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Ambedkar Nagar News: आवास निर्माण में मिलीं खामियां, दो जेई निलंबित
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टांडा कोतवाली परिसर में निर्माणाधीन आवासीय परिसर का निरीक्षण करते चीफ इंजीनियर आरके वर्मा व अन्
अंबेडकरनगर। टांडा कोतवाली परिसर में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 40 आवासीय भवनों के निर्माण में शनिवार को बड़ी खामियां सामने आईं। निरीक्षण करने पहुंचे ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता आरके वर्मा को भवन निर्माण में घटिया ईंटों का इस्तेमाल और नक्शे के विपरीत निर्माण होता मिला। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी न करने पर उन्होंने टांडा के अवर अभियंता मनीष पटेल और आलापुर के अवर अभियंता अरुण मौर्या को निलंबित कर दिया। वहीं, एक्सईएन शैलेंद्र चौधरी और सहायक अभियंता समेत अन्य जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
टांडा कोतवाली परिसर में 10 मंजिला आवासीय भवन का निर्माण करीब दो माह पहले शुरू हुआ था। इसमें दो बीएचके श्रेणी के 40 आवास बनाए जा रहे हैं। शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दी है। वर्तमान में भवन की चौथी मंजिल पर स्लैब डालने का काम चल रहा है।
शनिवार को मुख्य अभियंता आरके वर्मा टीम के साथ निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। जांच के दौरान भवन में इस्तेमाल की जा रही ईंटें घटिया गुणवत्ता की मिलीं। इन ईंटों से कई स्थानों पर चुनाई भी कराई जा चुकी थी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण कराया जा रहा था। खामियां मिलने पर मुख्य अभियंता ने नाराजगी जताई और निर्माण कार्य में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
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निगरानी में लापरवाही पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता ने टांडा के अवर अभियंता मनीष पटेल और आलापुर के अवर अभियंता अरुण मौर्या से निर्माण कार्य की निगरानी के बारे में जानकारी ली। जांच में सामने आया कि दोनों अभियंता निर्माण स्थल पर नियमित निगरानी नहीं कर रहे थे। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की भी समुचित जांच नहीं की जा रही थी। इसी वजह से घटिया ईंटों के इस्तेमाल जैसी खामियां सामने आईं।
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टांडा कोतवाली परिसर में 10 मंजिला आवासीय भवन का निर्माण करीब दो माह पहले शुरू हुआ था। इसमें दो बीएचके श्रेणी के 40 आवास बनाए जा रहे हैं। शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दी है। वर्तमान में भवन की चौथी मंजिल पर स्लैब डालने का काम चल रहा है।
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शनिवार को मुख्य अभियंता आरके वर्मा टीम के साथ निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। जांच के दौरान भवन में इस्तेमाल की जा रही ईंटें घटिया गुणवत्ता की मिलीं। इन ईंटों से कई स्थानों पर चुनाई भी कराई जा चुकी थी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण कराया जा रहा था। खामियां मिलने पर मुख्य अभियंता ने नाराजगी जताई और निर्माण कार्य में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
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निगरानी में लापरवाही पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता ने टांडा के अवर अभियंता मनीष पटेल और आलापुर के अवर अभियंता अरुण मौर्या से निर्माण कार्य की निगरानी के बारे में जानकारी ली। जांच में सामने आया कि दोनों अभियंता निर्माण स्थल पर नियमित निगरानी नहीं कर रहे थे। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की भी समुचित जांच नहीं की जा रही थी। इसी वजह से घटिया ईंटों के इस्तेमाल जैसी खामियां सामने आईं।