मृतकों के नाम भी राशनकार्ड जारी कर दिए गए हैं। ये सभी मृतक हर महीने कोटे से राशन भी उठा रहे हैं। प्रकरण तहसील क्षेत्र के मानिकपुर गांव से जुड़ा है। अब इस मामले की शिकायत आयुक्त खाद्य एवं रसद फैजाबाद से की गई है।
जानकारी के मुताबिक टांडा तहसील क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी रमेश कुमार ने उपजिलाधिकारी टांडा से अपने गांव मानिकपुर के कोटे के बाबत जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। इस संदर्भ में कार्डधारकों की जो सूची उपलब्ध कराई गई, उसमें तमाम तरह की खामियां पाई गईं। उपलब्ध कराई गई कार्डधारकों की सूची में 27 ग्रामीणों के नाम बीपीएल और एपीएल दोनों श्रेणी के कार्डधारकों की सूची में दर्ज हैं। 16 कार्ड धारक हैं जिन्हें एपीएल व अन्त्योदय दोनों का लाभ दिया जा रहा है। यही नहीं पांच ऐसे लोगों के नाम भी सूची में शामिल हैं जो इस ग्राम पंचायत के निवासी ही नहीं हैं। सबसे अहम खुलासा तो यह हुआ कि पांच ऐसे लोगों के नाम भी बीपीएल कार्ड जारी कर दिया गया है जो काफी पहले मर चुके हैं। मजे की बात यह कि ये ‘मृतक’ हर महीने बाकायदा हस्ताक्षर करके राशन भी ले रहे हैं। मनमानी की हद यहीं नहीं खत्म हुई। सूची में एक परिवार ऐसा भी है जिसके सभी सदस्यों के नाम राशनकार्ड बने हैं। इनमें कुछ बीपीएल तो कुछ अंत्योदय कार्ड का लाभ ले रहे हैं।
एपीएल कार्ड बनाने के नाम पर भी जम कर खेल किया गया है। संयुक्त परिवारों में अलग अलग राशनकार्ड जारी किए गए हैं। कुल 149 कार्ड बनाए गए हैं। इनमें 60 अवैध हैं। सूचना में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत में 149 एपीएल, 27 बीपीएल व 16 अन्त्योदय कार्डधारक हैं। कुल 192 कार्डधारकों के लिए 800 लीटर मिट्टी का तेल प्रतिमाह मिलता है, परन्तु कोटेदार उपभोक्ताओं को महज दो से ढाई लीटर ही मिट्टी का तेल उपलब्ध कराता है। बीपीएल कार्डधारकों की सूची में कोटेदार की माता का भी नाम शामिल है।
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सूचना में बताया गया है कि गांव के एपीएल राशन कार्डधारकों के लिए 660 किलो राशन का उठान प्रतिमाह होता है, जबकि ग्रामीणों के अनुसार उन्हें प्रतिमाह सुचारु तरीके से राशन नहीं मिल पाता । ग्रामीण रमेश कुमार ने मामले की शिकायत डीएम से करने के बाद अब आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग फैजाबाद को भी पत्र भेजकर की है। इस बाबत एडीएम राममूर्ति मिश्र ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। वे इस बाबत जानकारी कराएंगे। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी की गई है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक टांडा तहसील क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी रमेश कुमार ने उपजिलाधिकारी टांडा से अपने गांव मानिकपुर के कोटे के बाबत जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। इस संदर्भ में कार्डधारकों की जो सूची उपलब्ध कराई गई, उसमें तमाम तरह की खामियां पाई गईं। उपलब्ध कराई गई कार्डधारकों की सूची में 27 ग्रामीणों के नाम बीपीएल और एपीएल दोनों श्रेणी के कार्डधारकों की सूची में दर्ज हैं। 16 कार्ड धारक हैं जिन्हें एपीएल व अन्त्योदय दोनों का लाभ दिया जा रहा है। यही नहीं पांच ऐसे लोगों के नाम भी सूची में शामिल हैं जो इस ग्राम पंचायत के निवासी ही नहीं हैं। सबसे अहम खुलासा तो यह हुआ कि पांच ऐसे लोगों के नाम भी बीपीएल कार्ड जारी कर दिया गया है जो काफी पहले मर चुके हैं। मजे की बात यह कि ये ‘मृतक’ हर महीने बाकायदा हस्ताक्षर करके राशन भी ले रहे हैं। मनमानी की हद यहीं नहीं खत्म हुई। सूची में एक परिवार ऐसा भी है जिसके सभी सदस्यों के नाम राशनकार्ड बने हैं। इनमें कुछ बीपीएल तो कुछ अंत्योदय कार्ड का लाभ ले रहे हैं।
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एपीएल कार्ड बनाने के नाम पर भी जम कर खेल किया गया है। संयुक्त परिवारों में अलग अलग राशनकार्ड जारी किए गए हैं। कुल 149 कार्ड बनाए गए हैं। इनमें 60 अवैध हैं। सूचना में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत में 149 एपीएल, 27 बीपीएल व 16 अन्त्योदय कार्डधारक हैं। कुल 192 कार्डधारकों के लिए 800 लीटर मिट्टी का तेल प्रतिमाह मिलता है, परन्तु कोटेदार उपभोक्ताओं को महज दो से ढाई लीटर ही मिट्टी का तेल उपलब्ध कराता है। बीपीएल कार्डधारकों की सूची में कोटेदार की माता का भी नाम शामिल है।
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सूचना में बताया गया है कि गांव के एपीएल राशन कार्डधारकों के लिए 660 किलो राशन का उठान प्रतिमाह होता है, जबकि ग्रामीणों के अनुसार उन्हें प्रतिमाह सुचारु तरीके से राशन नहीं मिल पाता । ग्रामीण रमेश कुमार ने मामले की शिकायत डीएम से करने के बाद अब आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग फैजाबाद को भी पत्र भेजकर की है। इस बाबत एडीएम राममूर्ति मिश्र ने बताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। वे इस बाबत जानकारी कराएंगे। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी की गई है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।