{"_id":"5cbca947bdec22144c194971","slug":"15558680448-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटता बढ़ता रहा विभिन्न चुनावों में मतदान प्रतिशत का दौर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटता बढ़ता रहा विभिन्न चुनावों में मतदान प्रतिशत का दौर
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अंबेडकरनगर। गठन के बाद से जिले में होने वाले विधानसभा व लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत घटता-बढ़ता रहा। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में सबसे कम 54 प्रतिशत, जबकि 2017 विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक 65 प्रतिशत मतदान हुआ। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले में कुल 13 लाख 61 हजार 12 मतदाता थे, जबकि इस लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 17 लाख 20 हजार 406 हो गई है। इस प्रकार 2017 से अब तक 3 लाख 59 हजार 394 मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है।
लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशतता में वृद्धि हो, इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। न सिर्फ जगह जगह मतदाता जागरूकता रैली निकाली जा रही, बल्कि जागरूकता संबंधित एक्सप्रेस बस व ट्रेन भी संचालित की जा रही हैं। इन सबके बावजूद लोकसभा चुनाव में हुए दो चरणों के मतदान में चुनाव प्रतिशत में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। इसे चुनाव आयोग ने गंभीरता से लेते हुए मत प्रतिशत वृद्धि के लिए विभिन्न प्रकार के दिशा निर्देश जारी किए हैं। चुनाव के मद्देनजर यदि अंबेडकरनगर जनपद की बात की जाए, तो जनपद गठन के बाद से हुए विधानसभा व लोकसभा चुनाव में मत प्रतिशत घटता बढ़ता रहा।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 1995 में जनपद गठन से पहले वर्ष 1991 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले के कुल 54 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। 1995 में जनपद गठन के बाद वर्ष 1996 में हुए विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया, लेकिन 2002 के विधानसभा चुनाव में 58 प्रतिशत हुआ। 2007 के विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत में कमी आई। मात्र 54 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 2012 के विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत में वृद्धि हुई। 62 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाले, तो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत पर पहुंच गया। इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में 60.19 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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दो वर्ष में बढ़े साढ़े तीन लाख मतदाता
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जिले में कुल मतदाता 13 लाख 61 हजार 12 मतदाता थे। इसके बाद से मतदाता सूची में नाम बढ़ाने के लिए चले मतदाता पुनरीक्षण अभियान में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 17 लाख 20 हजार 406 हो गई। इस प्रकार दो वर्ष में 3 लाख 59 हजार 394 मतदाता बढ़े। जिला निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक लालबहादुर ने बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग के दिशा निर्देश पर दिसंबर 2018 से अब तक चले विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान में 55 हजार 920 मतदाता बढ़े हैं। इसमें 23 हजार 240 पुरुष, 32 हजार 677 महिला व 3 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
बढ़ाया जाएगा मतदान प्रतिशत
मौजूदा लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। कड़ी गर्मी एक चुनौती जरूर बनेगी, लेकिन मतदाताओं को प्रेरित किया जा रहा कि वे अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रों तक अवश्य पहुंचे। लगातार स्वीप अभियान शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। -सुरेश कुमार, जिलाधिकारी
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लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशतता में वृद्धि हो, इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। न सिर्फ जगह जगह मतदाता जागरूकता रैली निकाली जा रही, बल्कि जागरूकता संबंधित एक्सप्रेस बस व ट्रेन भी संचालित की जा रही हैं। इन सबके बावजूद लोकसभा चुनाव में हुए दो चरणों के मतदान में चुनाव प्रतिशत में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। इसे चुनाव आयोग ने गंभीरता से लेते हुए मत प्रतिशत वृद्धि के लिए विभिन्न प्रकार के दिशा निर्देश जारी किए हैं। चुनाव के मद्देनजर यदि अंबेडकरनगर जनपद की बात की जाए, तो जनपद गठन के बाद से हुए विधानसभा व लोकसभा चुनाव में मत प्रतिशत घटता बढ़ता रहा।
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निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 1995 में जनपद गठन से पहले वर्ष 1991 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले के कुल 54 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। 1995 में जनपद गठन के बाद वर्ष 1996 में हुए विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया, लेकिन 2002 के विधानसभा चुनाव में 58 प्रतिशत हुआ। 2007 के विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत में कमी आई। मात्र 54 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 2012 के विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत में वृद्धि हुई। 62 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाले, तो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत पर पहुंच गया। इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में 60.19 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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दो वर्ष में बढ़े साढ़े तीन लाख मतदाता
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जिले में कुल मतदाता 13 लाख 61 हजार 12 मतदाता थे। इसके बाद से मतदाता सूची में नाम बढ़ाने के लिए चले मतदाता पुनरीक्षण अभियान में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 17 लाख 20 हजार 406 हो गई। इस प्रकार दो वर्ष में 3 लाख 59 हजार 394 मतदाता बढ़े। जिला निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक लालबहादुर ने बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग के दिशा निर्देश पर दिसंबर 2018 से अब तक चले विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान में 55 हजार 920 मतदाता बढ़े हैं। इसमें 23 हजार 240 पुरुष, 32 हजार 677 महिला व 3 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
बढ़ाया जाएगा मतदान प्रतिशत
मौजूदा लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। कड़ी गर्मी एक चुनौती जरूर बनेगी, लेकिन मतदाताओं को प्रेरित किया जा रहा कि वे अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रों तक अवश्य पहुंचे। लगातार स्वीप अभियान शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। -सुरेश कुमार, जिलाधिकारी