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उफनाई सरयू से बढ़ी माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें
Updated Wed, 09 Aug 2017 11:48 PM IST
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माझा उलटहवा में सरयू उफान पर
टांडा/राजेसुल्तानपुर। उफनाई सरयू नदी से टांडा व आलापुर तहसील के माझा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। बुधवार को हालांकि जलस्तर में छह सेंटीमीटर की कमी आई लेकिन अभी भी टांडा तहसील क्षेत्र के माझा उलटहवा के तीन मजरों में बाढ़ का पानी बना हुआ है जबकि लगभग एक दर्जन गांव व आधा दर्जन मोहल्ले के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। माझा उलटहवा क्षेत्र में आवागमन के मद्देनजर प्रशासन ने आठ नावों की व्यवस्था कर दी है। उधर, आलापुर तहसील अंतर्गत आधा दर्जन गांवों के निकट भी बाढ़ का पानी बना हुआ है। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कत हो रही है। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे की बनी हुई है।
गौरतलब है कि मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इससे टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र में न सिर्फ ढाई सौ बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई थी बल्कि दो दर्जन से अधिक गांव के करीब तक बाढ़ का पानी पहुंच गया था। टांडा तहसील क्षेत्र अंतर्गत माझा उलटहवा के तीन पुरवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से प्राथमिक विद्यालय में छुट्टी घोषित कर दी गई थी। नदी का जलस्तर देर शाम स्थिर हो गया था। इससे लोगों को उम्मीद थी कि जलस्तर में तेजी से कमी होगी। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद निकटवर्ती गांवों के लोगों के सामने विभिन्न समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
विद्युतनगर प्रतिनिधि के अनुसार माझा उलटहवा के तीन पुरवों में अभी भी बाढ़ का पानी बना हुआ है। इसके अलावा करमपुर बरसावां, अवसानपुर, सालारपुर, महरीपुर, आसोपुर, बेलदहा, छज्जापुर, फूलपुर, केवटला, पल्टूपीर-चौथइया, पैकोलिया, गौरागूजर, बेलहरी, बसावनपुर व पिपरी मोहमदी गांव के पास तक नदी का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ के पानी से प्रभावित कल्लू का पूरा, पटपरवा, बद्री का पूरा, अराजी देवरा, करिया लोनिया का पूरा व हंसू का पूरा गांव में पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को पानी में घुसकर चारे की व्यवस्था करने को विवश होना पड़ रहा है।
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एडीएम गिरिजेश त्यागी ने बताया कि बुधवार को मंगलवार की अपेक्षा सरयू के जलस्तर में कमी आई है। स्थिति अभी नियंत्रण में है। बाढ़ पर प्रशासन की पूरी नजर है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को ड्यूटी वाले क्षेत्रों में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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टांडा/राजेसुल्तानपुर। उफनाई सरयू नदी से टांडा व आलापुर तहसील के माझा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। बुधवार को हालांकि जलस्तर में छह सेंटीमीटर की कमी आई लेकिन अभी भी टांडा तहसील क्षेत्र के माझा उलटहवा के तीन मजरों में बाढ़ का पानी बना हुआ है जबकि लगभग एक दर्जन गांव व आधा दर्जन मोहल्ले के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। माझा उलटहवा क्षेत्र में आवागमन के मद्देनजर प्रशासन ने आठ नावों की व्यवस्था कर दी है। उधर, आलापुर तहसील अंतर्गत आधा दर्जन गांवों के निकट भी बाढ़ का पानी बना हुआ है। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कत हो रही है। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे की बनी हुई है।
गौरतलब है कि मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इससे टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र में न सिर्फ ढाई सौ बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई थी बल्कि दो दर्जन से अधिक गांव के करीब तक बाढ़ का पानी पहुंच गया था। टांडा तहसील क्षेत्र अंतर्गत माझा उलटहवा के तीन पुरवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से प्राथमिक विद्यालय में छुट्टी घोषित कर दी गई थी। नदी का जलस्तर देर शाम स्थिर हो गया था। इससे लोगों को उम्मीद थी कि जलस्तर में तेजी से कमी होगी। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद निकटवर्ती गांवों के लोगों के सामने विभिन्न समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
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विद्युतनगर प्रतिनिधि के अनुसार माझा उलटहवा के तीन पुरवों में अभी भी बाढ़ का पानी बना हुआ है। इसके अलावा करमपुर बरसावां, अवसानपुर, सालारपुर, महरीपुर, आसोपुर, बेलदहा, छज्जापुर, फूलपुर, केवटला, पल्टूपीर-चौथइया, पैकोलिया, गौरागूजर, बेलहरी, बसावनपुर व पिपरी मोहमदी गांव के पास तक नदी का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ के पानी से प्रभावित कल्लू का पूरा, पटपरवा, बद्री का पूरा, अराजी देवरा, करिया लोनिया का पूरा व हंसू का पूरा गांव में पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को पानी में घुसकर चारे की व्यवस्था करने को विवश होना पड़ रहा है।
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एडीएम गिरिजेश त्यागी ने बताया कि बुधवार को मंगलवार की अपेक्षा सरयू के जलस्तर में कमी आई है। स्थिति अभी नियंत्रण में है। बाढ़ पर प्रशासन की पूरी नजर है। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को ड्यूटी वाले क्षेत्रों में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।