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22 हजार आबादी बिन बिजली-पानी
अंबेडकरनगर
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:32 PM IST
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अंबेडकरनगर के मालीपुर क्षेत्र में पिकअप की टक्कर से टूटकर गिरा विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर।
- फोटो : अमर उजाला
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विद्युत पोल के टूटने और विभिन्न क्षेत्रों में नौ ट्रांसफार्मरों के दगने से लगभग 22 हजार आबादी की बिजली आपूर्ति ठप है। इससे उपभोक्ताओं को जहां बिजली के लिए तरसना पड़ रहा है वहीं कई जगहों पर पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खबर लिखे जाने तक पिछले 18 घंटे से विभिन्न क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। अकबरपुर, मालीपुर व रफीगंज क्षेत्र के प्रभावित उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता में सुधार तय नहीं होगा, तब तक ऐसे ही हालात बनें रहेंगे। उपभोक्ताओं ने कहा कि जर्जर ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को काली सूची में डाला जाना होगा तभी स्थिति में सुधार तय हो पाएगा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भले ही सूबे में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की घोषणा की हो, लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी बाधा जर्जर उपकरण बनकर सामने आ रहे हैं।
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दरअसल दशकों से न तो ज्यादातर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्घि की जा सकी है, और न ही उपकेन्द्र के भीतर से लेकर बाहर तक जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की तरफ कोई ध्यान दिया जा रहा। इन्हीं सब का नतीजा है कि अक्सर विभिन्न गड़बड़ियों से आपूर्ति ठप होती रहती है।
गर्मी के दिनों में मुसीबत कुछ ज्यादा रहती है, लेकिन ठंड की शुरुआत होने के समय जब गीजर, हीटर व ब्लोअर जैसे उपकरण चलने शुरू हो गए हैं, तब आपूर्ति से जुड़े जर्जर उपकरणों पर दबाव एक बार फिर से बढ़ा है। इसी के चलते खबर लिखे जाने तक पिछले 18 घंटे से विभिन्न क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
जिला मुख्यालय से जाफरगंज होते हुए मालीपुर तक जाने वाले मार्ग पर एक दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति सोमवार रात 12 बजे सेे ठप पड़ी हुई है। इससे लगभग 5 हजार की आबादी प्रभावित है। जाफरगंज विद्युत उपकेन्द्र में तकनीकी गड़बड़ी आने से यह दिक्कत उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है।
उपभोक्ता श्यामू व दिवाकर ने बताया कि दोपहर तक तो उन्हें आपूर्ति बहाल हो जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। विद्युत कर्मचारियों ने बताया है कि देर रात तक आपूर्ति बहाल हो पाएगी।
उधर मालीपुर से नेमपुर घाट को जाने वाले मार्ग पर एक पिकप द्वारा विद्युत खंभे को क्षतिग्रस्त कर दिए जाने से भी 5 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप पड़ गई। इससे लगभग 2 हजार की आबादी प्रभावित हुई है।
उधर अकबरपुर, इल्तिफातगंज, जलालपुर व भीटी क्षेत्र के नौ ट्रांसफार्मर सोमवार देर शाम से लेकर मंगलवार भोर तक अलग अलग समय पर जवाब दे गए। इससे इन क्षेत्र के लगभग 15 हजार आबादी की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
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खबर लिखे जाने तक पिछले 18 घंटे से विभिन्न क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। अकबरपुर, मालीपुर व रफीगंज क्षेत्र के प्रभावित उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता में सुधार तय नहीं होगा, तब तक ऐसे ही हालात बनें रहेंगे। उपभोक्ताओं ने कहा कि जर्जर ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को काली सूची में डाला जाना होगा तभी स्थिति में सुधार तय हो पाएगा।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भले ही सूबे में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की घोषणा की हो, लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी बाधा जर्जर उपकरण बनकर सामने आ रहे हैं।
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दरअसल दशकों से न तो ज्यादातर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्घि की जा सकी है, और न ही उपकेन्द्र के भीतर से लेकर बाहर तक जर्जर हो चुके उपकरणों को बदले जाने की तरफ कोई ध्यान दिया जा रहा। इन्हीं सब का नतीजा है कि अक्सर विभिन्न गड़बड़ियों से आपूर्ति ठप होती रहती है।
गर्मी के दिनों में मुसीबत कुछ ज्यादा रहती है, लेकिन ठंड की शुरुआत होने के समय जब गीजर, हीटर व ब्लोअर जैसे उपकरण चलने शुरू हो गए हैं, तब आपूर्ति से जुड़े जर्जर उपकरणों पर दबाव एक बार फिर से बढ़ा है। इसी के चलते खबर लिखे जाने तक पिछले 18 घंटे से विभिन्न क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
जिला मुख्यालय से जाफरगंज होते हुए मालीपुर तक जाने वाले मार्ग पर एक दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति सोमवार रात 12 बजे सेे ठप पड़ी हुई है। इससे लगभग 5 हजार की आबादी प्रभावित है। जाफरगंज विद्युत उपकेन्द्र में तकनीकी गड़बड़ी आने से यह दिक्कत उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है।
उपभोक्ता श्यामू व दिवाकर ने बताया कि दोपहर तक तो उन्हें आपूर्ति बहाल हो जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। विद्युत कर्मचारियों ने बताया है कि देर रात तक आपूर्ति बहाल हो पाएगी।
उधर मालीपुर से नेमपुर घाट को जाने वाले मार्ग पर एक पिकप द्वारा विद्युत खंभे को क्षतिग्रस्त कर दिए जाने से भी 5 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप पड़ गई। इससे लगभग 2 हजार की आबादी प्रभावित हुई है।
उधर अकबरपुर, इल्तिफातगंज, जलालपुर व भीटी क्षेत्र के नौ ट्रांसफार्मर सोमवार देर शाम से लेकर मंगलवार भोर तक अलग अलग समय पर जवाब दे गए। इससे इन क्षेत्र के लगभग 15 हजार आबादी की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।